{"_id":"5e400ce18ebc3ee59c636708","slug":"cib-investigation-badaun-news-bly395174423","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसने चोरा रेलवे का तार, धरपकड़ को सीआईबी ने बरेली से कासगंज तक बिछाया जाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसने चोरा रेलवे का तार, धरपकड़ को सीआईबी ने बरेली से कासगंज तक बिछाया जाल
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बदायूं। बरेली-कासगंज रेलवे रूट पर सक्रिय चोरों की धरपकड़ को गोरखपुर से आई सीआईबी टीम ने जाल बिछा दिया है। इसके लिए रूट पर कई जगह प्वाइंट बनाए गए हैं, जहां यूनिट बनाकर छानबीन शुरू कर दी गई है। शनिवार रात टीम ने इस लाइन पर पेट्रोलिंग भी की, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा। टीम के प्रभारी निरीक्षक नेता राम सिंह, बरेली से आए निरीक्षक दीमाक सिंह, इंस्पेक्टर आरपीएफ सुभाष चंद्र यादव और जीआरपी थाना इंचार्ज सत्यविजय सिंह ने एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी से मुलाकात कर सर्विलांस टीम की मदद मांगी है। जिससे चोरी की घटनाओं का जल्द से जल्द खुलासा हो सके।
बरेली-कासगंज रेलवे लाइन का जब से विद्युतीकरण शुरू हुआ है, तब से लगातार चोरी की पांच बड़ी घटनाएं हुईं हैं और प्रत्येक घटना में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। एफआईआर दर्ज होने के बाद आरपीएफ ने काफी छानबीन की, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी। यह देखते हुए गोरखपुर से सीआईबी टीम को भेजा गया है।
इधर, रविवार सुबह टीम ने घटपुरी, शेखूपुर, उझानी, वितरोई आदि थानों पर जाकर मामले की जांच की। विद्युतीकरण में जुटे (कल्पतरू पॉवर ट्रांसमिशन लिमिटेड) कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों से भी जानकारी जुटाई है। सीआईबी की टीमें सुबह से लेकर देर शाम तक छानबीन में लगी रही, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला है।
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इन स्थानों पर हुईं चोरी की घटनाएं
- 11 जनवरी को शेखूपुर और उझानी के बीच ओएचई लाइन काटी थी।
- 30 जनवरी की रात मानपुर नगरिया और वितरोई के बीच करीब सौ मीटर तार चोरी हुआ।
- छह फरवरी को बदायूं रेलवे स्टेशन से करीब पांच किलोमीटर दूर बसंतनगर गांव के पास ओएचई लाइन चोरी हुई।
- बरेली जिले में मकरंदपुर के पास और कासगंज जिले के सोरों के पास ओएचई लाइन काटी गई थी।
तार चोरी के मामले के रिकॉर्ड खंगालेगी सीआईबी
गोरखपुर से आई सीआईबी टीम के सामने कई सवाल उमड़ रहे हैं। ये चोर तार चोरी करने के बाद कहां खपत कर रहे हैं। ये चोरी कैसे और किस समय करते हैं। इसमें कंपनी के कर्मचारियों का सहयोग है या नहीं। या फिर यह चोर सिर्फ ओएचई लाइन चोरी करने आते हैं। इसके लिए सीआईबी जिले में ओएचई लाइन के अलावा विद्युत विभाग के तार चोरी के मामले भी खंगालेगी। कौन-कौन से थाने में एफआईआर दर्ज हुई और कौन-कौन पकड़ा गया था।
हमारी टीम ने अपना काम शुरू कर दिया है। डॉग स्क्वायड लगाए गए हैं। हमारी कोशिश है कि जल्द से जल्द चोर पकड़े जाएं। ये कार्य जल्द पूरा हो जाएगा। तभी कुछ बता सकते हैं।
- दीमाक सिंह, इंस्पेक्टर, सीआईबी
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बरेली-कासगंज रेलवे लाइन का जब से विद्युतीकरण शुरू हुआ है, तब से लगातार चोरी की पांच बड़ी घटनाएं हुईं हैं और प्रत्येक घटना में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। एफआईआर दर्ज होने के बाद आरपीएफ ने काफी छानबीन की, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी। यह देखते हुए गोरखपुर से सीआईबी टीम को भेजा गया है।
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इधर, रविवार सुबह टीम ने घटपुरी, शेखूपुर, उझानी, वितरोई आदि थानों पर जाकर मामले की जांच की। विद्युतीकरण में जुटे (कल्पतरू पॉवर ट्रांसमिशन लिमिटेड) कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों से भी जानकारी जुटाई है। सीआईबी की टीमें सुबह से लेकर देर शाम तक छानबीन में लगी रही, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला है।
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इन स्थानों पर हुईं चोरी की घटनाएं
- 11 जनवरी को शेखूपुर और उझानी के बीच ओएचई लाइन काटी थी।
- 30 जनवरी की रात मानपुर नगरिया और वितरोई के बीच करीब सौ मीटर तार चोरी हुआ।
- छह फरवरी को बदायूं रेलवे स्टेशन से करीब पांच किलोमीटर दूर बसंतनगर गांव के पास ओएचई लाइन चोरी हुई।
- बरेली जिले में मकरंदपुर के पास और कासगंज जिले के सोरों के पास ओएचई लाइन काटी गई थी।
तार चोरी के मामले के रिकॉर्ड खंगालेगी सीआईबी
गोरखपुर से आई सीआईबी टीम के सामने कई सवाल उमड़ रहे हैं। ये चोर तार चोरी करने के बाद कहां खपत कर रहे हैं। ये चोरी कैसे और किस समय करते हैं। इसमें कंपनी के कर्मचारियों का सहयोग है या नहीं। या फिर यह चोर सिर्फ ओएचई लाइन चोरी करने आते हैं। इसके लिए सीआईबी जिले में ओएचई लाइन के अलावा विद्युत विभाग के तार चोरी के मामले भी खंगालेगी। कौन-कौन से थाने में एफआईआर दर्ज हुई और कौन-कौन पकड़ा गया था।
हमारी टीम ने अपना काम शुरू कर दिया है। डॉग स्क्वायड लगाए गए हैं। हमारी कोशिश है कि जल्द से जल्द चोर पकड़े जाएं। ये कार्य जल्द पूरा हो जाएगा। तभी कुछ बता सकते हैं।
- दीमाक सिंह, इंस्पेक्टर, सीआईबी