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वीरेश यादव की कछला घाट के आश्रमों में तलाश
बदायूं, ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jun 2016 12:12 AM IST
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अटैना घाट के आश्रम से हुई थी राकेश की गिरफ्तारी
जवाहर बाग कांड के टॉप 20 में वीरेश भी शामिल
जवाहर बाग कांड के आरोपियों की तलाश में लगीं खुफिया एजेंसियों, एसटीएफ और पुलिस टीमों की नजर अब कछला घाट के आश्रमों पर टिक गई है। जवाहर बाग के टॉप 20 वांछितों में शामिल वीरेश यादव की गिरफ्तारी के लिए अब पुलिस जुटी हुई है। राकेश गुप्ता की गिरफ्तारी उसहैत क्षेत्र में अटैना गंगा घाट के एक आश्रम से होने के बाद शक है कि वीरेश भी इसी तरह से छिपा हो सकता है।
दो जून को हुए जवाहर बाग कांड में बदायूं के हजरतपुर थाने के गांव गढ़िया शाहपुर का राकेश गुप्ता और उझानी कोतवाली के गांव रियोनइया का वीरेश यादव भी आरोपी है। उपद्रव के बाद से ही दोनों फरार थे। शुक्रवार को पुलिस ने राकेश गुप्ता को अटैना घाट स्थित एक आश्रम से गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में राकेश ने बताया था कि वह तीन जून को ही बदायूं आ गया था। एसटीएफ और पुलिस इस बात से इंकार नहीं कर रहे कि वीरेश यादव भी बदायूं में ही छिपा हो सकता है।
उसहैत के अटैना गंगा घाट के बाद अब गंगा का कछला घाट एजेंसियों के रडार पर है। दो दिन पहले एसटीएफ ने रियोनइया में छापामारी कर वीरेश के भाई रामऔतार को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। वीरेश के भतीजे कर्रू की भी पुलिस को तलाश है। जवाहर बाग कांड के बाद से वह भी लापता है।
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किरकिरी से बचना चाह रही एसटीएफ
बदायूं। राकेश गुप्ता की गिरफ्तारी में एसटीएफ, आगरा की किरकिरी हो चुकी है। ऐसे में एसटीएफ जवाहर बाग कांड में कुछ गुडवर्क करना चाहती है। एसटीएफ का पूरा फोकस वीरेश यादव की गिरफ्तारी पर है। राकेश गुप्ता को उसहैत पुलिस ने गिरफ्तार किया था और एसटीएफ हाथ मलती रह गई थी।
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हजरतपुर की कटरी से हुई थी हथियारों की सप्लाई
दातागंज। जवाहर बाग में हथियारों की सप्लाई हजरतपुर थाना क्षेत्र की कटरी से हुई थी। जवाहर बाग कांड से पहले कई महीने कटरी के गांव कटकौरा और अकट में शस्त्र फैक्ट्रियां चली थीं। जांच में यह बात सामने आ चुकी है। हजरतपुर से जवाहर बाग तक शस्त्रों की सप्लाई के लिए राकेश गुप्ता की सफारी गाड़ी का इस्तेमाल होता था।
दातागंज तहसील के थाना हजरतपुर की सीमाएं दातागंज थाने के साथ शाहजहांपुर के थाना गढ़िया रंगीन और जैतीपुर से मिलती हैं। जवाहर बाग के आरोपी राकेश गुप्ता का पैतृक गांव हजरतपुर थाने के गांव गढ़िया शाहपुर है। जवाहर बाग कांड दो जून को हुआ था। इससे पहले करीब दो महीने तक हजरतपुर थाना क्षेत्र में कटरी इलाके के गांवों में अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्रियां चली थीं। गौर करने वाली बात यह है कि चालू साल के पांच महीने में सबसे ज्यादा शस्त्र फैक्ट्रियां दातागंज सर्किल के थाना क्षेत्रों में ही पकड़ी गई थीं। गिरफ्तारी के बाद राकेश गुप्ता ने भी पूछताछ में हथियारों की सप्लाई की बात स्वीकार की थी।
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शस्त्रों की दुकानों से खरीदता था कारतूस
बदायूं। जेल जाने से पहले राकेश ने इस बात का भी खुलासा किया था कि वह शस्त्रों की दुकानों से लाइसेंस पर कारतूस खरीद कर रामवृक्ष को सप्लाई करता था। राकेश के पास खुद का पिस्टल और रायफल का लाइसेंस था। वह अपने मिलने वालों के लाइसेंस से भी कारतूस लिया करता था। पुलिस राकेश गुप्ता को कारतूस सप्लाई करने वालों की भी पड़ताल कर रही है।
