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जल्द ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर गठित होंगी मातृ समितियां
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बदायूं। जिले में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर मातृ समितियों का गठन किया जाएगा। इसमें उसी केंद्र से जुड़ी महिलाओं को शामिल किया जाएगा। समिति का प्रमुख कार्य अति कुपोषित बच्चों को चयनित करना होगा। प्रत्येक समिति में 12 महिलाएं होंगी।
जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहले मातृ समितियां संचालित थी। इसमें महिलाओं को सदस्य बनाया गया था। समिति की सदस्य शिशु और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य और कुपोषण मिटाने के लिए कार्य किया करती थीं, लेकिन बाद में समिति के सदस्यों ने कार्य करना बंद कर दिया। अब इसकी जिम्मेदारी आंगनबाड़ी को सौंप दी गई है। कहा गया है कि जिन महिलाओं के बच्चे आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत है, वे इसमें सदस्य बन सकती हैं। शासनादेश के अनुसार मातृ समितियों में सामान्यत: सात से 12 सदस्य होंगे। इनकी संख्या को अधिकतम 15 किया सकता है। शिशुओं, गर्भवती और किशोरियों के पोषण में सुधार के मानकों को पूरा करने के उद्देश्य से संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर मातृ समितियों के गठन का निर्देश दिया गया है। इसको लेकर उप्र महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव ने प्रदेश के डीएम और कार्यक्रम अधिकारियों को मातृ समितियों को पुनर्गठन करने के लिए निर्देश दिए हैं।
मातृ समितियों के गठन करने के लिए सभी को निर्देश दिए जा रहे हैं। जल्द ही सभी केंद्रों पर मातृ समितियों का गठन हो जाएगा।
-प्रभात कुमार दास, डीपीओ
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जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहले मातृ समितियां संचालित थी। इसमें महिलाओं को सदस्य बनाया गया था। समिति की सदस्य शिशु और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य और कुपोषण मिटाने के लिए कार्य किया करती थीं, लेकिन बाद में समिति के सदस्यों ने कार्य करना बंद कर दिया। अब इसकी जिम्मेदारी आंगनबाड़ी को सौंप दी गई है। कहा गया है कि जिन महिलाओं के बच्चे आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत है, वे इसमें सदस्य बन सकती हैं। शासनादेश के अनुसार मातृ समितियों में सामान्यत: सात से 12 सदस्य होंगे। इनकी संख्या को अधिकतम 15 किया सकता है। शिशुओं, गर्भवती और किशोरियों के पोषण में सुधार के मानकों को पूरा करने के उद्देश्य से संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर मातृ समितियों के गठन का निर्देश दिया गया है। इसको लेकर उप्र महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव ने प्रदेश के डीएम और कार्यक्रम अधिकारियों को मातृ समितियों को पुनर्गठन करने के लिए निर्देश दिए हैं।
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मातृ समितियों के गठन करने के लिए सभी को निर्देश दिए जा रहे हैं। जल्द ही सभी केंद्रों पर मातृ समितियों का गठन हो जाएगा।
-प्रभात कुमार दास, डीपीओ