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यमुना के जल स्तर ने तोड़ा 2019 का रिकार्ड, गांवों से पलायन शुरू

Fri, 06 Aug 2021 12:15 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 06 Aug 2021 12:15 AM IST
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Yamuna's water level broke the record of 2019, migration from villages started
औरैया। यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गुरुवार शाम करीब पांच बजे जलस्तर खतरे को पार कर 117 मीटर पर पहुंच गया। रात करीब 10 बजे जलस्तर 117.56 मीटर पर पहुंच गया था। जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण यमुना पुल पर दोपहिया और हल्के चार पहिया वाहनों का आवागमन रोक दिया गया है। बबाइन पीपा पुल टूटकर जुहीरवापुल पुल से जा टकराया। अजीतमल, अयाना और औरैया तहसील क्षेत्र के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। लोगों ने गृहस्थी का जरूरी सामान समेटकर पलायन शुरू कर दिया। बाढ़ प्रभावितों को नावों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। स्थिति गंभीर होती देख जिला प्रशासन ने एसडीआरएफ की 20 सदस्यीय टीम को बुला लिया है।
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यमुना का जल स्तर गुरुवार शाम पांच बजे तक 117.45 मीटर पर पहुंच गया। वर्ष 2019 में यह रिकार्ड 117.36 मीटर पर दर्ज किया गया था। औरैया तहसील के नौरी गांव में पानी घरों तक घुस गया। वहीं क्योटरा गांव में निचले स्तर पर बसे एक दर्जन घरों में पानी घुस गया। जिसकी वजह से लोगों ने पलायन शुरू कर दिया। एसडीएम सदर रमेश चंद्र यादव ने नौरी, अस्ता में पहुंच कर लोगों को सुरक्षित स्थानों में पहुंचाया। अजीतमल तहसील के अयाना के जुहीखा, फरिहा, सिहौली, गूँज, ततारपुर, असेवा, असेवटा, रमपुरा, अनरुद्धनगर, बीझलपुर, सडरापुर, मिश्रपुर, मानिकचंद गांव में पानी पहुंच गया। इन गांवों के लोग भी घरों से सामान लेकर सुरक्षित स्थान पर पहुंच रहे है। यमुना का पानी बढ़ने से लोगों में दहशत है। राहत और बचाव के लिए पहुंची प्रशासन की टीम ने डाक्टरों के साथ दवाइयां बांटी और लोगों को सुरक्षित बाढ़ चौकियों तक पहुंचाने के इंतजाम शुरू कर दिए हैं। डीएम सुनील कुमार वर्मा ने स्वास्थ्य और प्रशासन के अधिकारियों को गांव में पहुंच राहत एवं बचाव कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
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सोलर लाइटें मुहैया कराने की मांग
नौरी गांव निवासी रूपराम, अतबल सिंह, निर्भय सिंह, सुखलाल बाबा, संतराम, चिरौंजी, पंचम सिंह समेत कई परिवार दहशत में है। ग्रामीणों ने बताया कि दो हफ्ते से बिजली न आने से अंधेरा है। इसके लिए उन्होंने एसडीएम सदर को व्हाट्सअप पर मैसेज भिजवाकर गांव में सोलर लाइट उपलब्ध कराने की मांग की थी। अभी तक प्रशासन से मदद नहीं मिली है। जिससे रात के अंधेरे में जहरीले कीड़ों के काटने का खतरा बना हुआ है।
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गांव का मार्ग डूबा, नाव की मांग
अस्ता गांव जाने वाले मार्ग में भी पानी भर गया है। जिससे गांव तक जाने के लिए नाव का उपयोग करने को मजबूर हैं। उधर ग्रामीणों की जरूरत को देखते हुए लेखपाल सोबरन सिंह ने पन्नी वितरित की। वहीं ग्रामीणों ने गांव से बाहर जाने के लिए नाव की मांग की है।

ग्रामीणों का बांटा राशन
अजीतमल। तहसील क्षेत्र के ग्राम सिकरोड़ी में बाढ़ का पानी पहुंचने से लोगों के घरों में खाने पकाने की दिक्कत हो रही है। इसको देखते हुए एसडीएम विजेता के साथ तहसील कर्मचारी नाव से पहुंचे और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ अजीतमल के कार्यकर्ता सिद्धांत विक्रम सिंह, खंड प्रतीक, उपेंद्र सिंह,अनिकेत तिवारी आदि ने लोगों लंच पैकेट देकर राहत पहुंचाई।
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