{"_id":"59c6b8fe4f1c1b2d688b6197","slug":"71506195710-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भजनों के माध्यम से समाज सुधार का संदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भजनों के माध्यम से समाज सुधार का संदेश
Updated Sun, 24 Sep 2017 01:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भजनों के माध्यम से दिया
समाज सुधार का संदेश
बिनौली (बागपत)। फजलपुर सुंदरनगर में चल रहे आर्य समाज के तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को भजनोपदेशकों ने मधुर भजनों की प्रस्तुतियां देकर देशप्रेम और सामाजिक बुराइयों को दूर करने का संदेश दिया।
ओमपाल शास्त्री ने वेदमंत्रों के साथ यज्ञ संपन्न कराया। कार्यक्रम में डा. भोपाल सिंह आर्य ने कहा कि अब कई कुरीतियां आ गई हैं। कुछ तथाकथित विद्वान इसमें संशोधन कर रहे हैं जो गलत हैं। उन्होंने कहा कि महर्षि दयानंद रचित संस्कार विधि से ही विद्वान यज्ञ संपन्न कराएं। भजनोपदेशक अशोक प्रबोध एवं सविता आर्या ने कन्या भ्रूण हत्या, नशाखोरी, दहेज प्रथा, पाखंड आदि सामाजिक बुराइयों पर चोट करते हुए भजनों के माध्यम से समाज सेवा और संस्कारों की सीख दी। अध्यक्षता आचार्य गजराज सिंह एवं संचालन विनोद आर्य एवं अशोक आर्य ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर स्वामी यज्ञ मुनि वानप्रस्थी, राजबीर आर्य, खिलारी सिंह, नरेश वर्मा, सीमा आर्या, कुलदीप आर्य, सतीश कुमार, प्रदीप कुमार, देवव्रत आर्य, ईश्वर आर्य शामिल रहे।
विज्ञापन
समाज सुधार का संदेश
बिनौली (बागपत)। फजलपुर सुंदरनगर में चल रहे आर्य समाज के तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को भजनोपदेशकों ने मधुर भजनों की प्रस्तुतियां देकर देशप्रेम और सामाजिक बुराइयों को दूर करने का संदेश दिया।
ओमपाल शास्त्री ने वेदमंत्रों के साथ यज्ञ संपन्न कराया। कार्यक्रम में डा. भोपाल सिंह आर्य ने कहा कि अब कई कुरीतियां आ गई हैं। कुछ तथाकथित विद्वान इसमें संशोधन कर रहे हैं जो गलत हैं। उन्होंने कहा कि महर्षि दयानंद रचित संस्कार विधि से ही विद्वान यज्ञ संपन्न कराएं। भजनोपदेशक अशोक प्रबोध एवं सविता आर्या ने कन्या भ्रूण हत्या, नशाखोरी, दहेज प्रथा, पाखंड आदि सामाजिक बुराइयों पर चोट करते हुए भजनों के माध्यम से समाज सेवा और संस्कारों की सीख दी। अध्यक्षता आचार्य गजराज सिंह एवं संचालन विनोद आर्य एवं अशोक आर्य ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर स्वामी यज्ञ मुनि वानप्रस्थी, राजबीर आर्य, खिलारी सिंह, नरेश वर्मा, सीमा आर्या, कुलदीप आर्य, सतीश कुमार, प्रदीप कुमार, देवव्रत आर्य, ईश्वर आर्य शामिल रहे।
विज्ञापन