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लाउडस्पीकर हटाने हटाने की बात पर गुस्साए लोग, धरना देकर किया रोड जाम

Updated Sun, 20 Aug 2017 10:03 AM IST
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उझानी (बदायूं)।
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मानकपुर गांव में जन्माष्टमी वाले दिन एक धर्मस्थल की पहले बिजली कटवा देने फिर लाउडस्पीकर को हटवाने की कहने पर लोगों में शनिवार सुबह उबाल आ गया। कई महिला और पुरुष यहां आकर विश्व हिंदू परिषद और हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारियों से मिले। उन्होंने हिंदूवादी संगठनों के नेताओं के साथ घंटाघर चौराहे पर प्रदर्शन किया। जाम भी लगा दिया। हंगामे और प्रदर्शन की भनक लगते ही तहसीलदार और सीओ मौके पर पहुंचे और दो घंटे की मशक्कत के बाद लोगों को शांत किया।
कोतवाली क्षेत्र के गांव मानकपुर में जन्माष्टमी वाले दिन देवी के मंदिर को सजाया गया था। सजावट के दौरान ही लोगों ने लाउडस्पीकर लगवा लिया। राजेंद्र और विनय शंकर ने बताया- उसी दिन देर रात समुदाय विशेष के एक व्यक्ति के कहने पर मंदिर की बिजली काट दी गई। यह बात अगले दिन सुबह उस वक्त पता लगी जब उसी व्यक्ति ने अपने परिचित को लाउडस्पीकर हटवाने की कहने के लिए मौके पर भेजा। शुक्रवार शाम को मंदिर से जुड़े लोगों ने इसकी शिकायत कोतवाली पुलिस से भी की। शनिवार सुबह में ग्रामीणों को लगा कि लाउडस्पीकर हटवा दिया जाएगा तो उन्होंने हिंदूवादी संगठनों के नेताओं की शरण ली। इसके बाद ग्रामीण नारेबाजी करते हुए चौराहे पर जुटे युवकों ने जमकर हंगामा किया। प्रभारी निरीक्षक संजय गोयल उन्हें समझाने के लिए पहुंचे तो प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक अफसरों को बुलाकर वार्ता कराने की जिद पकड़ ली। प्रभारी निरीक्षक ने तहसीलदार सदर आरपी चौधरी और सीओ एसके सिंह को बुला लिया। करीब दो घंटा तक चले प्रदर्शन और हंगामे के बाद अफसर प्रदर्शनकारियों को अपने साथ कोतवाली बुला कर ले गए। बाद में सहमति बनी कि लाउडस्पीकर लगा रहेगा। वार्ता के दौरान मुकेश पटेल, अरविंद शर्मा, अशोक तोमर, अनिल सोलंकी, डीके मथुरिया, मोहित प्रभाकर, नितिन तोमर, गौरव सिंह, हरनंदी, सरोज, ऊषा देवी, फूलवती, राजेंद्र, वीरेंद्र सिंह, रामेश्वर दयाल, ओमवीर, शरद माहेश्वरी, नरेश मौजूद थे।

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मरीज और बच्चे हुए परेशान
उझानी। घंटाघर चौराहे पर प्रदर्शन और जाम के दौरान कुछेक युवकों ने साइकिलें खड़ा करके आवागमन प्रभावित कर दिया। पीलीभीत जिले से दवा लेने के लिए पहुंची बीमार वृद्धा मोहिनी को हकीम तक पहुंचाने के लिए प्रदर्शनकारियों ने कार को नहीं निकलने दिया। घरवाले उसे कंधे पर लादकर हकीम के पास पहुंचे। स्कूली बच्चों की वैन को बमुश्किल निकलने दिया गया।
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वर्जन
मामला कुछ खास नहीं है। जब किसी को आपत्ति नहीं है तो कोई क्यों लाउडस्पीकर उतरवाएगा। फिर भी मौजूदा माहौल को देखते हुए हालात पर नजर रखे जा रहे हैं। अगर किसी ने भी माहौल खराब करने की कोशिश की तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
- संजय गोयल, प्रभारी निरीक्षक।

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