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क्यों शासन को नहीं भेज रहे कुपोषण मुक्त गांव का डाटा?
Updated Fri, 09 Feb 2018 01:09 AM IST
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बागपत। जिला स्तरीय अधिकारियों ने कुपोषण मुक्त अभियान के तहत जिन गांवों को गोद लिया, उनकी रिपोर्ट अप लोड नहीं की। छह माह में गांवों को कुपोषण से मुक्ति का प्लान शासन स्तर से बनाया। राज्य पोषण मिशन के महानिदेशक ने सीडीओ को जल्द से जल्द सूचना अप लोड कराने के निर्देश जारी किए हैं।
शासन की ओर से कुपोषण मुक्त गांव कार्यक्रम एक नवंबर 2017 को शुरू किया। छह माह में गांवों को कुपोषण मुक्त करने का प्लान है। जिला स्तरीय अधिकारियों को दो-दो गांव गोद लेकर कुपोषण से मुक्ति दिलाने के निर्देश दिए। राज्य पोषण मिशन के महानिदेशक अनूप कुमार ने सीडीओ चांदनी सिंह को पत्र भेजकर अवगत कराया कि कार्यक्रम की कोई भी सूचना विभाग की साइट पर अप लोड नहीं की । मिशन की वेबसाइट सभी प्रपत्र विभाग सूचना फीडिंग की व्यवस्था की। दो फरवरी को इस कमी के संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी से दूरभाष पर वार्ता की, अभी तक स्थिति में कोई सुधार नहीं किया। गोद लिए गांवों की सभी सूचना अप लोड नहीं की। जबकि छह माह में गांवों को कुपोषण से मुक्त कराने का लक्ष्य है। सीडीओ को निर्देश दिए 10 फरवरी तक कार्यक्रम के प्रपत्र पर विभिन्न विभागों की सूचना फीड कराई जाए। ताकि कार्यक्रम की समीक्षा हो सके। सीडीओ चांदनी सिंह ने कहा जल्द ही डाटा अप लोड कराया जाएगा।
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शासन की ओर से कुपोषण मुक्त गांव कार्यक्रम एक नवंबर 2017 को शुरू किया। छह माह में गांवों को कुपोषण मुक्त करने का प्लान है। जिला स्तरीय अधिकारियों को दो-दो गांव गोद लेकर कुपोषण से मुक्ति दिलाने के निर्देश दिए। राज्य पोषण मिशन के महानिदेशक अनूप कुमार ने सीडीओ चांदनी सिंह को पत्र भेजकर अवगत कराया कि कार्यक्रम की कोई भी सूचना विभाग की साइट पर अप लोड नहीं की । मिशन की वेबसाइट सभी प्रपत्र विभाग सूचना फीडिंग की व्यवस्था की। दो फरवरी को इस कमी के संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी से दूरभाष पर वार्ता की, अभी तक स्थिति में कोई सुधार नहीं किया। गोद लिए गांवों की सभी सूचना अप लोड नहीं की। जबकि छह माह में गांवों को कुपोषण से मुक्त कराने का लक्ष्य है। सीडीओ को निर्देश दिए 10 फरवरी तक कार्यक्रम के प्रपत्र पर विभिन्न विभागों की सूचना फीड कराई जाए। ताकि कार्यक्रम की समीक्षा हो सके। सीडीओ चांदनी सिंह ने कहा जल्द ही डाटा अप लोड कराया जाएगा।
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