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धर्म आत्मा का उत्थान करता है- नयन सागर
Updated Sun, 17 Dec 2017 01:46 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
दिगंबर जैन कॉलेज में शनिवार को धर्मसभा में जैन संत उपाध्याय नयन सागर महाराज ने कहा कि जैन दर्शन में अरिहंत अवस्था के बाद सिद्ध अवस्था आ जाती है और सिद्ध होना समस्त बंधनों से मुक्त हो जाना है।
इस अवसर उन्होंने कहा कि धर्म का अर्थ धारण करना है और क्या धारण करना है यह धार्मिक नियम, मान्यताऐं एवं सिद्धांत तय करते हैं। ऐसा धर्म जो केवल अनुयायी बनाए, धर्म नहीं कहा जा सकता। धर्म सदैव आत्मा का उत्थान करता है, ना कि उसे अनुयायी बनाता है। हमें मिथ्यात्व को त्यागकर मोक्ष की राह पर बढ़ने का प्रयास करना चाहिए। सायं काल गुरु भक्ति के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें गुरु भक्ति चैनल द्वारा मनमोहक प्रस्तुतियां दी गई। प्राचार्य डॉ. वीरेंद्र सिंह द्वारा कार्यक्रम के आयोजन के लिए प्रदीप जैन, अनुज जैन का सम्मानित किया। इस अवसर पर वैशाली गाजियाबाद से आए एक नन्हें बच्चे वर्णित जैन ने भजन प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया। इसके बाद आरती का आयोजन किया गया। संचालन धनेंद्र कुमार जैन एवं डॉ. श्रेयांस कुमार जैन ने किया। बारह भावना का पाठ अमित जैन ने किया। इस अवसर पर घासीराम जैन, धनकुमार जैन, राकेश कुमार जैन, अरविंद जैन, सुनील कुमार जैन, रमेश चंद जैन, विमल प्रसाद जैन, रविंद कुमार जैन, राजकुमार जैन, सुखमाल चंद जैन, सुदेश जैन, संजय जैन, संदीप जैन, मनोज जैन, नरेंद्र जैन, पवन जैन, कमल जैन, प्रवीण जैन, आनंद जैन, डॉ. अमित जैन, डॉ. दीपक जैन, सुनीता जैन, डॉ. शिंजिता अग्रवाल, डॉ. किरन गर्ग, सुधीर जैन, ऋषभ जैन, विनोद कश्यप, रोहन जैन आदि मौजूद रहे।
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दिगंबर जैन कॉलेज में शनिवार को धर्मसभा में जैन संत उपाध्याय नयन सागर महाराज ने कहा कि जैन दर्शन में अरिहंत अवस्था के बाद सिद्ध अवस्था आ जाती है और सिद्ध होना समस्त बंधनों से मुक्त हो जाना है।
इस अवसर उन्होंने कहा कि धर्म का अर्थ धारण करना है और क्या धारण करना है यह धार्मिक नियम, मान्यताऐं एवं सिद्धांत तय करते हैं। ऐसा धर्म जो केवल अनुयायी बनाए, धर्म नहीं कहा जा सकता। धर्म सदैव आत्मा का उत्थान करता है, ना कि उसे अनुयायी बनाता है। हमें मिथ्यात्व को त्यागकर मोक्ष की राह पर बढ़ने का प्रयास करना चाहिए। सायं काल गुरु भक्ति के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें गुरु भक्ति चैनल द्वारा मनमोहक प्रस्तुतियां दी गई। प्राचार्य डॉ. वीरेंद्र सिंह द्वारा कार्यक्रम के आयोजन के लिए प्रदीप जैन, अनुज जैन का सम्मानित किया। इस अवसर पर वैशाली गाजियाबाद से आए एक नन्हें बच्चे वर्णित जैन ने भजन प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया। इसके बाद आरती का आयोजन किया गया। संचालन धनेंद्र कुमार जैन एवं डॉ. श्रेयांस कुमार जैन ने किया। बारह भावना का पाठ अमित जैन ने किया। इस अवसर पर घासीराम जैन, धनकुमार जैन, राकेश कुमार जैन, अरविंद जैन, सुनील कुमार जैन, रमेश चंद जैन, विमल प्रसाद जैन, रविंद कुमार जैन, राजकुमार जैन, सुखमाल चंद जैन, सुदेश जैन, संजय जैन, संदीप जैन, मनोज जैन, नरेंद्र जैन, पवन जैन, कमल जैन, प्रवीण जैन, आनंद जैन, डॉ. अमित जैन, डॉ. दीपक जैन, सुनीता जैन, डॉ. शिंजिता अग्रवाल, डॉ. किरन गर्ग, सुधीर जैन, ऋषभ जैन, विनोद कश्यप, रोहन जैन आदि मौजूद रहे।
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