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महिला समेत तीन पर गैर इरादतन हत्या का केस चलेगा
Updated Fri, 17 Nov 2017 12:30 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। मोबाइल चोरी का आरोप लगा युवक को घर से उठा ले जाने और बंधक बनाकर की गई पिटाई के बाद मौत हो जाने के डेढ़ वर्ष पुराने मामले में अदालत ने पुलिस द्वारा कई अभियुक्तों पर मात्र मामूली मारपीट का आरोप निरुद्ध करने को सत्र न्यायाधीश ने खारिज करते हुए सभी अभियुक्तों पर गैर इरादतन हत्या की धारा 304 व 342 आईपीसी के तहत सुनवाई के आदेश दिए हैं। इन अभियुक्तों में एक महिला भी है। पहली दिसंबर को अगली सुनवाई होगी।
शहर के कटरा (किरन कालेज चौराहा) निवासी शालू ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 2 मई 2016 को दोपहर बाइक पर आए भुवनेंद्र चौरसिया और उनकी पत्नी आशा और चार अज्ञात ने उसके पति विनोद गुप्ता पर मोबाइल चोरी का आरोप लगाते हुए मारपीट की और पकड़ ले गए। उसे बुरी तरह मारापीटा और अपने कब्जे में रखा। चार मई को उसके पति जिला अस्पताल में मृत अवस्था में मिले। शव का पोस्टमार्टम हुआ। पुलिस ने धारा 304 और 342 की चार्जशीट अदालत में दाखिल की। विवेचना में अभियुक्त आशा चौरसिया, दीपक अवस्थी व अनिल खरे के विरुद्ध धारा 323 व 341 का आरोपी बनाया।
इस पर सुनवाई और गवाहों आदि की प्रक्रिया होने के बाद सत्र न्यायाधीश ने अपने छह पृष्ठीय आदेश में कहा है कि अभियुक्त भुवनेंद्र चौरसिया के विरुद्ध 304 और 342 का आरोप विचरित हो चुका है। सभी अभियुक्तों की भूमिका एक जैसी है। ऐसी दशा में दीपक अवस्थी, अनिल खरे और आशा चौरसिया के विरुद्ध भी धारा 304 व 342 आईपीसी का आरोप विचरित किया जाना न्याय संगत है। प्रथम दृष्टया इसके पर्याप्त आधार हैं। विनोद की पत्नी शालू ने बताया कि अगली सुनवाई पहली दिसंबर को होगी।
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-चर्चित विनोद की मौत के मामले में नया मोड़
-पुलिस ने तीन अभियुक्तों पर बनाया था मारपीट का मामला
-जनपद न्यायाधीश का आदेश, अगली सुनवाई पहली को
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बांदा। मोबाइल चोरी का आरोप लगा युवक को घर से उठा ले जाने और बंधक बनाकर की गई पिटाई के बाद मौत हो जाने के डेढ़ वर्ष पुराने मामले में अदालत ने पुलिस द्वारा कई अभियुक्तों पर मात्र मामूली मारपीट का आरोप निरुद्ध करने को सत्र न्यायाधीश ने खारिज करते हुए सभी अभियुक्तों पर गैर इरादतन हत्या की धारा 304 व 342 आईपीसी के तहत सुनवाई के आदेश दिए हैं। इन अभियुक्तों में एक महिला भी है। पहली दिसंबर को अगली सुनवाई होगी।
शहर के कटरा (किरन कालेज चौराहा) निवासी शालू ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 2 मई 2016 को दोपहर बाइक पर आए भुवनेंद्र चौरसिया और उनकी पत्नी आशा और चार अज्ञात ने उसके पति विनोद गुप्ता पर मोबाइल चोरी का आरोप लगाते हुए मारपीट की और पकड़ ले गए। उसे बुरी तरह मारापीटा और अपने कब्जे में रखा। चार मई को उसके पति जिला अस्पताल में मृत अवस्था में मिले। शव का पोस्टमार्टम हुआ। पुलिस ने धारा 304 और 342 की चार्जशीट अदालत में दाखिल की। विवेचना में अभियुक्त आशा चौरसिया, दीपक अवस्थी व अनिल खरे के विरुद्ध धारा 323 व 341 का आरोपी बनाया।
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इस पर सुनवाई और गवाहों आदि की प्रक्रिया होने के बाद सत्र न्यायाधीश ने अपने छह पृष्ठीय आदेश में कहा है कि अभियुक्त भुवनेंद्र चौरसिया के विरुद्ध 304 और 342 का आरोप विचरित हो चुका है। सभी अभियुक्तों की भूमिका एक जैसी है। ऐसी दशा में दीपक अवस्थी, अनिल खरे और आशा चौरसिया के विरुद्ध भी धारा 304 व 342 आईपीसी का आरोप विचरित किया जाना न्याय संगत है। प्रथम दृष्टया इसके पर्याप्त आधार हैं। विनोद की पत्नी शालू ने बताया कि अगली सुनवाई पहली दिसंबर को होगी।
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-चर्चित विनोद की मौत के मामले में नया मोड़
-पुलिस ने तीन अभियुक्तों पर बनाया था मारपीट का मामला
-जनपद न्यायाधीश का आदेश, अगली सुनवाई पहली को