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36 वर्ष से कप्तानगंज विधानसभा क्षेत्र में वनवास काट रही कांग्रेस

Thu, 10 Feb 2022 11:33 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 10 Feb 2022 11:33 PM IST
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Congress can not win since 36  years in Kaptangang
कप्तानगंज विधानसभा सीट से 36 वर्ष से वनवास काट रही कांग्रेस
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गौर (बस्ती)। जनपद की चर्चित सीट कप्तानगंज विधानसभा की एक अलग पहचान है। इस सीट पर सबसे अधिक पूर्व मंत्री राम प्रसाद चौधरी का दबदबा रहा है। वर्ष 1993 से 2012 तक सीट उनकी झोली में रही। चाहे वह सपा से मैदान में उतरे हों, या भाजपा अथवा बसपा प्रत्याशी के रूप में रहे हों। हर बार क्षेत्र की जनता ने उन्हें जीत दिलाकर विधानसभा भेजा है। लेकिन, वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में वह भाजपा प्रत्याशी से चुनाव हार गए जबकि इसी सीट पर 36 वर्षों से कांग्रेस को जीत नहीं मिल पाई है।
वर्ष 1951 से 1985 तक कांग्रेस पार्टी को कप्तानगंज विधानसभा में सात बार जीत का स्वाद मिल चुका है। बसपा के खाते में तीन बार यह सीट गई है। भाजपा को भी दो बार जीत का सेहरा बांधने का मौका मिला है। जबकि सपा को इस सीट पर मात्र एक बार ही जीत का स्वाद मिला है। दो बार निर्दलीय के खाते में यह सीट गई है। पूर्व में भाजपा शासनकाल में राम प्रसाद चौधरी पंचायती राज मंत्री जबकि बसपा सरकार में कैबिनेट खाद्य रसद मंत्री भी रह चुके हैं।
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कप्तानगंज विधानसभा को 1969 में हर्रैया पश्चिम सुरक्षित से काटकर बनाया गया था। वर्ष 1993 में राम प्रसाद चौधरी ने पहली बार सपा से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। इस विधानसभा सीट की खास बात यह रही है कि राम प्रसाद चौधरी को हर चुनाव में नए प्रतिद्वंद्वी मिले। 1993 में उन्होंने भाजपा के शीतला सिंह को पराजित किया। 1996 में सपा प्रत्याशी महेश सिंह को हराया। वर्ष 2007 में राना कृष्ण किंकर सिंह उनके खिलाफ हार गए। लेकिन, राना कृष्ण किंकर सिंह पूर्व में इसी सीट पर दो बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत चुके थे। जबकि 2012 में सपा के त्र्यंबक नाथ पाठक को पराजित होना पड़ा। 2017 के विधानसभा चुनाव में रामप्रसाद चौधरी को भाजपा प्रत्याशी चंद्र प्रकाश शुक्ल ने पराजित कर कूर्मी क्षत्रप का अजेय किला ढहा दिया। इस चुनाव में कमल खिला। इस बार भी भाजपा ने चंद्रप्रकाश शुक्ल पर दांव खेला है।
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अब तक किसी पार्टी को मिली जीत
वर्ष विजेता दल
2017 चंद्र प्रकाश शुक्ल भाजपा
2012 राम प्रसाद चौधरी बसपा
2007 राम प्रसाद चौधरी बसपा
2002 राम प्रसाद चौधरी भाजपा
1996 राम प्रसाद चौधरी बसपा
1993 राम प्रसाद चौधरी सपा
1991 राना कृष्ण किंकर सिंह निर्दलीय
1989 राना कृष्ण किंकर सिंह निर्दलीय
1985 अंबिका सिंह कांग्रेस
1980 अंबिका सिंह कांग्रेस
1977 ओम प्रकाश जनता पार्टी
1974 राम लखन कांग्रेस
1969 लालू कांग्रेस
1967 बी राम बीजेएस
1962 रन बहादुर सिंह कांग्रेस
1957 रन बहादुर सिंह कांग्रेस
1951 प्रभाकर कांग्रेस
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