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घटने लगा सरयू का जलस्तर, दुश्वारियां बरकरार
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विक्रमजोत क्षेत्र में भरा बाढ़ का पानी।
- फोटो : BASTI
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घटने लगा सरयू का जलस्तर, दुश्वारियां बरकरार
दुबौलिया(बस्ती)। हफ्तेभर लगातर बढ़ने के बाद मंगलवार आधी रात से सरयू नदी का जलस्तर फिर घटने लगा है, लेकिन बाढ़ प्रभावित गांवों को राहत मिलती नहीं दिखाई दे रही है।
करीब नौ गांव जलमग्न व चार मैरुंड हैं। केंद्रीय जल आयोग ने बताया कि नदी खतरे के निशान 92.73 मीटर से 40 सेमी ऊपर बह रही है। दिलाशपुरा का भरपुरवा व विशुनदासपुर का पुरवा गांव के लोग तटबंध पर शरण लिए हुए हैं। सुविखा बाबू, टेढ़वा, आराजीडूही एहतमाली व माझा-देवरागंगबरार गांव मैरुंड हैं। ग्रामीण नाव के सहारे जरूरतें पूरी कर रहे हैं। विशुनदासपुर का पुरवा, खजांचीपुर, अशोकपुर का छोटकी भुवरिया, सतहा, दयाराम पुरवा, गोडियाना पुरवा व बलुइया जलमग्न हैं। यहां ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अतिसंवेदनशील तटबंध कटरिया-चांदपुर व गौरा-सैफाबाद के पारा व मटिहा गांव के ठोकरों पर दबाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। सहायक अभियंता जितेंद्र कुमार ने बताया की हालात काबू में हैं। तटबंध पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है।
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दुबौलिया(बस्ती)। हफ्तेभर लगातर बढ़ने के बाद मंगलवार आधी रात से सरयू नदी का जलस्तर फिर घटने लगा है, लेकिन बाढ़ प्रभावित गांवों को राहत मिलती नहीं दिखाई दे रही है।
करीब नौ गांव जलमग्न व चार मैरुंड हैं। केंद्रीय जल आयोग ने बताया कि नदी खतरे के निशान 92.73 मीटर से 40 सेमी ऊपर बह रही है। दिलाशपुरा का भरपुरवा व विशुनदासपुर का पुरवा गांव के लोग तटबंध पर शरण लिए हुए हैं। सुविखा बाबू, टेढ़वा, आराजीडूही एहतमाली व माझा-देवरागंगबरार गांव मैरुंड हैं। ग्रामीण नाव के सहारे जरूरतें पूरी कर रहे हैं। विशुनदासपुर का पुरवा, खजांचीपुर, अशोकपुर का छोटकी भुवरिया, सतहा, दयाराम पुरवा, गोडियाना पुरवा व बलुइया जलमग्न हैं। यहां ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अतिसंवेदनशील तटबंध कटरिया-चांदपुर व गौरा-सैफाबाद के पारा व मटिहा गांव के ठोकरों पर दबाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। सहायक अभियंता जितेंद्र कुमार ने बताया की हालात काबू में हैं। तटबंध पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है।
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