{"_id":"6a91e5ee3f30a9d03d07ea6e","slug":"contracts-of-54-security-guards-at-risk-security-crisis-deepens-in-hospitals-basti-news-c-207-1-bst1005-165393-2026-08-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: 54 सिक्योरिटी गार्डों का अनुबंध खतरे में, अस्पतालों में सुरक्षा संकट गहराया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: 54 सिक्योरिटी गार्डों का अनुबंध खतरे में, अस्पतालों में सुरक्षा संकट गहराया
विज्ञापन
जिला अस्पताल व महिला अस्पताल में ड्यूटी करते सुरक्षा गार्ड संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बस्ती। जिले के सरकारी अस्पतालों में तैनात 54 सिक्योरिटी गार्डों के अनुबंध पर संकट के साथ ही अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड के तहत तैनात इन गार्डों का स्वास्थ्य विभाग के साथ अनुबंध 31 अगस्त 2026 को समाप्त हो रहा है।
अब तक न तो मौजूदा एजेंसी ने नवीनीकरण पर सहमति जताई है और न ही नई एजेंसी का चयन हो सका है। ऐसे में तीन दिन बाद अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। स्वास्थ्य विभाग में तैनात सभी 54 गार्ड पूर्व सैनिक कल्याण निगम के माध्यम से रखे गए हैं।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, अनुबंध बढ़ाने को लेकर निगम के अधिकारियों से दो-तीन बार वार्ता हो चुकी है, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका है। निगम की ओर से कुछ गार्डों की शिकायतों का हवाला दिया गया है। जांच में कुछ ऐसे लोगों के भी गार्ड के रूप में तैनात होने की बात सामने आई है, जो पूर्व सैनिकों के आश्रित नहीं हैं। इन मामलों की जांच चल रही है।
विज्ञापन
चर्चा है कि अब नई एजेंसी के माध्यम से गार्डों की तैनाती की जाएगी। हालांकि, अभी तक एजेंसी का चयन नहीं हुआ है। यदि 31 अगस्त के बाद गार्ड हटा दिए गए और तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी असमंजस में हैं।
होमगार्ड विभाग से भी मांगी मदद : सिक्योरिटी गार्डों का अनुबंध आगे बढ़ने की स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर अस्पताल प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारी शुरू कर दी है।
जिला महिला अस्पताल में पहले से चार होमगार्ड तैनात हैं। छह और होमगार्ड की मांग जिला होमगार्ड कमांडेंट को भेजी गई है। अनुबंध का नवीनीकरण नहीं होने की स्थिति में इन्हें सुरक्षा व्यवस्था में लगाया जा सकता है।
जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि अस्पताल में 25 सिक्योरिटी गार्ड तैनात हैं और इन्हीं के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था संभाली जा रही है। अनुबंध नहीं हुआ तो वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
विज्ञापन
अब तक न तो मौजूदा एजेंसी ने नवीनीकरण पर सहमति जताई है और न ही नई एजेंसी का चयन हो सका है। ऐसे में तीन दिन बाद अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। स्वास्थ्य विभाग में तैनात सभी 54 गार्ड पूर्व सैनिक कल्याण निगम के माध्यम से रखे गए हैं।
विज्ञापन
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, अनुबंध बढ़ाने को लेकर निगम के अधिकारियों से दो-तीन बार वार्ता हो चुकी है, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका है। निगम की ओर से कुछ गार्डों की शिकायतों का हवाला दिया गया है। जांच में कुछ ऐसे लोगों के भी गार्ड के रूप में तैनात होने की बात सामने आई है, जो पूर्व सैनिकों के आश्रित नहीं हैं। इन मामलों की जांच चल रही है।
विज्ञापन
चर्चा है कि अब नई एजेंसी के माध्यम से गार्डों की तैनाती की जाएगी। हालांकि, अभी तक एजेंसी का चयन नहीं हुआ है। यदि 31 अगस्त के बाद गार्ड हटा दिए गए और तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी असमंजस में हैं।
होमगार्ड विभाग से भी मांगी मदद : सिक्योरिटी गार्डों का अनुबंध आगे बढ़ने की स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर अस्पताल प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारी शुरू कर दी है।
जिला महिला अस्पताल में पहले से चार होमगार्ड तैनात हैं। छह और होमगार्ड की मांग जिला होमगार्ड कमांडेंट को भेजी गई है। अनुबंध का नवीनीकरण नहीं होने की स्थिति में इन्हें सुरक्षा व्यवस्था में लगाया जा सकता है।
जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि अस्पताल में 25 सिक्योरिटी गार्ड तैनात हैं और इन्हीं के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था संभाली जा रही है। अनुबंध नहीं हुआ तो वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।