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2.5 प्रतिशत मंडी शुल्क पर बिफरे गुड व्यापारी
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बड़ौत। द गुड़ खांडसारी एंड ग्रेन मर्चेंटस एसोसिएशन के आह्वान पर 2.5 प्रतिशत मंडी शुल्क लगाने का विरोध जारी है। बृहस्पतिवार को बड़ौत नगर के व्यापारियों ने गुड़ मंडी पर ताला लटका दिया। बाद में बैठक कर 12 जुलाई तक विरोध-प्रदर्शन जारी रखने का निर्णय लिया।
इस समय मंडी में गुड़ की आवक ना के बराबर है। कोरोना से भी व्यापार पर बुरा प्रभाव पड़ा है। पांच जून को सरकार ने गुड़ व्यापारियों पर 2.5 प्रतिशत मंडी शुल्क लगाने का आदेश दिया था। इससे गुड़ व्यापारी खासा नाराज है। व्यापारियों ने इसके विरोध में बृहस्पतिवार को नवीन मंडल स्थल पर मंडी अध्यक्ष प्रमोद पालीवाल की अध्यक्षता व शिव प्रकाश के संचालन में बैठक की। इसमें 12 जुलाई तक मंडी को बंद करने का निर्णय लिया है।
क्या कहते है गुड़ व्यापारी
बड़ौत। व्यापारी नेता रवि पालीवाल और शिव प्रकाश का कहना है कि न तो मंडी में सुरक्षा है और न ही साफ-सफाई की उचित व्यवस्था। ऊपर से 2.5 प्रतिशत मंडी शुल्क लगाकर व्यापारियों की कमर तोड़ने का काम किया गया है। इससे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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संदीप गर्ग, अमित गुप्ता व विमल जैन का कहना है कि पड़ोसी राज्यों हरियाणा, दिल्ली, मध्यप्रदेश की तर्ज पर जनपद बागपत सहित पूरे प्रदेश मेें मंडी शुल्क समाप्त होना चाहिए।
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इस समय मंडी में गुड़ की आवक ना के बराबर है। कोरोना से भी व्यापार पर बुरा प्रभाव पड़ा है। पांच जून को सरकार ने गुड़ व्यापारियों पर 2.5 प्रतिशत मंडी शुल्क लगाने का आदेश दिया था। इससे गुड़ व्यापारी खासा नाराज है। व्यापारियों ने इसके विरोध में बृहस्पतिवार को नवीन मंडल स्थल पर मंडी अध्यक्ष प्रमोद पालीवाल की अध्यक्षता व शिव प्रकाश के संचालन में बैठक की। इसमें 12 जुलाई तक मंडी को बंद करने का निर्णय लिया है।
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क्या कहते है गुड़ व्यापारी
बड़ौत। व्यापारी नेता रवि पालीवाल और शिव प्रकाश का कहना है कि न तो मंडी में सुरक्षा है और न ही साफ-सफाई की उचित व्यवस्था। ऊपर से 2.5 प्रतिशत मंडी शुल्क लगाकर व्यापारियों की कमर तोड़ने का काम किया गया है। इससे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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संदीप गर्ग, अमित गुप्ता व विमल जैन का कहना है कि पड़ोसी राज्यों हरियाणा, दिल्ली, मध्यप्रदेश की तर्ज पर जनपद बागपत सहित पूरे प्रदेश मेें मंडी शुल्क समाप्त होना चाहिए।