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कातिलाना हमले के चश्मदीद गवाह को मारकर ट्रैक पर फेंक गए
बरेली।
Updated Thu, 09 Mar 2017 01:10 AM IST
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Killer eyewitnesses of the killer attack thrown on track
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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दो साल पहले कातिलाना हमले के चश्मदीद गवाह टेंपो चालक को मारकर हत्यारे उसका शव रेलवे ट्रैक पर फेंक गए। उसके सिर और हाथ को धारदार हथियार से कुचला गया था। घर वालों ने हत्या की आशंका जताते हुए जीआरपी में तहरीर दी है।
मूल रूप से खुदागंज (शाहजहांपुर) के रहने वाले जगदीश प्रसाद चार साल पहले फरीदपुर के मोहल्ला कानूनगोयान में आकर किराये के मकान पर रहने लगे। उनके तीन बेटों में सबसे छोटा 28 वर्षीय सोनू अविवाहित था। वह बरेली में टेंपो चलाता था। कभी-कभार ही उसका फरीदपुर आना होता था। घर वालों के अनुसार मंगलवार की शाम खाना खाकर वह घर से निकल गया। देर रात नहीं लौटा तो घर वाले चिंतित हुए। उन्होंने उसकी तलाश की मगर सुराग नहीं लगा। बुधवार सुबह किसी ने उसका शव फरीदपुर में काली माता मंदिर के पास रेलवे ट्रैक पर पड़ा देखा तो परिवार वालों को सूचना दी। इससे घर में कोहराम मच गया। जगदीश प्रसाद और उनके दामाद नत्थू मिश्रा आदि मौके पर पहुंचे तो सोनू के हाथ और पैर में चोट के निशान थे। ऐसा लग रहा था जैसे किसी धारदार हथियार से उसे कुचला हो। उन्होंने बताया कि दो साल पहले परा मोहल्ले में जानलेवा हमले के मामले में वह चश्मदीद गवाह था। मुकदमा ट्रायल पर आ गया था इसलिए उसकी हत्या की गई है। सूचना पर जीआरपी और कोतवाली पुलिस भी पहुंच गई। ट्रैक पर सोनू की घड़ी तो मिल गई मगर मोबाइल गायब था।
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मूल रूप से खुदागंज (शाहजहांपुर) के रहने वाले जगदीश प्रसाद चार साल पहले फरीदपुर के मोहल्ला कानूनगोयान में आकर किराये के मकान पर रहने लगे। उनके तीन बेटों में सबसे छोटा 28 वर्षीय सोनू अविवाहित था। वह बरेली में टेंपो चलाता था। कभी-कभार ही उसका फरीदपुर आना होता था। घर वालों के अनुसार मंगलवार की शाम खाना खाकर वह घर से निकल गया। देर रात नहीं लौटा तो घर वाले चिंतित हुए। उन्होंने उसकी तलाश की मगर सुराग नहीं लगा। बुधवार सुबह किसी ने उसका शव फरीदपुर में काली माता मंदिर के पास रेलवे ट्रैक पर पड़ा देखा तो परिवार वालों को सूचना दी। इससे घर में कोहराम मच गया। जगदीश प्रसाद और उनके दामाद नत्थू मिश्रा आदि मौके पर पहुंचे तो सोनू के हाथ और पैर में चोट के निशान थे। ऐसा लग रहा था जैसे किसी धारदार हथियार से उसे कुचला हो। उन्होंने बताया कि दो साल पहले परा मोहल्ले में जानलेवा हमले के मामले में वह चश्मदीद गवाह था। मुकदमा ट्रायल पर आ गया था इसलिए उसकी हत्या की गई है। सूचना पर जीआरपी और कोतवाली पुलिस भी पहुंच गई। ट्रैक पर सोनू की घड़ी तो मिल गई मगर मोबाइल गायब था।
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