{"_id":"597390034f1c1b643d8b47eb","slug":"161500745731-ballia-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोटेदार के खिलाफ केस दर्ज","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कोटेदार के खिलाफ केस दर्ज
Updated Sat, 22 Jul 2017 11:26 PM IST
विज्ञापन
हल्दी। विकास खंड बेलहरी के उदवंत छपरा गांव में कोटेदार के खिलाफ पूर्ति निरीक्षक शैलेंद्र सागर सिंह ने शनिवार को तहरीर देकर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। शुक्रवार को एसडीएम सदर ने ग्रामीणों की शिकायत पर जांच किया था। जिसमें कोटेदार अपना स्टाक और वितरण रजिस्टर नहीं दिखा पाया था।
ग्राम सभा उदवंत छपरा में शिकायत पर शुक्रवार को एसडीएम सदर निखिल टीकराम फुंडे और पूर्ति निरीक्षक शैलेंद्र सागर गांव में कोटे की दूकान की औचक जांच करने पहुंचे थे, जहां खाद्यान्न का स्टाक कम पाया गया। वहीं कोटेदार ने स्टाक और वितरण रजिस्टर नहीं दिखाया था। जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। इस प्रकरण के बारे में एसडीएम ने पूर्ति निरीक्षक से तत्काल रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
जिसपर पूर्ति निरीक्षक ने अपनी रिपोर्ट एसडीएम को दे दी। जिलाधिकारी की संस्तुति पर थाने पहुंचे पूर्ति निरीक्षक ने हल्दी थाने में दिए गए तहरीर में आरोप लगाया है कि अंत्योदय और पात्र गृहस्थी योजना का 28.84 कुंतल गेंहू तथा 20.26 कुंतल चावल का उठान तो कर लिया है। लेकिन जांच के समय 15 कुंतल गेंहू तथा 15 कुंतल चावल पाया गया। इस तरह से 13.84 कुंतल गेंहू तथा 5.26 कुंतल चावल कम पाया गया है। कोटेदार का वितरण रोस्टर आठ जुलाई था। जबकि उसके द्वारा 21 जुलाई तक खाद्यान्न का वितरण नहीं किया गया था। तहरीर के आधार पर हल्दी थाने में कोटेदार के खिलाफ 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
विज्ञापन
गांव से दूर कोटे की संबद्ध दूकान की जांच की मांग
बलिया। दुबहड़ ब्लाक के सुरेमनपुर पीपरपाती गांव निवासी अनिल कुमार चौबे ने डीएम को पत्रक देकर गांव से करीब छह किमी दूर सहरसपाली में कोटे की दूकान को संबद्ध करने के बाबत शिकायत की। कहा कि गांव से नजदीक मझौली तथा रघुनाथपुर गांव होने के बावजूद दूर के गांव के कोटेदार के यहां दूकान संबद्ध होने से कोटेदार की ओर से मनमानी की जाती है। उन्होंने वितरण की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
ग्राम सभा उदवंत छपरा में शिकायत पर शुक्रवार को एसडीएम सदर निखिल टीकराम फुंडे और पूर्ति निरीक्षक शैलेंद्र सागर गांव में कोटे की दूकान की औचक जांच करने पहुंचे थे, जहां खाद्यान्न का स्टाक कम पाया गया। वहीं कोटेदार ने स्टाक और वितरण रजिस्टर नहीं दिखाया था। जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। इस प्रकरण के बारे में एसडीएम ने पूर्ति निरीक्षक से तत्काल रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
विज्ञापन
जिसपर पूर्ति निरीक्षक ने अपनी रिपोर्ट एसडीएम को दे दी। जिलाधिकारी की संस्तुति पर थाने पहुंचे पूर्ति निरीक्षक ने हल्दी थाने में दिए गए तहरीर में आरोप लगाया है कि अंत्योदय और पात्र गृहस्थी योजना का 28.84 कुंतल गेंहू तथा 20.26 कुंतल चावल का उठान तो कर लिया है। लेकिन जांच के समय 15 कुंतल गेंहू तथा 15 कुंतल चावल पाया गया। इस तरह से 13.84 कुंतल गेंहू तथा 5.26 कुंतल चावल कम पाया गया है। कोटेदार का वितरण रोस्टर आठ जुलाई था। जबकि उसके द्वारा 21 जुलाई तक खाद्यान्न का वितरण नहीं किया गया था। तहरीर के आधार पर हल्दी थाने में कोटेदार के खिलाफ 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
विज्ञापन
गांव से दूर कोटे की संबद्ध दूकान की जांच की मांग
बलिया। दुबहड़ ब्लाक के सुरेमनपुर पीपरपाती गांव निवासी अनिल कुमार चौबे ने डीएम को पत्रक देकर गांव से करीब छह किमी दूर सहरसपाली में कोटे की दूकान को संबद्ध करने के बाबत शिकायत की। कहा कि गांव से नजदीक मझौली तथा रघुनाथपुर गांव होने के बावजूद दूर के गांव के कोटेदार के यहां दूकान संबद्ध होने से कोटेदार की ओर से मनमानी की जाती है। उन्होंने वितरण की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।