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गर्मी और ओवरलोड से फुंक रहे ट्रांसफार्मर
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वर्कशाप में खराब ट्रांसफार्मरों को ठीक करता कर्मी। संवाद
- फोटो : AURAIYA
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औरैया। बेतहाशा गर्मी और दिन में एसी-कूलर चलने के कारण बिजली का उपभोग बढ़ा है। लोड बढ़ने और तकनीकी खामियां होने के कारण किसी ट्रांसफार्मर का तेल रिस रहा है तो कोई ओवरहीट होकर फुंक रहा है। जिससे घंटों के लिए बिजली गुल हो रही है और लोग गर्मी से बेहाल हैं। वहीं वर्कशाप में भी लोड बढ़ा है, हालात यह है कि आठ से 10 ट्रांसफार्मर रोज ठीक होने के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं जिन क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं, वहां बिजली गुल हो रही है।
जिले में बिजली संकट और कटौती के साथ फुंक रहे ट्रांसफार्मर लोगों की परेशानी का सबब बने हैं। ट्रांसफार्मर फुंकने के बाद बदलने में एक से दो दिन लग रहे है। कुछ जगहों पर तो फोन करने के बाद भी कई दिन बीत जाने पर ट्रांसफार्मर नहीं बदले जा रहे हैं। जिससे कुटीर उद्योग, कृषि पर असर पड़ रहा है। बिजली कटौती और ट्रांसफार्मर फुंकने पर सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही है।
बिधूना स्थित वर्कशाप के आंकड़ों पर नजर डाले तो पिछले दो माह में 300 के करीब ट्रांसफार्मर फुंक कर बनने को आए हैं। जिनमें से अभी भी 50 से अधिक ट्रांसफार्मर बनने के लिए खुले पड़े हैं। बिजली की बढ़ती खपत के साथ शिकायतें भी बढ़ी हैं। मार्च में जैसे ही गर्मी बढ़ी तो लोड भी बढ़ा। इस माह विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जिले भर से 200 से अधिक ट्रांसफार्मर फुंके।
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अप्रैल में गेहूं की कटाई और ऊपर से बिजली कटौती चलने के कारण यह आंकड़ा कम रहा। इस माह 85 ट्रांसफार्मर ही फुंके। इनमें ज्यादातर 10 केवी,16 केवी, 25 केवी, 63 केवी, 100 केवी, 160 केवी, 250 केवी और 400 केवी की मरम्मत की गई है।
जेई विद्युत वर्कशाप रामबली ने बताया कि गर्मी और लोड बढ़ने के बाद ट्रांसफार्मर तेजी से फुंकना शुरू हुए है। प्रतिदिन आठ के करीब जिले भर से ट्रांसफार्मर खराब होकर वर्कशाप में पहुंच रहे हैं। जिन्हें 24 घंटे के अंदर ठीक कर संबंधित उपकेंद्रों के माध्यम से बदलने के लिए भेजा जा रहा है। जिससे बिजली आपूर्ति प्रभावित न हो।
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जिले में बिजली संकट और कटौती के साथ फुंक रहे ट्रांसफार्मर लोगों की परेशानी का सबब बने हैं। ट्रांसफार्मर फुंकने के बाद बदलने में एक से दो दिन लग रहे है। कुछ जगहों पर तो फोन करने के बाद भी कई दिन बीत जाने पर ट्रांसफार्मर नहीं बदले जा रहे हैं। जिससे कुटीर उद्योग, कृषि पर असर पड़ रहा है। बिजली कटौती और ट्रांसफार्मर फुंकने पर सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही है।
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बिधूना स्थित वर्कशाप के आंकड़ों पर नजर डाले तो पिछले दो माह में 300 के करीब ट्रांसफार्मर फुंक कर बनने को आए हैं। जिनमें से अभी भी 50 से अधिक ट्रांसफार्मर बनने के लिए खुले पड़े हैं। बिजली की बढ़ती खपत के साथ शिकायतें भी बढ़ी हैं। मार्च में जैसे ही गर्मी बढ़ी तो लोड भी बढ़ा। इस माह विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जिले भर से 200 से अधिक ट्रांसफार्मर फुंके।
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अप्रैल में गेहूं की कटाई और ऊपर से बिजली कटौती चलने के कारण यह आंकड़ा कम रहा। इस माह 85 ट्रांसफार्मर ही फुंके। इनमें ज्यादातर 10 केवी,16 केवी, 25 केवी, 63 केवी, 100 केवी, 160 केवी, 250 केवी और 400 केवी की मरम्मत की गई है।
जेई विद्युत वर्कशाप रामबली ने बताया कि गर्मी और लोड बढ़ने के बाद ट्रांसफार्मर तेजी से फुंकना शुरू हुए है। प्रतिदिन आठ के करीब जिले भर से ट्रांसफार्मर खराब होकर वर्कशाप में पहुंच रहे हैं। जिन्हें 24 घंटे के अंदर ठीक कर संबंधित उपकेंद्रों के माध्यम से बदलने के लिए भेजा जा रहा है। जिससे बिजली आपूर्ति प्रभावित न हो।

वर्कशाप में रखे खराब ट्रांसफार्मर। संवाद- फोटो : AURAIYA