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कुम्हारान मोहल्ले के लोगों ने एसपी दफ्तर घेरा
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बागपत। शहर के कुम्हारान मोहल्ले के सड़क दुर्घटना में मारे गए युवक के परिजनों ने एसपी दफ्तर में हंगामा किया और गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। परिजनों ने पुलिस कर्मी पर मृतक की जेब से 45 हजार रुपये और पर्स गायब करने का आरोप लगाया। एएसपी ऑफिस के अंदर घुसकर महिलाओं ने पुलिस के खिलाफ आक्रोश जताया। एएसपी ऑफिस में ही मृतक युवक की मां और पत्नी बेहोश होकर गिर गई। पुलिस ने दोनों महिलाओं को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। एसपी ने सीओ से प्रकरण की जांच कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन घर लौट गए।
मोहल्ला कुम्हारान बागपत के काफी संख्या में महिला और पुरुष सोमवार को एसपी दफ्तर पहुंचे। पुलिस के खिलाफ हंगामा किया। एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव के ऑफिस में महिलाएं घुस गईं और पुलिस के खिलाफ आक्रोश जताया। इस दौरान एएसपी से उनकी नोंक झोंक भी हुई। उन्होंने कहा 26 जनवरी को दयानंद आर्य (29) पुत्र ओमकार की हाईवे पर सिसाना गांव के पास सड़क दुर्घटना में मौत हुई। पुलिस शव को उठाकर जिला अस्पताल ले गई। मृतक का पर्स, घड़ी, जूते, बेल्ट, हेलमेट सिपाही इलियास के पास रहे। मृतक की मां मुनेश ने सिपाही से बेटे का सामान देने के लिए कहा तो सिपाही ने सामान नहीं लौटाया। बेटे के पास 45 हजार रुपये की नगदी, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, हिसाब की छोटी डायरी भी थी। पोस्टमार्टम हाउस पर भी कर्मचारियों ने उनसे 500-500 रुपये लिए । उन्होंने दो उच्चाधिकारियों से अलग-अलग जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। एएसपी ऑफिस में मृतक की मां मुनेश देवी व पत्नी शशि बेहोश होकर गिर गई। महिला पुलिस कर्मियों ने दोनों महिला को उठाकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। हंगामे को देखकर एसपी शैलेश कुमार पांडेय पीड़ित परिवार के बीच पहुंचे। एसपी ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच सीओ बागपत दिलीप सिंह को सौंपी है। जांच में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इस आश्वासन पर परिजन संतुष्ट हो गए। चार घंटे बाद धरना समाप्त कर दिया। इसमें ओमकार, राम कुमार, किरण पाल, रामू, राजेंद्र, अशोक, रोजूद्दीन, राजू पंडित, सूरजकली, लीलावती, रेखा, आशा, अनीता, गीता, रजनी आदि रहे।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
बागपत। एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि परिजन मृतक युवक का सामान गायब होने का आरोप लगा रहे हैं। सीओ दिलीप सिंह को दस दिन में पूरे प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई हो। जिस सिपाही पर आरोप लगाया जा रहा है, उससे भी जानकारी ली जाएगी।
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मोहल्ला कुम्हारान बागपत के काफी संख्या में महिला और पुरुष सोमवार को एसपी दफ्तर पहुंचे। पुलिस के खिलाफ हंगामा किया। एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव के ऑफिस में महिलाएं घुस गईं और पुलिस के खिलाफ आक्रोश जताया। इस दौरान एएसपी से उनकी नोंक झोंक भी हुई। उन्होंने कहा 26 जनवरी को दयानंद आर्य (29) पुत्र ओमकार की हाईवे पर सिसाना गांव के पास सड़क दुर्घटना में मौत हुई। पुलिस शव को उठाकर जिला अस्पताल ले गई। मृतक का पर्स, घड़ी, जूते, बेल्ट, हेलमेट सिपाही इलियास के पास रहे। मृतक की मां मुनेश ने सिपाही से बेटे का सामान देने के लिए कहा तो सिपाही ने सामान नहीं लौटाया। बेटे के पास 45 हजार रुपये की नगदी, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, हिसाब की छोटी डायरी भी थी। पोस्टमार्टम हाउस पर भी कर्मचारियों ने उनसे 500-500 रुपये लिए । उन्होंने दो उच्चाधिकारियों से अलग-अलग जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। एएसपी ऑफिस में मृतक की मां मुनेश देवी व पत्नी शशि बेहोश होकर गिर गई। महिला पुलिस कर्मियों ने दोनों महिला को उठाकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। हंगामे को देखकर एसपी शैलेश कुमार पांडेय पीड़ित परिवार के बीच पहुंचे। एसपी ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच सीओ बागपत दिलीप सिंह को सौंपी है। जांच में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इस आश्वासन पर परिजन संतुष्ट हो गए। चार घंटे बाद धरना समाप्त कर दिया। इसमें ओमकार, राम कुमार, किरण पाल, रामू, राजेंद्र, अशोक, रोजूद्दीन, राजू पंडित, सूरजकली, लीलावती, रेखा, आशा, अनीता, गीता, रजनी आदि रहे।
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जांच के बाद होगी कार्रवाई
बागपत। एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि परिजन मृतक युवक का सामान गायब होने का आरोप लगा रहे हैं। सीओ दिलीप सिंह को दस दिन में पूरे प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई हो। जिस सिपाही पर आरोप लगाया जा रहा है, उससे भी जानकारी ली जाएगी।
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