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उत्तराखंड में बारिश, बदायूं में अलर्ट, गंगा फिर उफान की ओर
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सहसवान में कटान करतीं गंगा। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। उत्तराखंड में भारी बारिश ने वहां तबाही मचा रखी है। गंगा ने रौद्र रूप ले लिया है। हरिद्वार से अब गंगा में ज्यादा पानी छोड़ा जा रहा है। शनिवार को हरिद्वार से गंगा में 2.21 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। यह पानी अभी बदायूं नहीं पहुंचा है। सोमवार दोपहर तक इस पानी के बदायूं पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में जिले में बाढ़ खंड ने अलर्ट कर दिया है। इए बीच रविवार को गंगा ने मीटर गेज पर फिर से खतरे का निशान पार कर दिया है।
शनिवार को मीटर गेज पर गंगा का जलस्तर 161.99 था जो रविवार शाम छह बजे बढ़ कर 162.02 हो गया है। मीटर गेज पर चेतावनी का निशान 161 और खतरे का निशान 162 मीटर पर है। शनिवार को गंगा में नरौरा से 37441, बिजनौर से 126499 और हरिद्वार से 213116 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। रविवार को नरौरा से 102623, बिजनौर से 137772 और हरिद्वार से 75835 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। नरौरा से गंगा में एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी आने के बाद उफान आ गया है। तटबंधों पर दबाव बढ़ गया है। जलस्तर में इजाफा होने से सहसवान के तटवर्ती वीर सहाय नगला, बसौलिया, तौफी नगला, परशुराम नगला, खागी नगला और उसहैत के जटा, कमलैयापुर, अहमदनगर बछौरा, असमया रफतपुर गांवों को फिर से खतरा बढ़ गया है।
करीब 25 दिन के बाद शनिवार को गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से कुछ नीचे आया था, लेकिन शनिवार को एक बार फिर से खतरे के निशान को पार कर गया। इससे पहले बृहस्पतिवार को मीटर गेज पर जलस्तर रिकार्ड 162.52 मीटर तक पहुंच गया था। सह खतरे के निशान से 52 सेमी ऊपर है। शुक्रवार को जलस्तर में कुछ कमी आई। इस बीच खतरे के निशान पर जलस्तर 162.20 मीटर रहा। शनिवार को जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया था, लेकिन रविवार को एक बार फिर से खतरे का निशान पार कर दिया। सोमवार को जलस्तर में और इजाफा हो सकता है।
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उत्तराखंड में भारी बारिश के बीच यहां भी गंगा के जलस्तर में तेजी से इजाफा हो रहा है। संभावित खतरे को लेकर अलर्ट कर दिया गया है। तटबंधों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। सोमवार को जलस्तर में कुछ और इजाफा होने की आशंका है। कटान रोकने के सभी प्रबंध किए जा रहे हैं।-नेशपाल सिंह, सहायक अभियंता बाढ़ खंड
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शनिवार को मीटर गेज पर गंगा का जलस्तर 161.99 था जो रविवार शाम छह बजे बढ़ कर 162.02 हो गया है। मीटर गेज पर चेतावनी का निशान 161 और खतरे का निशान 162 मीटर पर है। शनिवार को गंगा में नरौरा से 37441, बिजनौर से 126499 और हरिद्वार से 213116 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। रविवार को नरौरा से 102623, बिजनौर से 137772 और हरिद्वार से 75835 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। नरौरा से गंगा में एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी आने के बाद उफान आ गया है। तटबंधों पर दबाव बढ़ गया है। जलस्तर में इजाफा होने से सहसवान के तटवर्ती वीर सहाय नगला, बसौलिया, तौफी नगला, परशुराम नगला, खागी नगला और उसहैत के जटा, कमलैयापुर, अहमदनगर बछौरा, असमया रफतपुर गांवों को फिर से खतरा बढ़ गया है।
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करीब 25 दिन के बाद शनिवार को गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से कुछ नीचे आया था, लेकिन शनिवार को एक बार फिर से खतरे के निशान को पार कर गया। इससे पहले बृहस्पतिवार को मीटर गेज पर जलस्तर रिकार्ड 162.52 मीटर तक पहुंच गया था। सह खतरे के निशान से 52 सेमी ऊपर है। शुक्रवार को जलस्तर में कुछ कमी आई। इस बीच खतरे के निशान पर जलस्तर 162.20 मीटर रहा। शनिवार को जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया था, लेकिन रविवार को एक बार फिर से खतरे का निशान पार कर दिया। सोमवार को जलस्तर में और इजाफा हो सकता है।
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उत्तराखंड में भारी बारिश के बीच यहां भी गंगा के जलस्तर में तेजी से इजाफा हो रहा है। संभावित खतरे को लेकर अलर्ट कर दिया गया है। तटबंधों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। सोमवार को जलस्तर में कुछ और इजाफा होने की आशंका है। कटान रोकने के सभी प्रबंध किए जा रहे हैं।-नेशपाल सिंह, सहायक अभियंता बाढ़ खंड