जवाहर बाग कांड के टॉप 20 में वीरेश भी शामिल
जवाहर बाग कांड के आरोपियों की तलाश में लगीं खुफिया एजेंसियों, एसटीएफ और पुलिस टीमों की नजर अब कछला घाट के आश्रमों पर टिक गई है। जवाहर बाग के टॉप 20 वांछितों में शामिल वीरेश यादव की गिरफ्तारी के लिए अब पुलिस जुटी हुई है। राकेश गुप्ता की गिरफ्तारी उसहैत क्षेत्र में अटैना गंगा घाट के एक आश्रम से होने के बाद शक है कि वीरेश भी इसी तरह से छिपा हो सकता है।
दो जून को हुए जवाहर बाग कांड में बदायूं के हजरतपुर थाने के गांव गढ़िया शाहपुर का राकेश गुप्ता और उझानी कोतवाली के गांव रियोनइया का वीरेश यादव भी आरोपी है। उपद्रव के बाद से ही दोनों फरार थे। शुक्रवार को पुलिस ने राकेश गुप्ता को अटैना घाट स्थित एक आश्रम से गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में राकेश ने बताया था कि वह तीन जून को ही बदायूं आ गया था। एसटीएफ और पुलिस इस बात से इंकार नहीं कर रहे कि वीरेश यादव भी बदायूं में ही छिपा हो सकता है।
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उसहैत के अटैना गंगा घाट के बाद अब गंगा का कछला घाट एजेंसियों के रडार पर है। दो दिन पहले एसटीएफ ने रियोनइया में छापामारी कर वीरेश के भाई रामऔतार को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। वीरेश के भतीजे कर्रू की भी पुलिस को तलाश है। जवाहर बाग कांड के बाद से वह भी लापता है।
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किरकिरी से बचना चाह रही एसटीएफ
बदायूं। राकेश गुप्ता की गिरफ्तारी में एसटीएफ, आगरा की किरकिरी हो चुकी है। ऐसे में एसटीएफ जवाहर बाग कांड में कुछ गुडवर्क करना चाहती है। एसटीएफ का पूरा फोकस वीरेश यादव की गिरफ्तारी पर है। राकेश गुप्ता को उसहैत पुलिस ने गिरफ्तार किया था और एसटीएफ हाथ मलती रह गई थी।
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हजरतपुर की कटरी से हुई थी हथियारों की सप्लाई
दातागंज। जवाहर बाग में हथियारों की सप्लाई हजरतपुर थाना क्षेत्र की कटरी से हुई थी। जवाहर बाग कांड से पहले कई महीने कटरी के गांव कटकौरा और अकट में शस्त्र फैक्ट्रियां चली थीं। जांच में यह बात सामने आ चुकी है। हजरतपुर से जवाहर बाग तक शस्त्रों की सप्लाई के लिए राकेश गुप्ता की सफारी गाड़ी का इस्तेमाल होता था।
दातागंज तहसील के थाना हजरतपुर की सीमाएं दातागंज थाने के साथ शाहजहांपुर के थाना गढ़िया रंगीन और जैतीपुर से मिलती हैं। जवाहर बाग के आरोपी राकेश गुप्ता का पैतृक गांव हजरतपुर थाने के गांव गढ़िया शाहपुर है। जवाहर बाग कांड दो जून को हुआ था। इससे पहले करीब दो महीने तक हजरतपुर थाना क्षेत्र में कटरी इलाके के गांवों में अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्रियां चली थीं। गौर करने वाली बात यह है कि चालू साल के पांच महीने में सबसे ज्यादा शस्त्र फैक्ट्रियां दातागंज सर्किल के थाना क्षेत्रों में ही पकड़ी गई थीं। गिरफ्तारी के बाद राकेश गुप्ता ने भी पूछताछ में हथियारों की सप्लाई की बात स्वीकार की थी।
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शस्त्रों की दुकानों से खरीदता था कारतूस
बदायूं। जेल जाने से पहले राकेश ने इस बात का भी खुलासा किया था कि वह शस्त्रों की दुकानों से लाइसेंस पर कारतूस खरीद कर रामवृक्ष को सप्लाई करता था। राकेश के पास खुद का पिस्टल और रायफल का लाइसेंस था। वह अपने मिलने वालों के लाइसेंस से भी कारतूस लिया करता था। पुलिस राकेश गुप्ता को कारतूस सप्लाई करने वालों की भी पड़ताल कर रही है।