{"_id":"578294ce4f1c1bee067fa80b","slug":"women-recruits-sent-resigns","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिला आरक्षी ने इस्तीफा भेजा ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
महिला आरक्षी ने इस्तीफा भेजा
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Mon, 11 Jul 2016 12:02 AM IST
विज्ञापन
प्रेसवार्ता करती पुलिसकर्मी कोमल चौधरी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर में हल्दौर थाने से निलंबित महिला आरक्षी कोमल रानी ने एसपी पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। उसने इंसाफ नहीं मिलने पर आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। महिला आरक्षी ने अपना त्यागपत्र भी डीआईजी मुरादाबाद को भेज दिया है।
रविवार को आयोजित एक रेस्टोरेंट में पत्रकार वार्ता में निलंबित महिला आरक्षी कोमल रानी ने बताया कि वह हल्दौर थाने में तैनात थी। एसपी उमेश कुमार श्रीवास्तव ने उस पर निराधार आरोप लगाकर निलंबित कर दिया। उसका रिश्ता 29 मार्च 2015 को बुलंदशहर जिले के गांव भैंसाखुर निवासी विपिन कुमार के साथ हुआ था। उसकी 13 फरवरी 2016 को शादी होनी तय हुई थी।
रिश्ते के बाद विपिन के परिजनों ने दहेज के रूप में दस लाख रुपये और कार की मांग की थी। मांग पूरी न करने पर विपिन के परिजन रिश्ता तोड़ने लगे। दिसंबर 2015 में दहेज की मांग पूरी न करने पर दिल्ली की एथलीट नेहा प्रभाकर के साथ विपिन की शादी करने की बात कही। उसने अपनी मां और भाई को यह बात बताई। दोनों विपिन के गांव गए तो वहां कोई नहीं मिला।
विज्ञापन
विपिन और उसकी मां इमरती देवी, बहन सुधा, बहनोई दिनेश कुमार और सोहनवीर के खिलाफ बिजनौर के महिला थाने में एसपी के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विपिन ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। विपिन के परिजन कोमल व उसके परिजनों पर समझौते के लिए दबाव डालने लगे। 27 जून को कोमल ने अपने भाई के साथ एसपी को प्रार्थना पत्र देकर विपिन व उसके परिजनों की हरकत के बारे में अवगत कराया। कोमल का आरोप है कि एसपी ने उसे शाम को अकेले प्रार्थना पत्र लेकर आवास पर आने को कहा। वह अकेले प्रार्थना पत्र लेकर नहीं गई तो एसपी नाराज हो गए।
महिला आरक्षी ने बताया कि एक जुलाई को हल्दौर थाने से एक युवती का मेडिकल कराने बिजनौर महिला अस्पताल लाई थी। इस बीच दिल्ली की एथलीट नेहा प्रभाकर, विपिन के दोनों जीजा , बहन व भांजे धर्मेंद्र ने उसके साथ साथ मारपीट की व वर्दी फाड़ दी। उसने बिजनौर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी। आरोप है कि एसपी उसका मानसिक उत्पीड़न करने लगे हैं। इसी के चलते एसपी ने उसे निलंबित कर दिया। एसपी अब जेल में बंद विपिन को निर्दोष साबित करके उसे जेल से बाहर निकलवाने के प्रयास में लगे है। उसने विभाग से इंसाफ नहीं मिलने पर आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। उसने बताया कि अपना त्यागपत्र डीआईजी को भेज दिया है। पत्रकार वार्ता में महिला आरक्षी का मां और भाई सत्यवीर भी साथ थे।
