{"_id":"67c0a789b2a68096040bcfb4","slug":"20-years-imprisonment-for-raping-a-minor-basti-news-c-207-1-sgkp1006-132685-2025-02-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा
Thu, 27 Feb 2025 11:27 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 27 Feb 2025 11:27 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर थाना क्षेत्र के एक गांव में 24 जनवरी को हुई थी घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में विशेष सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट विनोद कुमार सप्तम की अदालत ने दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माने की राशि अदा न करने पर डेढ़ साल की अतिरिक्त सजा भुगतान होगी।
सहायक शासकीय अधिवक्ता अरविंद पांडेय, अखिलेश दुबे, वंदना चौधरी ने अदालत को घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी। बताया कि नगर थाना क्षेत्र के एक गांव के शख्स ने थाने में केस दर्ज कराया कि 24 जनवरी 2020 को वह परिवार सहित मजदूरी करने गया था। 13 वर्ष की बेटी घर में अकेली थी। इस दौरान आरोपी रामजीत ने बेटी को प्रेम जाल में फंसा कर गलत काम किया। धमकाया कि किसी से कुछ कहोगी तो तुम्हारे पूरे परिवार को जान से मार देंगे।
इसके बाद जब भी बेटी घर पर अकेले रहती थी तो उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। उसे उल्टी होने लगी तो प्राइवेट डाॅक्टर के पास लेकर गया।जांच के बाद पता चला कि पीड़िता को करीब तीन माह का गर्भ है। घर जाकर पूछने पर उसने सारी बात बताते हुए कहा कि रामजीत ने दुष्कर्म किया है। रामजीत के घर पर जाकर उलाहना दिया तो उसके परिवार के लोगों ने धमकी दी।
विज्ञापन
पुलिस ने प्रार्थनापत्र के आधार पर रामजीत, भोला व भगवानदास पर केस पंजीकृत कर तफ्तीश कर आरोपपत्र न्यायालय में भेजा। सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी के भाई भोला व पिता भगवानदास को बरी कर रामजीत को दोषी माना है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में विशेष सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट विनोद कुमार सप्तम की अदालत ने दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माने की राशि अदा न करने पर डेढ़ साल की अतिरिक्त सजा भुगतान होगी।
सहायक शासकीय अधिवक्ता अरविंद पांडेय, अखिलेश दुबे, वंदना चौधरी ने अदालत को घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी। बताया कि नगर थाना क्षेत्र के एक गांव के शख्स ने थाने में केस दर्ज कराया कि 24 जनवरी 2020 को वह परिवार सहित मजदूरी करने गया था। 13 वर्ष की बेटी घर में अकेली थी। इस दौरान आरोपी रामजीत ने बेटी को प्रेम जाल में फंसा कर गलत काम किया। धमकाया कि किसी से कुछ कहोगी तो तुम्हारे पूरे परिवार को जान से मार देंगे।
विज्ञापन
इसके बाद जब भी बेटी घर पर अकेले रहती थी तो उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। उसे उल्टी होने लगी तो प्राइवेट डाॅक्टर के पास लेकर गया।जांच के बाद पता चला कि पीड़िता को करीब तीन माह का गर्भ है। घर जाकर पूछने पर उसने सारी बात बताते हुए कहा कि रामजीत ने दुष्कर्म किया है। रामजीत के घर पर जाकर उलाहना दिया तो उसके परिवार के लोगों ने धमकी दी।
विज्ञापन
पुलिस ने प्रार्थनापत्र के आधार पर रामजीत, भोला व भगवानदास पर केस पंजीकृत कर तफ्तीश कर आरोपपत्र न्यायालय में भेजा। सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी के भाई भोला व पिता भगवानदास को बरी कर रामजीत को दोषी माना है।