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आदित्य की बहन पर मुकदमा दर्ज
ब्यूरो, अमर उजाला/बिजनौर
Updated Sat, 13 Jan 2018 12:17 AM IST
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बिजनौर। इनामी बदमाश आदित्य के सरेंडर करने के बाद पुलिस फरारी के दौरान उसे पनाह देने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी में जुट गई है। इस आरोप में आदित्य की बहन मोनिका के खिलाफ उसे शरण देने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। मोनिका मुरादाबाद होमगार्ड में बीओ है।
उसने आला अफसरों को झूठा प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि आदित्य को एसओजी और स्योहारा पुलिस ने हिरासत में ले रखा है, उसे आशंका है कि पुलिस मुठभेड़ में उसके भाई की हत्या कर सकती है। स्याहोरा थाने के गांव राना नंगला निवासी एक लाख के इनामी बदमाश आदित्य और गांव स्वाहेड़ी निवासी 20 हजार के इनामी बदमाश रोहित के कोर्ट में सरेंडर करने से जिले की पुलिस की भारी फजीहत हुई है।
पुलिस की गई टीम आदित्य और रोहित की घेराबंदी करने में जुटी थीं। पुलिस का किला तोड़कर दोनों बदमाशाें ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस फरारी के दौरान इन दोनों को पनाह देने वालों को घेरने में जुट गई है। स्योहारा पुलिस ने आदित्य को शरण देने में उसकी बहन मोनिका के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। एसओ स्योहारा धर्मपाल सिंह की ओर से धारा 216 में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस के मुताबिक मोनिका मुरादाबाद होमगार्ड विभाग में बीओ है। फरारी के दौरान आदित्य की मोनिका ने खूब मदद की और शरण भी दी है।
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मोनिका ने 17 नवंबर को पुलिस के आला अफसरों को प्रार्थना पत्र देकर कहा था कि आदित्य को एसओजी और स्योहारा पुलिस ने हिरासत में ले रखा है। पुलिस आदित्य को मुठभेड़ में मार सकती है। यह प्रार्थना पत्र पुलिस के पास जांच के लिए आया था। जांच में पाया गया कि पुलिस को भ्रमित करने के लिए यह प्रार्थना पत्र दिया गया था। इस प्रार्थना पत्र को आधार बनाकर ही मोनिका के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। पुलिस मोनिका के अलावा आदित्य, रोहित को पनाह देने वाले अन्य लोगों को भी खंगालने में जुट गई।
पता किया जा रहा है कि फरारी के दौरान आदित्य की किन लोगों ने मदद की और शरण दी थी। पनाहगारों के चेहरे बेनकाब होने पर उनके खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज होगी। थानाध्यक्ष स्योहारा धर्मपाल सिंह ने आदित्य की बहन मोनिका के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने की पुष्टि की है।
आदित्य के रिमांड पर सुनवाई 16 को
बिजनौर। सीजेएम प्रमोद कुमार ने मुकेश हत्याकांड में आदित्य के पुलिस कस्टडी रिमांड पर दिए जाने को पुलिस के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के लिए 16 जनवरी की तिथि नियत की है। स्योहारा पुलिस द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि मुकेश हत्याकांड में आदित्य मुख्य आरोपी है। हत्या में प्रयुक्त शस्त्रों की बरामदगी के लिए उसे पुलिस कस्टडी रिमांड पर दिया जाना न्यायहित में आवश्यक है। इसलिए आदित्य को पूछताछ के लिए तीन दिन के पुलिस कस्टडी रिमांड पर दिया जाए। सीजेएम ने आदित्य को जेल से तलब करते हुए रिमांड पर बहस करने के लिए 16 जनवरी की तिथि नियत की है।
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उसने आला अफसरों को झूठा प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि आदित्य को एसओजी और स्योहारा पुलिस ने हिरासत में ले रखा है, उसे आशंका है कि पुलिस मुठभेड़ में उसके भाई की हत्या कर सकती है। स्याहोरा थाने के गांव राना नंगला निवासी एक लाख के इनामी बदमाश आदित्य और गांव स्वाहेड़ी निवासी 20 हजार के इनामी बदमाश रोहित के कोर्ट में सरेंडर करने से जिले की पुलिस की भारी फजीहत हुई है।
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पुलिस की गई टीम आदित्य और रोहित की घेराबंदी करने में जुटी थीं। पुलिस का किला तोड़कर दोनों बदमाशाें ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस फरारी के दौरान इन दोनों को पनाह देने वालों को घेरने में जुट गई है। स्योहारा पुलिस ने आदित्य को शरण देने में उसकी बहन मोनिका के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। एसओ स्योहारा धर्मपाल सिंह की ओर से धारा 216 में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस के मुताबिक मोनिका मुरादाबाद होमगार्ड विभाग में बीओ है। फरारी के दौरान आदित्य की मोनिका ने खूब मदद की और शरण भी दी है।
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मोनिका ने 17 नवंबर को पुलिस के आला अफसरों को प्रार्थना पत्र देकर कहा था कि आदित्य को एसओजी और स्योहारा पुलिस ने हिरासत में ले रखा है। पुलिस आदित्य को मुठभेड़ में मार सकती है। यह प्रार्थना पत्र पुलिस के पास जांच के लिए आया था। जांच में पाया गया कि पुलिस को भ्रमित करने के लिए यह प्रार्थना पत्र दिया गया था। इस प्रार्थना पत्र को आधार बनाकर ही मोनिका के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। पुलिस मोनिका के अलावा आदित्य, रोहित को पनाह देने वाले अन्य लोगों को भी खंगालने में जुट गई।
पता किया जा रहा है कि फरारी के दौरान आदित्य की किन लोगों ने मदद की और शरण दी थी। पनाहगारों के चेहरे बेनकाब होने पर उनके खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज होगी। थानाध्यक्ष स्योहारा धर्मपाल सिंह ने आदित्य की बहन मोनिका के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने की पुष्टि की है।
आदित्य के रिमांड पर सुनवाई 16 को
बिजनौर। सीजेएम प्रमोद कुमार ने मुकेश हत्याकांड में आदित्य के पुलिस कस्टडी रिमांड पर दिए जाने को पुलिस के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के लिए 16 जनवरी की तिथि नियत की है। स्योहारा पुलिस द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि मुकेश हत्याकांड में आदित्य मुख्य आरोपी है। हत्या में प्रयुक्त शस्त्रों की बरामदगी के लिए उसे पुलिस कस्टडी रिमांड पर दिया जाना न्यायहित में आवश्यक है। इसलिए आदित्य को पूछताछ के लिए तीन दिन के पुलिस कस्टडी रिमांड पर दिया जाए। सीजेएम ने आदित्य को जेल से तलब करते हुए रिमांड पर बहस करने के लिए 16 जनवरी की तिथि नियत की है।