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सफेद हाथी बनीं टंकी, पानी आपूर्ति धड़ाम
Updated Sun, 11 Feb 2018 01:17 AM IST
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दाहा (बागपत)। गांगनौली गांव में टंकी के पानी की सप्लाई घरों तक नहीं पहुंच रही है। पाइप खराब होने की वजह से इसका संचालन नहीं किया जा रहा है। एक माह से सप्लाई नहीं होने के कारण ग्रामीणों को पेयजल की परेशानी उठानी पड़ रही है। हैंडपंपों से प्रदूषित पानी निकलता है। जिन घरों में सबमर्सेबिल हैं, अधिकतर ग्रामीण वहीं से पानी लेते हैं।
ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए गांगनौली गांव में ओवरहैड टैंक का निर्माण कराया । गांव में पाइप लाइन बिछाई , लेकिन पाइप बार-बार फट जाते हैं। लोगों के घरों तक पेयजल नहीं पहुंच रहा है। पिछले करीब एक माह से ग्रामीण समस्या का सामना कर रहे हैं। उधर, प्रदूषित जल के कारण एनजीटी के आदेश पर गांव के अधिकतर हैंडपंप उखड़वा दिए । जो हैंडपंप गांव में लगे हैं, वह प्रदूषित जल दे रहे हैं। गांव में कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का प्रकोप हैं। इसमें ग्रामीण अरुण कुमार, देवेंद्र, पल्लू, गुलफाम, राशीद, राकेश, अनिल, बिल्लू और जोगिंद्र ने बताया कि अधिकतर हैंडपंप प्रदूषित जल दे रहे हैं। जिन लोगों के घरों में सबमर्सेबिल लगा हैं, उन्हीं के यहां से पीने के लिए पानी लेकर आने के लिए मजबूर हैं।
हैंडपंपों से निकलता है बदबूदार पानी
गांगनौली गांव के रविंद्र कुमार ने बताया कि दूषित पानी पीने के लिए लोग मजबूर है, बीमारियां होने की दहशत बढ़ गई है।
सोहंदर ने बताया कि कृष्णा नदी गांव के लिए काल बनती जा रही है। पानी की टंकी चलने से ही लोगों को राहत मिल सकती है।
सुनीता रानी कहा कि पीने के पानी की समस्या गंभीर होती जा रही है। हैंडपंपों से काला पानी निकलता है। समाधान होना चाहिए।
कमलेश ने कहा कि पानी हर जीव के लिए अमृत समान है, लेकिन गांव में यह पानी मौत का कारण बनता जा रहा है।
सरती ने कहा कि टंकी से घरों में पेयजल की आपूर्ति कराकर ही शुद्ध पेयजल मिल सकता है। प्रशासन को समस्या के समाधान के लिए गंभीरता से विचार करना चाहिए।
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ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए गांगनौली गांव में ओवरहैड टैंक का निर्माण कराया । गांव में पाइप लाइन बिछाई , लेकिन पाइप बार-बार फट जाते हैं। लोगों के घरों तक पेयजल नहीं पहुंच रहा है। पिछले करीब एक माह से ग्रामीण समस्या का सामना कर रहे हैं। उधर, प्रदूषित जल के कारण एनजीटी के आदेश पर गांव के अधिकतर हैंडपंप उखड़वा दिए । जो हैंडपंप गांव में लगे हैं, वह प्रदूषित जल दे रहे हैं। गांव में कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का प्रकोप हैं। इसमें ग्रामीण अरुण कुमार, देवेंद्र, पल्लू, गुलफाम, राशीद, राकेश, अनिल, बिल्लू और जोगिंद्र ने बताया कि अधिकतर हैंडपंप प्रदूषित जल दे रहे हैं। जिन लोगों के घरों में सबमर्सेबिल लगा हैं, उन्हीं के यहां से पीने के लिए पानी लेकर आने के लिए मजबूर हैं।
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हैंडपंपों से निकलता है बदबूदार पानी
गांगनौली गांव के रविंद्र कुमार ने बताया कि दूषित पानी पीने के लिए लोग मजबूर है, बीमारियां होने की दहशत बढ़ गई है।
सोहंदर ने बताया कि कृष्णा नदी गांव के लिए काल बनती जा रही है। पानी की टंकी चलने से ही लोगों को राहत मिल सकती है।
सुनीता रानी कहा कि पीने के पानी की समस्या गंभीर होती जा रही है। हैंडपंपों से काला पानी निकलता है। समाधान होना चाहिए।
कमलेश ने कहा कि पानी हर जीव के लिए अमृत समान है, लेकिन गांव में यह पानी मौत का कारण बनता जा रहा है।
सरती ने कहा कि टंकी से घरों में पेयजल की आपूर्ति कराकर ही शुद्ध पेयजल मिल सकता है। प्रशासन को समस्या के समाधान के लिए गंभीरता से विचार करना चाहिए।