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सहकारी समिति में गबन
Updated Wed, 16 May 2018 11:45 PM IST
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बिजनौर। गोहावर किसान सेवा सहकारी समिति में आंकिक बाबू ने किसानों द्वारा जमा कराई गई ऋण राशि में लाखों रुपये का गबन कर लिया। मामला पकड़ में आया तो विभाग में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने आंकिक बाबू को सस्पेंड कर दिया है। मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई है।
समिति से किसान जो ऋण लेता है उसके तीन रिकॉर्ड होते हैं। एक रिकॉर्ड पासबुक के रूप में किसान के पास होता है जबकि दूसरा और तीसरा रिकॉर्ड समिति और संबंधित बैंक शाखा में भी रखा जाता है। किसान जो भी ऋण लेते हैं या जमा करते हैं, वह इन तीनों रिकॉर्ड में दुरुस्त किया जाता है। आरोप है कि किसानों ने बैंक ऋण का जो रुपया जमा किया, समिति के आंकिक मोहम्मद यामीन ने किसान की पासबुक में उसकी सही एंट्री की। मगर, समिति और बैंक के रिकॉर्ड में किसानों द्वारा जमा किए गए रुपये बहुत कम दर्ज कराए। यानि किसानों ने अपना ऋण जमा किया और अपनी पासबुक के आधार पर उन पर कर्ज नहीं रहा। जबकि समिति और बैंक के रिकॉर्ड में वे कर्जदार ही रहे। इस धांधली को पकड़ में आने से बचाने के लिए नियमों को ताक पर रखकर किसानों को उनकी पासबुक के आधार पर ही फिर से ऋण दे दिया गया। ऑडिट में यह घोटाला पकड़ में आया है। जिला सहायक निबंधक सहकारिता अमित त्यागी और जिला सहकारी बैंक के सचिव अनूप कुमार के अनुसार आरोपी आंकिक को सस्पेंड कर दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। आरोपी से कुछ राशि जमा भी कराई गई है।
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समिति से किसान जो ऋण लेता है उसके तीन रिकॉर्ड होते हैं। एक रिकॉर्ड पासबुक के रूप में किसान के पास होता है जबकि दूसरा और तीसरा रिकॉर्ड समिति और संबंधित बैंक शाखा में भी रखा जाता है। किसान जो भी ऋण लेते हैं या जमा करते हैं, वह इन तीनों रिकॉर्ड में दुरुस्त किया जाता है। आरोप है कि किसानों ने बैंक ऋण का जो रुपया जमा किया, समिति के आंकिक मोहम्मद यामीन ने किसान की पासबुक में उसकी सही एंट्री की। मगर, समिति और बैंक के रिकॉर्ड में किसानों द्वारा जमा किए गए रुपये बहुत कम दर्ज कराए। यानि किसानों ने अपना ऋण जमा किया और अपनी पासबुक के आधार पर उन पर कर्ज नहीं रहा। जबकि समिति और बैंक के रिकॉर्ड में वे कर्जदार ही रहे। इस धांधली को पकड़ में आने से बचाने के लिए नियमों को ताक पर रखकर किसानों को उनकी पासबुक के आधार पर ही फिर से ऋण दे दिया गया। ऑडिट में यह घोटाला पकड़ में आया है। जिला सहायक निबंधक सहकारिता अमित त्यागी और जिला सहकारी बैंक के सचिव अनूप कुमार के अनुसार आरोपी आंकिक को सस्पेंड कर दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। आरोपी से कुछ राशि जमा भी कराई गई है।
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