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आरोपी घूम रहे खुलेआम, पुलिस को डीएनए रिपोर्ट आने का इंतजार

Tue, 16 Apr 2019 02:19 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 16 Apr 2019 02:19 AM IST
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आरोपी घूम रहे खुलेआम, पुलिस को डीएनए रिपोर्ट आने का इंतजार
उझानी (बदायूं)। कोतवाली क्षेत्र के गांव सावंती नगला से सितंबर-2018 में लापता कलाकार धीरज यादव के मामले में पुलिस रिकार्ड पर गौर करें तो अब तक कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है। गांव के पास झील से पिछले महीने जो कंकाल मिला था, घरवालों ने उसे धीरज का बताया था लेकिन पुलिस यह मानने को तैयार नहीं है कि कंकाल धीरज का था। उसी दौरान गुमशुदगी के मामले को अपहरण में तरमीम कर तीन आरोपियों को हिरासत में भी ले लिया गया। डीएनए रिपोर्ट आने में देरी की वजह से आरोपियों को पुलिस हिरासत से मुक्ति मिल गई।
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सावंती नगला के दीप सिंह के लापता बेटे धीरज को लेकर घरवाले उसकी हत्या हो जाने की बात उसी समय मान बैठे थे जब चार महीने पहले गांव के ही पास झील में उसके कपड़े पड़े मिले थे। पुलिस ने गोताखोरों के जरिए झील में तलाशी भी कराई लेकिन कोई क्लू नहीं मिला। पिछले महीने झील में पानी कम हो जाने के बाद घरवालों ने खुद छानबीन की तो उन्हें कंकाल मिला था। कंकालनुमा कलाई पर ब्रेसलेट को देख पिता दीप सिंह और भाई करन सिंह ने कंकाल धीरज का बताया था। इसके बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम की औपचारिकता पूरी की। धीरज के माता-पिता का डीएनए टेस्ट कराने के लिए खून का नमूना भी लिया गया था। धीरज के भाई करन सिंह ने बताया कि पुलिस ने कंकाल बरामदगी के साथ ही उन तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया था जिनके खिलाफ उसने गुमशुदगी का मामला अपहरण में तरमीम कराया था। पुलिस पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ चुकी है। आरोपियों को हिरासत मुक्त करने की वजह पूछने पर पुलिस ने घरवालों से कहा था कि डीएनए रिपोर्ट आने तक उन्हें जेल नहीं भेजा जा सकता। बता दें कि अपहरण की रिपोर्ट कछला के रिंकू, मनोज, दहेमू निवासी गोपी समेत चार के खिलाफ दर्ज हुई थी। करन सिंह का कहना है कि डीएनए टेस्ट तो औपचारिकता है। असलियत में पुलिस को भी सबकुछ पता है।
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धीरज के अपहरण की घटना के बाद बरामद कंकाल के मामले में डीएनए रिपोर्ट अभी नहीं आई है। उसके माता-पिता का डीएनए कंकाल से मैच करता है, तभी धीरज को मृत कहा जा सकेगा। डीएनए रिपोर्ट मंगाने के लिए रिमाइंडर भेजा गया है।
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-विनोद कुमार चाहर, प्रभारी निरीक्षक
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