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Gonda News: 5.25 करोड़ की ठगी में लविश चौधरी व साथियों पर एफआईआर
Sun, 06 Sep 2026 12:25 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 06 Sep 2026 12:25 AM IST
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लविश चौधरी
गोंडा। ऑनलाइन निवेश के नाम पर 5.25 करोड़ रुपये की ठगी के आरोप में बोट ब्रो (बोट अल्फा) कंपनी के मालिक लविश चौधरी समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। एसपी के आदेश पर नगर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की है।
पूरे उदई फिरोजपुर निवासी वीरेंद्र प्रकाश पांडेय और बहराइच के चिलौली बिरहिमपुर निवासी सच्चिदानंद पाठक ने दर्ज कराई एफआईइआर में कंपनी पर कई गुना मुनाफे का झांसा देकर रकम हड़पने का आरोप लगाया है। लविश चौधरी के साथ एजेंट सरयू प्रसाद मिश्र, रजत मौर्य, बृजेश सिंह और संजय जायसवाल सहित अन्य आरोपी हैं। वीरेंद्र प्रकाश पांडेय के मुताबिक, पांच फरवरी 2024 को उन्हें गोंडा के एक होटल में बुलाया गया। उन्हें छह गुना लाभ का भरोसा दिया गया। फिर लखनऊ के एक होटल में निवेश प्रक्रिया समझाई गई। निवेशकों को अपने परिचितों को भी कंपनी से जोड़ने के लिए प्रेरित किया। शिकायत के अनुसार, मनी सोल्यूशन और एन पे बॉक्स जैसे खातों से वीरेंद्र प्रकाश पांडेय व सच्चिदानंद पाठक से करीब 25 लाख रुपये लिए गए। उनके रिश्तेदारों और परिचितों से भी निवेश के नाम पर करीब पांच करोड़ रुपये जुटाए गए। शुरुआत में कुछ समय मुनाफा दिया गया, लेकिन बाद में रकम की निकासी बंद हो गई। कंपनी बंद होने की बात कहकर रकम वापस नहीं की गई।
मामले में शिकायतकर्ताओं ने एसपी से मिलकर कंपनी के बैंक खातों की जांच, लेनदेन के फोरेंसिक ऑडिट और पूरे नेटवर्क की पड़ताल की मांग की। सीओ सिटी योगेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस आरोपों की जांच कर रही है, जिसमें बैंक खातों और लेनदेन की पड़ताल शामिल है।
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पूरे उदई फिरोजपुर निवासी वीरेंद्र प्रकाश पांडेय और बहराइच के चिलौली बिरहिमपुर निवासी सच्चिदानंद पाठक ने दर्ज कराई एफआईइआर में कंपनी पर कई गुना मुनाफे का झांसा देकर रकम हड़पने का आरोप लगाया है। लविश चौधरी के साथ एजेंट सरयू प्रसाद मिश्र, रजत मौर्य, बृजेश सिंह और संजय जायसवाल सहित अन्य आरोपी हैं। वीरेंद्र प्रकाश पांडेय के मुताबिक, पांच फरवरी 2024 को उन्हें गोंडा के एक होटल में बुलाया गया। उन्हें छह गुना लाभ का भरोसा दिया गया। फिर लखनऊ के एक होटल में निवेश प्रक्रिया समझाई गई। निवेशकों को अपने परिचितों को भी कंपनी से जोड़ने के लिए प्रेरित किया। शिकायत के अनुसार, मनी सोल्यूशन और एन पे बॉक्स जैसे खातों से वीरेंद्र प्रकाश पांडेय व सच्चिदानंद पाठक से करीब 25 लाख रुपये लिए गए। उनके रिश्तेदारों और परिचितों से भी निवेश के नाम पर करीब पांच करोड़ रुपये जुटाए गए। शुरुआत में कुछ समय मुनाफा दिया गया, लेकिन बाद में रकम की निकासी बंद हो गई। कंपनी बंद होने की बात कहकर रकम वापस नहीं की गई।
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मामले में शिकायतकर्ताओं ने एसपी से मिलकर कंपनी के बैंक खातों की जांच, लेनदेन के फोरेंसिक ऑडिट और पूरे नेटवर्क की पड़ताल की मांग की। सीओ सिटी योगेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस आरोपों की जांच कर रही है, जिसमें बैंक खातों और लेनदेन की पड़ताल शामिल है।
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