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हवाला के लिए बदनाम गांवों में आतंकी दस्तक
रजनीश पांडेय, बदायूं।
Updated Thu, 26 Feb 2015 12:23 AM IST
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हवाला कारोबार के लिए बदनाम बिसौली के आधा दर्जन गांवों में आतंकवाद दस्तक दे रहा है। सितंबर 2014 में बिजनौर के मोहल्ला जाटान में हुए बम ब्लास्ट की आंच बिसौली कोतवाली क्षेत्र के इन गांवों तक पहुंचने के बाद लोग हैरत में हैं। ये गांव हवाला कारोबार को लेकर सीबीआई के निशाने पर रहे हैं। कई बार यहां सीबीआई छापेमारी भी कर चुकी है। अब ये गांव आतंकवादी निरोधक दस्ता (एटीएस) के निशाने पर हैं, जिन आतंकियों के बदायूं आने की संभावना जताई जा रही है, उनका हाथ एटीएस के दो जवानों की हत्या में भी होने की बात सामने आ रही है।
बिसौली कोतवाली क्षेत्र के दबतोरी, संग्रामपुर, लक्ष्मीपुर, दबतोरा और पपगांव के करीब एक दर्जन लोगों का हवाला कारोबार से नाता था। हवाला कारोबार की जांच में जुटी सीबीआई ने 2013 में गांवों में छापामारी की थी। सीबीआई को जिन लोगों की तलाश थी, वह नहीं मिले। जांच एजेंसी ने पपगांव के अलीम, दबतोरा के नफीस, संग्रामपुर के ताहिर, बबलू और सुल्तान समेत एक दर्जन घरों पर नोटिस चस्पा किए थे। जांच एजेंसी इन गांवों के कई लोगों से पूछताछ भी कर चुकी है। पिछले साल कुछ गांवों में दिल्ली, हरियाणा, पश्चिमी बंगाल की एटीएस भी छापामारी कर चुकी है।
एटीएस सूत्रों की मानें तो बिजनौर बम ब्लास्ट से जुड़े आतंकवादियों के तार इन गांवों से जुड़े हो सकते हैं। अंदेशा ये भी है कि इन आतंकवादियों का संबंध 2011 में भोपाल की मण्णमपुरम में ज्वैलरी शॉप डकैती समेत 2010 में रतलाम में एटीएस जवान रविशंकर और 2009 में एटीएस जवान सीताराम यादव की हत्या से भी हो सकता है। फिलहाल एटीएस टीम इस मामले में अहम सुराग जुटाने में जुटी है। यहां संदिग्ध लोगों के ठिकाने खंगालने के बाद टीम उनकी लोकेशन दूसरी जगह ट्रेस होने पर यहां से मंगलवार की रात मूव कर गई।
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बिसौली कोतवाली क्षेत्र के दबतोरी, संग्रामपुर, लक्ष्मीपुर, दबतोरा और पपगांव के करीब एक दर्जन लोगों का हवाला कारोबार से नाता था। हवाला कारोबार की जांच में जुटी सीबीआई ने 2013 में गांवों में छापामारी की थी। सीबीआई को जिन लोगों की तलाश थी, वह नहीं मिले। जांच एजेंसी ने पपगांव के अलीम, दबतोरा के नफीस, संग्रामपुर के ताहिर, बबलू और सुल्तान समेत एक दर्जन घरों पर नोटिस चस्पा किए थे। जांच एजेंसी इन गांवों के कई लोगों से पूछताछ भी कर चुकी है। पिछले साल कुछ गांवों में दिल्ली, हरियाणा, पश्चिमी बंगाल की एटीएस भी छापामारी कर चुकी है।
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एटीएस सूत्रों की मानें तो बिजनौर बम ब्लास्ट से जुड़े आतंकवादियों के तार इन गांवों से जुड़े हो सकते हैं। अंदेशा ये भी है कि इन आतंकवादियों का संबंध 2011 में भोपाल की मण्णमपुरम में ज्वैलरी शॉप डकैती समेत 2010 में रतलाम में एटीएस जवान रविशंकर और 2009 में एटीएस जवान सीताराम यादव की हत्या से भी हो सकता है। फिलहाल एटीएस टीम इस मामले में अहम सुराग जुटाने में जुटी है। यहां संदिग्ध लोगों के ठिकाने खंगालने के बाद टीम उनकी लोकेशन दूसरी जगह ट्रेस होने पर यहां से मंगलवार की रात मूव कर गई।
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