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रोडवेज में सवार होकर बिनौली पहुंचा गोल्डन ब्वाय सौरभ चौधरी
Updated Fri, 16 Nov 2018 01:44 AM IST
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बिनौली (बागपत)। जकार्ता के एशियाई खेलों सहित शूटिंग में एक के बाद एक पांच स्वर्ण पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धमाल मचाने वाले निशानेबाज सौरभ चौधरी ने केरल में शुरू हुए नेशनल खेलों की तैयारी शुरू कर दी है। बिनौली स्थित वीर शाहमल राइफल क्लब पर शूटर ने पांच घंटे तक अभ्यास किया। कामयाबी के शिखर पर मौजूद सौरभ ने बिनौली से अपने गांव कलीना के बीच रोडवेज बस से ही सफर किया।
केरल में 62वीं नेशनल शूटिंग प्रतियोगिता शुरू हो चुकी है। दस मीटर एयर पिस्टल के मुकाबले के लिए बृहस्पतिवार से सौरभ ने खुद को बागपत के बिनौली स्थित वीर शाहमल राइफल एकेडमी में अभ्यास शुरू कर दिया। सुबह 11 बजे सौरभ एकेडमी पर पहुंचा और शाम चार बजे तक अभ्यास किया। प्रशिक्षक अमित श्योराण के निर्देशन में अन्य साथी खिलाड़ियों के साथ पसीना बहाया। जकार्ता में पदक जीतने के बाद सौरभ पहली बार बिनौली स्थित अपनी शूटिंग रेंज पर पहुंचा । मेरठ के कलीना से बागपत के बिनौली तक 12 किमी के जिस सफर ने सौरभ को गोल्डन ब्वाय बनाया, वही सफर सौरभ ने बृहस्पतिवार को भी जारी रखा। रोडवेज बस में सवार होकर सौरभ चौधरी अपने घर लौटा। गांव के साथी खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने सौरभ की प्रशंसा की। याद रहे कि सौरभ रोज 12 किमी का सफर बस या टेंपो में सवार होकर ही करता था। एक के बाद एक पांच अंतरराष्ट्रीय गोल्ड मेडल जीतकर भी सौरभ चौधरी ने सादगी की मिसाल पेश की।
ओलंपिक पदक जीतना लक्ष्य : सौरभ चौधरी
बागपत। शूटर सौरभ चौधरी ने कहा कि अभी तक जो सफलता हासिल की है, उससे आगे बढ़कर वह ओलंपिक में पदक जीतना चाहता है। उसका लक्ष्य अपनी लय को बरकरार रखना है, ताकि ओलंपिक मुकाबले के लिए खुद को तैयार कर सकें। अभी तक जो सफलता मिली है, वह सुखद है। लेकिन लक्ष्य ओलंपिक है, इस वजह से वह तैयारी में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता।
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सफलता की पटरी पर सौरभ : अमित श्योराण
बागपत। कोच अमित श्योराण का कहना है कि सौरभ सफलता की पटरी पर है। उसे भविष्य के लिए कड़ी मेहनत कर अपनी लय को बरकरार रखना होगा। वह निशानेबाजी का भविष्य है। ओलंपिक में वह पदक जरूर जीतेगा।
सौरभ का किया अभिनंदन
बिनौली। वीर शाहमल राइफल एकेडमी समेत अन्य कई जगहों पर 16 साल के शूटर की कामयाबी पर अभिनंदन किया। कोच अमित श्योराण ने सराहना की। इसके अलावा गांव में कई जगह लोगों ने उसका स्वागत किया।
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केरल में 62वीं नेशनल शूटिंग प्रतियोगिता शुरू हो चुकी है। दस मीटर एयर पिस्टल के मुकाबले के लिए बृहस्पतिवार से सौरभ ने खुद को बागपत के बिनौली स्थित वीर शाहमल राइफल एकेडमी में अभ्यास शुरू कर दिया। सुबह 11 बजे सौरभ एकेडमी पर पहुंचा और शाम चार बजे तक अभ्यास किया। प्रशिक्षक अमित श्योराण के निर्देशन में अन्य साथी खिलाड़ियों के साथ पसीना बहाया। जकार्ता में पदक जीतने के बाद सौरभ पहली बार बिनौली स्थित अपनी शूटिंग रेंज पर पहुंचा । मेरठ के कलीना से बागपत के बिनौली तक 12 किमी के जिस सफर ने सौरभ को गोल्डन ब्वाय बनाया, वही सफर सौरभ ने बृहस्पतिवार को भी जारी रखा। रोडवेज बस में सवार होकर सौरभ चौधरी अपने घर लौटा। गांव के साथी खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने सौरभ की प्रशंसा की। याद रहे कि सौरभ रोज 12 किमी का सफर बस या टेंपो में सवार होकर ही करता था। एक के बाद एक पांच अंतरराष्ट्रीय गोल्ड मेडल जीतकर भी सौरभ चौधरी ने सादगी की मिसाल पेश की।
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ओलंपिक पदक जीतना लक्ष्य : सौरभ चौधरी
बागपत। शूटर सौरभ चौधरी ने कहा कि अभी तक जो सफलता हासिल की है, उससे आगे बढ़कर वह ओलंपिक में पदक जीतना चाहता है। उसका लक्ष्य अपनी लय को बरकरार रखना है, ताकि ओलंपिक मुकाबले के लिए खुद को तैयार कर सकें। अभी तक जो सफलता मिली है, वह सुखद है। लेकिन लक्ष्य ओलंपिक है, इस वजह से वह तैयारी में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता।
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सफलता की पटरी पर सौरभ : अमित श्योराण
बागपत। कोच अमित श्योराण का कहना है कि सौरभ सफलता की पटरी पर है। उसे भविष्य के लिए कड़ी मेहनत कर अपनी लय को बरकरार रखना होगा। वह निशानेबाजी का भविष्य है। ओलंपिक में वह पदक जरूर जीतेगा।
सौरभ का किया अभिनंदन
बिनौली। वीर शाहमल राइफल एकेडमी समेत अन्य कई जगहों पर 16 साल के शूटर की कामयाबी पर अभिनंदन किया। कोच अमित श्योराण ने सराहना की। इसके अलावा गांव में कई जगह लोगों ने उसका स्वागत किया।