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तीन महीने तक प्यार में छली गई दसवीं की छात्रा
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Mon, 27 Jun 2016 01:06 AM IST
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दसवीं की छात्रा को दूसरे संप्रदाय का युवक प्यार के जाल में फंसा कर तीन माह तक छलता रहा। छात्रा उसके पास पहुंच गई तो युवक ने उसका शारीरिक शोषण किया और मारपीट करने लगा। किसी तरह से थाने पहुंची छात्रा ने पुलिस को आप बीती सुनाई तो पुलिस ने आरोपी युवक को पकड़ने की बजाए उसके खिलाफ सिर्फ रिपोर्ट दर्ज कर लड़की को उसकी मां के सुपुर्द कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। यहां तक की लड़की के अदालत में बयान तक नहीं कराए गए।
सुभाषनगर इलाके की एक लड़की दसवीं की छात्रा है। वह रविवार को सुभाषनगर थाने पहुंची। उसने बताया कि दूसरे संप्रदाय के मयूर खां ने उसे अपने प्रेम जाल में फंसा लिया। तीन महीने पहले वह उसके साथ चली गई। युवक ने उसका शारीरिक शोषण किया। उसने कई बार युवक के चंगुल से छूटकर भागने की कोशिश की, लेकिन वह कामयाब नहीं हो सकी। एसओ ने लड़की की बात सुनने के बाद उसकी मां को थाने बुलाया। मां तो थाने आ गई, लेकिन लड़की का पिता और भाई थाने नहीं आए और न ही लड़की को घर में रखने को राजी हुए। यही नहीं पिता ने लड़की को दूसरे संप्रदाय के युवक के साथ चले जाने पर बेदखल करने तक की बात कह दी। फिर भी उसकी मां परिवार का विरोध झेलते हुए लड़की को थाने लेने आ गई। पुलिस ने लड़की की मां की तरफ से आरोपी मयूर के खिलाफ लड़की को अगवा कर बलात्कार करने के आरोप की रिपोर्ट दर्ज की। साथ ही लड़की का मेडिकल कराने के बाद उसे उसकी मां के सुपुर्द ही कर दिया गया। सुभाषनगर पुलिस ने न ही लड़की के अदालत में बयान दर्ज कराए और न ही आरोपी की गिरफ्तारी की कोशिश की। एसओ सतीश यादव ने बताया कि आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
... तो कहीं छात्रा के साथ न हो जाए अनहोनी
दूसरे धर्म के लड़के के साथ चले जाने पर छात्रा के परिवार की काफी बदनामी हुई है। मां के मुताबिक बदनामी की वजह से लड़की के पिता और उसका भाई उसकी जान के दुश्मन बने बैठे हैं। फिर भी सुभाषनगर पुलिस ने बिना अदालत की अनुमति के लड़की को उसके घर भेजकर उसकी जान खतरे में डाल दी है।
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पुलिस की लापरवाही से सिरौली में हो चुकी है घटना
पिछले दिनों सिरौली के युवक युवती घर छोड़कर चले गए थे। लड़की पक्ष ने रिपोर्ट दर्ज कराई तो पुलिस लड़की और लड़के को पकड़कर थाने ले आई थी, लेकिन सिरौली पुलिस ने दोनों पक्षों में समझौता कराकर लड़की को उसके परिवार वालों को सौंप दिया था और लड़के को छोड़ दिया था। इसके बाद लड़की पक्ष ने लड़के की हत्या कर शव रेलवे लाइन पर डाल दिया था।
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सुभाषनगर इलाके की एक लड़की दसवीं की छात्रा है। वह रविवार को सुभाषनगर थाने पहुंची। उसने बताया कि दूसरे संप्रदाय के मयूर खां ने उसे अपने प्रेम जाल में फंसा लिया। तीन महीने पहले वह उसके साथ चली गई। युवक ने उसका शारीरिक शोषण किया। उसने कई बार युवक के चंगुल से छूटकर भागने की कोशिश की, लेकिन वह कामयाब नहीं हो सकी। एसओ ने लड़की की बात सुनने के बाद उसकी मां को थाने बुलाया। मां तो थाने आ गई, लेकिन लड़की का पिता और भाई थाने नहीं आए और न ही लड़की को घर में रखने को राजी हुए। यही नहीं पिता ने लड़की को दूसरे संप्रदाय के युवक के साथ चले जाने पर बेदखल करने तक की बात कह दी। फिर भी उसकी मां परिवार का विरोध झेलते हुए लड़की को थाने लेने आ गई। पुलिस ने लड़की की मां की तरफ से आरोपी मयूर के खिलाफ लड़की को अगवा कर बलात्कार करने के आरोप की रिपोर्ट दर्ज की। साथ ही लड़की का मेडिकल कराने के बाद उसे उसकी मां के सुपुर्द ही कर दिया गया। सुभाषनगर पुलिस ने न ही लड़की के अदालत में बयान दर्ज कराए और न ही आरोपी की गिरफ्तारी की कोशिश की। एसओ सतीश यादव ने बताया कि आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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... तो कहीं छात्रा के साथ न हो जाए अनहोनी
दूसरे धर्म के लड़के के साथ चले जाने पर छात्रा के परिवार की काफी बदनामी हुई है। मां के मुताबिक बदनामी की वजह से लड़की के पिता और उसका भाई उसकी जान के दुश्मन बने बैठे हैं। फिर भी सुभाषनगर पुलिस ने बिना अदालत की अनुमति के लड़की को उसके घर भेजकर उसकी जान खतरे में डाल दी है।
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पुलिस की लापरवाही से सिरौली में हो चुकी है घटना
पिछले दिनों सिरौली के युवक युवती घर छोड़कर चले गए थे। लड़की पक्ष ने रिपोर्ट दर्ज कराई तो पुलिस लड़की और लड़के को पकड़कर थाने ले आई थी, लेकिन सिरौली पुलिस ने दोनों पक्षों में समझौता कराकर लड़की को उसके परिवार वालों को सौंप दिया था और लड़के को छोड़ दिया था। इसके बाद लड़की पक्ष ने लड़के की हत्या कर शव रेलवे लाइन पर डाल दिया था।