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मां के इलाज में कर्जदार युवक ने कर ली खुदकुशी
बरेली।
Updated Mon, 24 Apr 2017 01:27 AM IST
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कैंसर से पीड़ित मां के इलाज में कर्जदार होकर भी उन्हें बचा न पाने की कसक और सूदखोरों के तगादे से आजिज युवक ने फंदे पर लटककर जान दे दी। दो माह पहले मां की मौत हुई थी तभी से वह तनाव में था। मां की मौत से डेढ़ माह पहले ही पिता की भी मौत हो गई थी। उसकी पत्नी की भी मौत तीन साल पहले हो गई थी।
पुलिस ने उसके शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद घरवालों के सुपुर्द कर दिया।
भोजीपुरा क्षेत्र के गांव तुलसीपुर निवासी 40 वर्षीय नन्हे लाल मेहनत मजदूरी करता था। उसकी पत्नी मायावती की तीन साल पहले मौत हो गई। इसके बाद उसकी मां और पिता खेमकरन ही उसका सहारा बने। छोटे बेटे 11 वर्षीय अमन और आठ वर्षीय राज कुमार की दादा दादी ही देख रेख करती थीं। राम श्री भी कैंसर से पीड़ित थीं। उसने राम श्री का कई जगह इलाज कराया। नाते रिश्तेदारों के अलावा कई लोगों से कर्ज लेकर मां को ठीक कराने की कोशिश की, लेकिन वह विफल हो गया। राम श्री की डेढ़ महीने पहले मौत हो गई। तब से नन्हे बेहद तनाव में रहने लगा। इसी के चलते उसने शुक्रवार को जहरीला पदार्थ खा लिया। उसे भोजीपुरा स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान रविवार सुबह उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिवार वालों को सौंप दिया। प्रधान आयशा बेगम के पति बाबू खां ने बताया कि कर्ज की वजह से नन्हे बेहद तनाव में रहता था और इसी वजह से उसने खुदकुशी की है।
तीन महीने के अंतराल में मां बाप की मौत से आहत था नन्हें
नन्हे की पत्नी मायावती की तीन साल पहले ही मौत हो गई थी। करीब तीन महीने पहले उसके पिता खेमकरन की मौत हुई और फिर इसके बाद उसकी मां रामश्री की मौत हो गई। इससे आहत हुआ नन्हे सूदखोरों के तगादे से और ज्यादा परेशान हो गया। परिवार में लगातार हो रही मौत और सूदखोरों के आतंक से टूटे नन्हें ने जान दी है।
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चार दिन पहले ही गिरवी रखी थी 12 बीघा जमीन
सूदखोरों का तगादा झेल रहे नन्हें ने तीन दिन पहले ही 12 बीघा जमीन गिरवी रखी थी। इसके बाद वह और ज्यादा तनाव में आ गया था। दो मासूम बेटों की परवरिश की भी उसे चिंता सता रही थी। इन्हीं सारी चिंताओं में डूबे नन्हे ने अपनी जान गंवा दीं।
पत्नी से झगड़ा होने पर दे दी जान
बरेली। भोजीपुरा क्षेत्र के गांव चौरा जनूबी निवासी 32 वर्षीय नंद किशोर शनिवार को गांव हरहरपुर खमरिया में शादी में गया था। रात में जब वह लौटकर आया तो उसका पत्नी कुंती से झगड़ा हो गया। इसी को लेकर उसने जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर घरवाले उसे बरेली के निजी अस्पताल में इलाज कराने लेकर आए। यहां उसने दम तोड़ दिया। रविवार को उसके शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिवार वालों को सौंप दिया गया।
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पुलिस ने उसके शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद घरवालों के सुपुर्द कर दिया।
भोजीपुरा क्षेत्र के गांव तुलसीपुर निवासी 40 वर्षीय नन्हे लाल मेहनत मजदूरी करता था। उसकी पत्नी मायावती की तीन साल पहले मौत हो गई। इसके बाद उसकी मां और पिता खेमकरन ही उसका सहारा बने। छोटे बेटे 11 वर्षीय अमन और आठ वर्षीय राज कुमार की दादा दादी ही देख रेख करती थीं। राम श्री भी कैंसर से पीड़ित थीं। उसने राम श्री का कई जगह इलाज कराया। नाते रिश्तेदारों के अलावा कई लोगों से कर्ज लेकर मां को ठीक कराने की कोशिश की, लेकिन वह विफल हो गया। राम श्री की डेढ़ महीने पहले मौत हो गई। तब से नन्हे बेहद तनाव में रहने लगा। इसी के चलते उसने शुक्रवार को जहरीला पदार्थ खा लिया। उसे भोजीपुरा स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान रविवार सुबह उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिवार वालों को सौंप दिया। प्रधान आयशा बेगम के पति बाबू खां ने बताया कि कर्ज की वजह से नन्हे बेहद तनाव में रहता था और इसी वजह से उसने खुदकुशी की है।
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तीन महीने के अंतराल में मां बाप की मौत से आहत था नन्हें
नन्हे की पत्नी मायावती की तीन साल पहले ही मौत हो गई थी। करीब तीन महीने पहले उसके पिता खेमकरन की मौत हुई और फिर इसके बाद उसकी मां रामश्री की मौत हो गई। इससे आहत हुआ नन्हे सूदखोरों के तगादे से और ज्यादा परेशान हो गया। परिवार में लगातार हो रही मौत और सूदखोरों के आतंक से टूटे नन्हें ने जान दी है।
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चार दिन पहले ही गिरवी रखी थी 12 बीघा जमीन
सूदखोरों का तगादा झेल रहे नन्हें ने तीन दिन पहले ही 12 बीघा जमीन गिरवी रखी थी। इसके बाद वह और ज्यादा तनाव में आ गया था। दो मासूम बेटों की परवरिश की भी उसे चिंता सता रही थी। इन्हीं सारी चिंताओं में डूबे नन्हे ने अपनी जान गंवा दीं।
पत्नी से झगड़ा होने पर दे दी जान
बरेली। भोजीपुरा क्षेत्र के गांव चौरा जनूबी निवासी 32 वर्षीय नंद किशोर शनिवार को गांव हरहरपुर खमरिया में शादी में गया था। रात में जब वह लौटकर आया तो उसका पत्नी कुंती से झगड़ा हो गया। इसी को लेकर उसने जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर घरवाले उसे बरेली के निजी अस्पताल में इलाज कराने लेकर आए। यहां उसने दम तोड़ दिया। रविवार को उसके शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिवार वालों को सौंप दिया गया।