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पेंशन अदालत में चार मामलों का हुआ निस्तारण
Updated Wed, 28 Nov 2018 12:12 AM IST
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आजमगढ़। मंडलायुक्त जगतराज के निर्देश पर मंगलवार को मंडलायुक्त सभागार में अपर आयुक्त प्रशासन की अध्यक्ष में पेंशन अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें चार मामलों का निस्तारण मौके पर करने के साथ ही शेष मामलों को दो सप्ताह में निस्तारित करने का निर्देश दिया। अपर आयुक्त ने पेंशनरों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और पेंशन विसंगतियों को समयबद्ध करते हुए निर्धारित अवधि में उसका अनिवार्य रूप से निराकरण करने का विभागों को निर्देश दिया। अधिकारियों से कहा कि पेंशन, उपादान सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों के जीवन यापन का सहारा होता है। इसलिए पेंशन पत्रावलियों में आपत्तियों और विसंगतियों का निस्तारण तत्परता से करते हुए पेंशनरों को समय से उनके बकाया देयों का भुगतान किया जाए। इस मौके पर गत पेंशन अदालत के लंबित पांच प्रकरणों में से चार का निस्तारण किया गया। जबकि शारदा सहायक खंड- 32 आजमगढ़ से सींचपाल के पद पर जून 2016 में सेवानिवृत्त हुए चंद्रबली राम का प्रकरण पेंशनर स्तर से कार्रवाई पूर्ण न किये जाने के कारण निस्तारित नहीं हो पाया। पेंशन अदालत में माध्यमिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग से संबंधित आए दो अन्य प्रकरण भी प्रस्तुत हुए। जिसमें पेंशन निर्धारण एवं अन्य देयकों के प्रति पेंशनरों द्वारा अपत्ति उठाई गई। अपर आयुक्त राजेन्द्र कुमार ने पेंशन अदालत में आए सभी पेंशनरों से कहा कि यदि पेंशन निर्धारण एवं अन्य देयों के भुगतान से संतुष्ट नहीं हैं तो उसका बिंदुवार विवरण तैयार कर अपना प्रत्यावेदन विभाग को प्राप्त कराए। विभागों को भी निर्देश दिया कि पेंशनरों से प्राप्त प्रत्यावेदन पर दो सप्ताह के अंदर शासनादेशों में नीहित प्राविधानों के तहत कार्रवाई पूर्ण करते हुए पत्रावली कोषागार को उपलब्ध कराएं। इस मौके पर अपर निदेशक कोषागार एवं पेंशन विजय कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक कोषागार एवं पेंशन सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी, मुख्य कोषाधिकारी आजमगढ़ विजय शंकर, मऊ मनीष कुशवाहा, सहायक कोषाधिकारी बलिया धर्मनाथ गोस्वामी आदि उपस्थित थे।
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