महिला आरक्षी शनिवार को डीआईजी से मिली थी। विपिन शर्मा से आरक्षी की तीन साल तक दोस्ती थी। एक जुलाई को विपिन से जेल में मिलने आई दिल्ली की एथलीट नेहा प्रभाकर को कोमल ने अपने लोगों के साथ पीटा था। कोमल और उसके भाई के अलावा विपिन पक्ष के लोग भी उनसे मिले थे। जांच में पाया कि महिला आरक्षी की गलती है। इस पर आरक्षी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश देकर उसे निलंबित कर दिया। महिला आरक्षी के आरोप निराधार हैं।
उमेश कुमार श्रीवास्तव (एसपी बिजनौर)
विज्ञापन
रविवार को आयोजित एक रेस्टोरेंट में पत्रकार वार्ता में निलंबित महिला आरक्षी कोमल रानी ने बताया कि वह हल्दौर थाने में तैनात थी। एसपी उमेश कुमार श्रीवास्तव ने उस पर निराधार आरोप लगाकर निलंबित कर दिया। उसका रिश्ता 29 मार्च 2015 को बुलंदशहर जिले के गांव भैंसाखुर निवासी विपिन कुमार के साथ हुआ था। उसकी 13 फरवरी 2016 को शादी होनी तय हुई थी।
विज्ञापन
रिश्ते के बाद विपिन के परिजनों ने दहेज के रूप में दस लाख रुपये और कार की मांग की थी। मांग पूरी न करने पर विपिन के परिजन रिश्ता तोड़ने लगे। दिसंबर 2015 में दहेज की मांग पूरी न करने पर दिल्ली की एथलीट नेहा प्रभाकर के साथ विपिन की शादी करने की बात कही। उसने अपनी मां और भाई को यह बात बताई। दोनों विपिन के गांव गए तो वहां कोई नहीं मिला।
विज्ञापन
विपिन और उसकी मां इमरती देवी, बहन सुधा, बहनोई दिनेश कुमार और सोहनवीर के खिलाफ बिजनौर के महिला थाने में एसपी के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विपिन ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। विपिन के परिजन कोमल व उसके परिजनों पर समझौते के लिए दबाव डालने लगे। 27 जून को कोमल ने अपने भाई के साथ एसपी को प्रार्थना पत्र देकर विपिन व उसके परिजनों की हरकत के बारे में अवगत कराया। कोमल का आरोप है कि एसपी ने उसे शाम को अकेले प्रार्थना पत्र लेकर आवास पर आने को कहा। वह अकेले प्रार्थना पत्र लेकर नहीं गई तो एसपी नाराज हो गए।
महिला आरक्षी ने बताया कि एक जुलाई को हल्दौर थाने से एक युवती का मेडिकल कराने बिजनौर महिला अस्पताल लाई थी। इस बीच दिल्ली की एथलीट नेहा प्रभाकर, विपिन के दोनों जीजा , बहन व भांजे धर्मेंद्र ने उसके साथ साथ मारपीट की व वर्दी फाड़ दी। उसने बिजनौर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी। आरोप है कि एसपी उसका मानसिक उत्पीड़न करने लगे हैं। इसी के चलते एसपी ने उसे निलंबित कर दिया। एसपी अब जेल में बंद विपिन को निर्दोष साबित करके उसे जेल से बाहर निकलवाने के प्रयास में लगे है। उसने विभाग से इंसाफ नहीं मिलने पर आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। उसने बताया कि अपना त्यागपत्र डीआईजी को भेज दिया है। पत्रकार वार्ता में महिला आरक्षी का मां और भाई सत्यवीर भी साथ थे।
महिला आरक्षी शनिवार को डीआईजी से मिली थी। विपिन शर्मा से आरक्षी की तीन साल तक दोस्ती थी। एक जुलाई को विपिन से जेल में मिलने आई दिल्ली की एथलीट नेहा प्रभाकर को कोमल ने अपने लोगों के साथ पीटा था। कोमल और उसके भाई के अलावा विपिन पक्ष के लोग भी उनसे मिले थे। जांच में पाया कि महिला आरक्षी की गलती है। इस पर आरक्षी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश देकर उसे निलंबित कर दिया। महिला आरक्षी के आरोप निराधार हैं।
उमेश कुमार श्रीवास्तव (एसपी बिजनौर)