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विकास भवन में कर्मचारियों में हुई मारपीट
Updated Fri, 07 Sep 2018 12:46 AM IST
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विकास भवन में कर्मचारियों में मारपीट
सोशल ऑडिट रिपोर्ट को लेकर दोनों पक्षों में चल रहा है विवाद, एक पक्ष ने तहरीर दी
फोटो- 17 की सीरिज
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। विकास भवन में कर्मचारियों के बीच मारपीट हो गई। सोशल ऑडिट के ब्लॉक समन्वयक आपस में भिड़ गए। जमकर लात घुसे चले। प्रशासनिक अधिकारी के दफ्तर में भी बखेड़ा हुआ। एक पक्ष ने थाने में जाति सूचक शब्द कहने और मारपीट की तहरीर दी है।
ब्लॉक के गांवों में होने वाले कार्यों का हिसाब-किताब रखने के लिए प्रशासन ने ब्लॉक समन्वयक रखे है। हर ब्लॉक की जिम्मेदारी दो कर्मचारियों को दी है। बृहस्पतिवार को दोपहर के समय सोशल ऑडिट के समन्वयक कार्य कर रहे थे। बड़ौत के समन्वयक अनुज और बागपत के नीरज कुमार के बीच किसी बात को लेकर नोकझोंक हो गई। देखते ही देखते लात घुसे चलेे। अनुज का आरोप था कि ब्लॉक की रिपोर्ट तैयार कर रखी थी, इसे नीरज ने कंप्यूटर से डिलीट कर दिया। उसकी एक कॉपी निकालकर अपने पास रख ली। इस बारे में जानकारी ली तो पहले मारपीट शुरू कर दी। वहीं बागपत के समन्वयक नीरज कुमार ने बताया कि जो आरोप लगाए वह गलत है। उसने ब्लॉक में की धांधली की शिकायत सीडीओ और डीडीओ से की। इसमें आरोप सिद्ध हो गया था। इसी वजह से वह रंजिश रखता है। अपना दफ्तर छोड़कर मेरे दफ्तर में अपने एक अन्य साथी के साथ हेलमेट से हमला कर मारपीट की। इसमें वह घायल हो गया। जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। थाने में एक नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ तहरीर दे दी है। उधर सीडीओ पीसी जायसवाल ने कहा कि दोनो कर्मचारियों ने जो हरकत की है, उनकी जांच कराई जा रही है।
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सोशल ऑडिट रिपोर्ट को लेकर दोनों पक्षों में चल रहा है विवाद, एक पक्ष ने तहरीर दी
फोटो- 17 की सीरिज
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। विकास भवन में कर्मचारियों के बीच मारपीट हो गई। सोशल ऑडिट के ब्लॉक समन्वयक आपस में भिड़ गए। जमकर लात घुसे चले। प्रशासनिक अधिकारी के दफ्तर में भी बखेड़ा हुआ। एक पक्ष ने थाने में जाति सूचक शब्द कहने और मारपीट की तहरीर दी है।
ब्लॉक के गांवों में होने वाले कार्यों का हिसाब-किताब रखने के लिए प्रशासन ने ब्लॉक समन्वयक रखे है। हर ब्लॉक की जिम्मेदारी दो कर्मचारियों को दी है। बृहस्पतिवार को दोपहर के समय सोशल ऑडिट के समन्वयक कार्य कर रहे थे। बड़ौत के समन्वयक अनुज और बागपत के नीरज कुमार के बीच किसी बात को लेकर नोकझोंक हो गई। देखते ही देखते लात घुसे चलेे। अनुज का आरोप था कि ब्लॉक की रिपोर्ट तैयार कर रखी थी, इसे नीरज ने कंप्यूटर से डिलीट कर दिया। उसकी एक कॉपी निकालकर अपने पास रख ली। इस बारे में जानकारी ली तो पहले मारपीट शुरू कर दी। वहीं बागपत के समन्वयक नीरज कुमार ने बताया कि जो आरोप लगाए वह गलत है। उसने ब्लॉक में की धांधली की शिकायत सीडीओ और डीडीओ से की। इसमें आरोप सिद्ध हो गया था। इसी वजह से वह रंजिश रखता है। अपना दफ्तर छोड़कर मेरे दफ्तर में अपने एक अन्य साथी के साथ हेलमेट से हमला कर मारपीट की। इसमें वह घायल हो गया। जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। थाने में एक नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ तहरीर दे दी है। उधर सीडीओ पीसी जायसवाल ने कहा कि दोनो कर्मचारियों ने जो हरकत की है, उनकी जांच कराई जा रही है।
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