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दीवाली पर मिलावट की मार कहीं कर न दे बीमार
Updated Tue, 10 Oct 2017 10:51 PM IST
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बलिया। त्योहारों पर मिठाई खरीदें लेकिन संभलकर, थोड़ी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। अगर आप इस दीपावली में बाजार से मिठाई खरीदने वाले हैं, तो सावधान हो जाइए, क्योंकि बाजार में मिठाइयों में मिलावटखोरी जमकर हो रही है, यह मिठाई आपकी जान भी ले सकती है। इसके लिए सतर्कता और जागरूकता अत्यंत ही आवश्यक है। दीपावली और अन्य त्योहारों के समय मिठाईयों की मांग बढ़ जाती है। इसी का फायदा उठाकर मिलावटखोर, मावे व मिठाईयों में मिलावट करके उसकी मात्रा तो बढ़ा देते हैं, लेकिन उसकी गुणवत्ता पूरी तरह से खत्म हो जाती है। नतीजतन लोग गंभीर रूप से बीमार हो जाते हैं। मिठाईयां बनाने के लिए दूध, मावे और घी की आवश्यकता होती है, जिसकी मांग सबसे ज्यादा होती है। लेकिन खपत बढ़ाने के लिए मिलावटखोर इन उत्पादों को सोडा, डिटरजेंट, कास्टिक सोडा, यूरिया के प्रयोग से तैयार करके बाजार में बेचते हैं, जिसके दुष्परिणाम व्यक्ति की स्वास्थ्य समस्याओं के रूप में सामने आते हैं। त्योहार के समय यह मिलावट बढ़ जाती है, क्योंकि दूध, मावे की मांग काफी होती है और इससे व्यापारियों को मुनाफा होता है। यही कारण है कि मिलावटखोरों द्वारा सिंथेटिक दूध, मावा और अन्य सामान धड़ल्ले से तैयार किया जाता है। मिलावटी मिठाईयों को सस्ते और हानिकारक रंगों का इस्तेमाल कर, बाजार में इतना सजाकर और आकर्षक बनाकर बेचा जाता है, कि उसके नकारात्मक परिणामों को जाने बिना आप उसे खरीदकर घर ले आते हैं, और बच्चे व परिवार के सभी लोग उसे मजे से खाते भी हैं। व्यापार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण मिलावट हर जगह देखने को मिलती है। कहीं दूध में पानी की मिलावट होती है, तो कहीं मसालों में रंगों की मिलावट। खाने की चीजों में यह मिलावट हमारे स्वास्थ्य को बुरी तरह से प्रभावित करती है। इससे बचने के लिए मिलावट का पता लगाना बहुत जरूरी है।
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