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किसान 1.91 लाख, बीमा सिर्फ 22 हजार किसानों का

Tue, 17 Dec 2019 12:33 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 17 Dec 2019 12:33 AM IST
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chandauli news
चंदौली। बारिश ने जिले के किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों में खड़ी फसल तथा खलिहान में रखा अनाज भींग कर खराब हो रहा है। वहीं प्रधानमंत्री फसल बीमा का लाभ उन्हीं किसानों को मिलना है जिन्होंने धान की फसल का बीमा कराया है। अब वे किसान परेशान हैं जिन्होंने बीमा नहीं कराया है और बारिश में उनकी फसल बर्बाद हो गई है। जिले के 191240 किसानों का कृषि विभाग में पंजीकरण है। इसमें 22323 किसानों ने प्रधानमंत्री किसान फसल बीमा कराया है। साथ ही बीमा का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा जिनकी फसल खेत में पड़ी है। अब नियमों के बंधन के चलते मुआवजे की आस लगाए किसानों की समस्या कम नहीं हा रही है।
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जिले के 191240 किसानों का कृषि विभाग ने पंजीकरण किया है। इसमें 54 हजार लोग किसान क्रेडिट कार्ड धारक है। जबकि 22323 किसानों ने प्रधानमंत्री किसान फसल बीमा के तहत पंजीकरण कराने के बाद प्रीमियम का भुगतान किया है। इंश्योरेंस कंपनी द्वारा फसल नुकसान का मुआवजा केवल उन्हीं किसानों को दिया जाएगा जिन्होंने खरीफ की फसल का बीमा कराया है। ऐसे में बाकी किसानों के सामने फसल बर्बाद होने की क्षतिपूर्ति कैसे होगी इस पर संकट खड़ा हो गया है। इस वर्ष लगभग सवा लाख हेक्टेयर में धान की खेती हुई थी। लेकिन 12 से 13 दिसंबर की बारिश के चलते बड़े पैमाने पर धान की फसल का नुकसान हुआ है। आंकड़ों के अनुसार अभी 20 फीसदी धान की फसल की कटाई होना शेष है और ज्यादातर किसानों की फसल कटाई के बाद खलिहान में पड़ी है।
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पहले पराली, मौसम की मार, अब नियमों के भंवर में किसान
चंदौली। धान की फसल तैयार होने के बाद जैसे ही कटाई शुरू हुई तो पराली जलाने का संकट खड़ा हो गया। किसान इससे उबरने का प्रयास ही कर रहे थे कि बेमौसम बारिश ने उनकी सांसे थाम दी। अब बर्बाद फसल की क्षतिपूर्ति का वक्त आया तो फसल बीमा योजना आड़े आ गई कि इस योजना के तहत उन्हीं किसानों को क्षतिपूर्ति की जाएगी जिन्होंने बीमा कराया है। अब कृषि विभाग के अनुसार 1.91 लाख किसान पंजीकृत हैं और पीएम फसल बीमा कराया है सिर्फ 22 हजार किसानों ने। इन्हीं को लाभ मिलेगा।
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उप कृषि निदेशक विजय सिंह ने बताया कि 11 से 13 दिसम्बर को जनपद में असामयिक वर्षा होने से धान की खड़ी फसल एवं काटकर खेत में पड़ी धान की फसल को क्षति हुई है। क्षति का कवरेज प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत होने बीमित कृषकों को क्लेम मिलेगा। लेकिन कटाई के बाद खेत में पड़ी फसल के लिए कृषकों को 72 घंटे के अंदर अपना दावा यूनीवर्सल सोम्पो जनरल इन्श्योरेश कम्पनी को व्यक्तिगत रूप से करना होगा।
इनसेट
खेत में कटी फसल का टोल फ्री नंबर पर करें दावा
उप कृषि निदेशक विजय सिंह ने बताया कि जो किसान धान की कटाई के बाद खेत में फसल छोड़े दिए हैँ उसकी क्षति के संबंध में अपना दावा 72 घंटे के अन्दर टोल फ्री नंबर 1800120909090 तथा जनपद स्तर पर बीमा कंपनी के प्रतिनिधि मिथिलेश कुमार पांडेय के मोबाइल नंबर 9695087879 तथा पवन राय के मोबाइल नंबर 9455153539, 8112696266 को दूरभाष एवं ह्वाटसएप के माध्यम से कर सकते हैं। अपने निकटतम राजकीय कृषि बीज भंडार पर भी अपना दावा लिखित में कर सकते है। वहीं तहसील स्तर पर स्थापित उपसंभागीय कृषि प्रसार अधिकारी एवं उप कृषि निदेशक कार्यालय में भी अपना दावा प्रस्तुत कर सकते हैं। उसे स्वीकार किया जाएगा।

कोट......
बारिश के बाद खेत में पड़ी फसल का सर्वे कराया जा रहा है। सिर्फ खेत में पड़ी फसल बर्बाद होने की दशा में किसानों की बीमा कंपनी की ओर से भुगतान होगा। वहीं खलिहान में पड़ी फसल का सर्वे नहीं होगा। इसके लिए राजस्व, कृषि विभाग तथा बीमा कंपनी के कर्मचारियों की संयुक्त टीम बनाई गई है जो भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट देगी। इसके बाद निर्णय लिया जाएगा। विजय सिंह, उप कृषि निदेशक।
रिपोर्ट रविकांत सिंह
संपादन-जय नारायण
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