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गर्भवती मां को पांच हजार बतौर शगुन देगी सरकार
Updated Sun, 10 Sep 2017 11:23 PM IST
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पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को शगुन के तौर पर सरकार पांच हजार रुपये देगी। केंद्र सरकार ने पिछले बजट में यह घोषणा की थी, लेकिन प्रदेश में आचार संहिता लागू होने के कारण योजना का क्रियान्वयन शुरू हो सका था। अब इस योजना को प्रभावी रूप से शुरू करने के लिए सभी जिलों के स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए स्वास्थ्य विभाग को गर्भवती महिला का सर्वे कर डाटा अपलोड करने के आदेश दिए हैं। आधार लिंक को भी अनिवार्य किया गया है।
केंद्र सरकार ने बजट 2017-18 में गर्भवती महिलाओं को पांच हजार रुपये देने का एलान निया था। बजट के समय प्रदेश में विधानसभा चुनावों के कारण आचार संहिता लगी हुई थी। इस कारण प्रदेश में इसे लागू नहीं किया जा सका था। अब योजना के प्रभावी क्रिवान्वयन की कवायद शुरू कर दी गई है। शासन की ओर से स्वास्थ्य विभाग को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि गर्भ धारण करने से लेकर बच्चे को छह माह तक दूध पिलाने की अवधि में महिलाएं अल्प पोषण की शिकार होती हैं। ऐसी स्थिति में ये योजना उनके लिए काफी सहायक होगी। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पहली बार गर्भवती महिलाओं को लाभ लिया जाएगा। इसके तहत तीन किश्तों में लाभार्थी महिलाओं को पांच हजार रुपये दिए जाएंगे। योजना के तहत गर्भवती महिलाओं का डाटा एमसीटीएस पोर्टल पर फीड करने का काम शुरू हो गया है। साथ में आधार को भी लिंक किया जा रहा है।
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तीन किश्तों में योजना का लाभ
योजना के तहत एएनएम की ओर से महिला का गर्भावस्था की पंजीकरण करने पर पहली किश्त जारी जाएगी। इसके तहत एक हजार रुपये मिलेंगे। छह माह बाद महिला की जांच की जाएगी और खाते में दूसरी किश्त के दो हजार जाएंगे। नवजात का छह माह पर टीकाकरण के बाद तीसरी किश्त के रूप में दो हजार रुपये मिलेंगे। इसके साथ ही जननी सुरक्षा योजना के तहत बच्चा होने पर महिलाओं को मिलने वाली 1400 रुपये की धनराशि भी मिलती रहेगी।
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योजना के क्रियान्वयन के लिए शासन की ओर से पत्र मिला है। इसके तहत पहली बार गर्भ धारण करने वाली महिला को तीन किश्तों में पांच हजार की धनराशि दी जाएगी। योजना के तहत सर्वे, डाटा फीडिंग और आधार लिंक करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा लाभार्थी को जननी सुरक्षा योजना के तहत भी 1400 रुपये का लाभ मिलेगा। योजना के तहत पहली कार्यशाला लखनऊ में 15 सितंबर को होगी।
. संजय गुप्ता, एसीएमओ आरसीएच
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केंद्र सरकार ने बजट 2017-18 में गर्भवती महिलाओं को पांच हजार रुपये देने का एलान निया था। बजट के समय प्रदेश में विधानसभा चुनावों के कारण आचार संहिता लगी हुई थी। इस कारण प्रदेश में इसे लागू नहीं किया जा सका था। अब योजना के प्रभावी क्रिवान्वयन की कवायद शुरू कर दी गई है। शासन की ओर से स्वास्थ्य विभाग को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि गर्भ धारण करने से लेकर बच्चे को छह माह तक दूध पिलाने की अवधि में महिलाएं अल्प पोषण की शिकार होती हैं। ऐसी स्थिति में ये योजना उनके लिए काफी सहायक होगी। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पहली बार गर्भवती महिलाओं को लाभ लिया जाएगा। इसके तहत तीन किश्तों में लाभार्थी महिलाओं को पांच हजार रुपये दिए जाएंगे। योजना के तहत गर्भवती महिलाओं का डाटा एमसीटीएस पोर्टल पर फीड करने का काम शुरू हो गया है। साथ में आधार को भी लिंक किया जा रहा है।
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तीन किश्तों में योजना का लाभ
योजना के तहत एएनएम की ओर से महिला का गर्भावस्था की पंजीकरण करने पर पहली किश्त जारी जाएगी। इसके तहत एक हजार रुपये मिलेंगे। छह माह बाद महिला की जांच की जाएगी और खाते में दूसरी किश्त के दो हजार जाएंगे। नवजात का छह माह पर टीकाकरण के बाद तीसरी किश्त के रूप में दो हजार रुपये मिलेंगे। इसके साथ ही जननी सुरक्षा योजना के तहत बच्चा होने पर महिलाओं को मिलने वाली 1400 रुपये की धनराशि भी मिलती रहेगी।
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योजना के क्रियान्वयन के लिए शासन की ओर से पत्र मिला है। इसके तहत पहली बार गर्भ धारण करने वाली महिला को तीन किश्तों में पांच हजार की धनराशि दी जाएगी। योजना के तहत सर्वे, डाटा फीडिंग और आधार लिंक करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा लाभार्थी को जननी सुरक्षा योजना के तहत भी 1400 रुपये का लाभ मिलेगा। योजना के तहत पहली कार्यशाला लखनऊ में 15 सितंबर को होगी।
. संजय गुप्ता, एसीएमओ आरसीएच