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Basti News: 40 साल से कायम है भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल
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नगर बाजार मे मोहम्मद वारिस को राखी बांधती वंदना पाठक।-संवाद
नगर बाजार। रक्षाबंधन पर क्षेत्र के नगर बाजार में हर वर्ष एक तस्वीर भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत मिसाल पेश करती है। बाजार निवासी बहन वंदना पाठक पिछले करीब 40 वर्षों से वारिस अली, मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद आसिफ, मोहम्मद अनीस, मेहताब अहमद आदि को राखी बांधती हैं।
हर वर्ष वंदना विधि-विधान और पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार अपने मुंहबोले भाइयों की तिलक लगाकर आरती उतारती हैं और उनकी लंबी उम्र व सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। वहीं भाई भी उनकी रक्षा का संकल्प लेते हुए उन्हें स्नेहपूर्वक उपहार भेंट करते हैं।
शुक्रवार को मुंहबोले भाइयों को राखी बांधते हुए वंदना ने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का त्योहार नहीं, बल्कि यह भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी के रिश्ते को मजबूत करने का पर्व है। करीब चार दशक से चली आ रही इस परंपरा को निभाने के लिए उनके परिवार में विशेष उत्साह रहता है।
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कहा कि समय के साथ त्योहार मनाने के तौर-तरीकों में काफी बदलाव आया है, लेकिन पारंपरिक रीति-रिवाजों को बनाए रखना भी हमारी जिम्मेदारी है। इसी सोच के साथ वह हर वर्ष पूरे उत्साह और श्रद्धा से रक्षाबंधन मनाती हैं। क्षेत्र में उनकी यह परंपरा चर्चा का विषय है।
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हर वर्ष वंदना विधि-विधान और पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार अपने मुंहबोले भाइयों की तिलक लगाकर आरती उतारती हैं और उनकी लंबी उम्र व सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। वहीं भाई भी उनकी रक्षा का संकल्प लेते हुए उन्हें स्नेहपूर्वक उपहार भेंट करते हैं।
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शुक्रवार को मुंहबोले भाइयों को राखी बांधते हुए वंदना ने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का त्योहार नहीं, बल्कि यह भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी के रिश्ते को मजबूत करने का पर्व है। करीब चार दशक से चली आ रही इस परंपरा को निभाने के लिए उनके परिवार में विशेष उत्साह रहता है।
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कहा कि समय के साथ त्योहार मनाने के तौर-तरीकों में काफी बदलाव आया है, लेकिन पारंपरिक रीति-रिवाजों को बनाए रखना भी हमारी जिम्मेदारी है। इसी सोच के साथ वह हर वर्ष पूरे उत्साह और श्रद्धा से रक्षाबंधन मनाती हैं। क्षेत्र में उनकी यह परंपरा चर्चा का विषय है।