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शहर के निकाय चुनाव में 65.86 प्रतिशत मतदान
Updated Wed, 22 Nov 2017 11:42 PM IST
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उरई। निकाय चुनाव में बुधवार को जनपद में कुल 61.85 फीसदी मतदान हुआ। नगर उरई, कोंच, कलपी और जालौन पालिकाओं में सर्वाधिक मतदान कोंच नगर पालिका में 69.15 प्रतिशत मतदान हुआ तो सबसे कम उरई नगर पालिका में 57.07 प्रतिशत रहा। इसी तरह 6 नगर पंचायतों में सर्वाधिक मतदान कदौरा नगर पंचायत में 71.54 फीसदी रहा और सबसे कम मतदान रामपुरा नगर पंचायत में 62.60 रहा। बता दें कि जनपद में दस अध्यक्ष पद के लिए कुल 142 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं तो वहीं 173 सभासद के लिए कुल 1107 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे थे।
मतदान प्रक्रिया को शांति पूर्वक कराने के लिए सुबह से ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी सड़कों पर नजर आ रहे थे। कोंच और नदीगांव अतिसंवेदनशील थे तो वहां पर सुरक्षा की कमान कमिश्नर अमित गुप्ता और डीआईजी जवाहर ने संभाल रखी थी। वहीं उरई और कालपी क्षेत्र में स्वयं जिलाधिकारी मन्नान अख्तर और एसपी अमरेंद्र सिंह घूम घूमकर व्यवस्था का जायजा लेते रहे।
उरई, माधौगढ़, कदौरा, जालौन और नदीगांव के कुछ पोलिंग बूथों पर सूची में नाम न होने या फिर फर्जी वोटिंग के आरोप प्रत्यारोप भी हुए, लेकिन कहीं पर मतदान बाधित होने जैसी स्थिति नहीं रही। जहां भी हो हल्ले की सूचना मिली पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले को शंात कराया।
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काफी दिनों से चुनाव का हो हल्ला था इसलिए उरई नगर पालिका से लेकर एमपी सीमा से सटे नदीगांव नगर पंचायत तक वोटरों में उत्साह भी नजर आ रहा था। वोटिंग का समय भले ही सुबह 7 बजे था, लेकिन ठंड का समय होने के कारण मतदाता 8 बजे के आसपास पोलिंग बूथों पर पहुंचना शुरू हुए। दोपहर तक उरई, कालपी, जालौन और कोंच नगर पालिकाओं में जमकर वोट बरसे।
इसी तरह सभी छह नगर पंचायत में भी दोपहर 2 बजे तक मतदाताओं का पोलिंग बूथ पर पहुंचने का सिलसिला बना रहा। देर शाम तक कुल मतदान का प्रतिशत जब सामने आया तो जरूर प्रशासन में हल्की मायूसी नजर आई। प्रशासन की ओर से मतदान का आंकड़ा 70 फीसदी के पार होने की संभावना जताई गई थी, लेकिन जागरूकता कार्यक्रमों के अभाव में वोटिंग का प्रतिशत अपना लक्ष्य नहीं प्राप्त कर सका।
-कहीं फर्जी वोटिंग तो कहीं सूची में नाम न होने पर हुई नोकझोंक
-कमिश्नर, डीआईजी और एसपी व डीएम ने किया बूथों का निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
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मतदान प्रक्रिया को शांति पूर्वक कराने के लिए सुबह से ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी सड़कों पर नजर आ रहे थे। कोंच और नदीगांव अतिसंवेदनशील थे तो वहां पर सुरक्षा की कमान कमिश्नर अमित गुप्ता और डीआईजी जवाहर ने संभाल रखी थी। वहीं उरई और कालपी क्षेत्र में स्वयं जिलाधिकारी मन्नान अख्तर और एसपी अमरेंद्र सिंह घूम घूमकर व्यवस्था का जायजा लेते रहे।
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उरई, माधौगढ़, कदौरा, जालौन और नदीगांव के कुछ पोलिंग बूथों पर सूची में नाम न होने या फिर फर्जी वोटिंग के आरोप प्रत्यारोप भी हुए, लेकिन कहीं पर मतदान बाधित होने जैसी स्थिति नहीं रही। जहां भी हो हल्ले की सूचना मिली पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले को शंात कराया।
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काफी दिनों से चुनाव का हो हल्ला था इसलिए उरई नगर पालिका से लेकर एमपी सीमा से सटे नदीगांव नगर पंचायत तक वोटरों में उत्साह भी नजर आ रहा था। वोटिंग का समय भले ही सुबह 7 बजे था, लेकिन ठंड का समय होने के कारण मतदाता 8 बजे के आसपास पोलिंग बूथों पर पहुंचना शुरू हुए। दोपहर तक उरई, कालपी, जालौन और कोंच नगर पालिकाओं में जमकर वोट बरसे।
इसी तरह सभी छह नगर पंचायत में भी दोपहर 2 बजे तक मतदाताओं का पोलिंग बूथ पर पहुंचने का सिलसिला बना रहा। देर शाम तक कुल मतदान का प्रतिशत जब सामने आया तो जरूर प्रशासन में हल्की मायूसी नजर आई। प्रशासन की ओर से मतदान का आंकड़ा 70 फीसदी के पार होने की संभावना जताई गई थी, लेकिन जागरूकता कार्यक्रमों के अभाव में वोटिंग का प्रतिशत अपना लक्ष्य नहीं प्राप्त कर सका।
-कहीं फर्जी वोटिंग तो कहीं सूची में नाम न होने पर हुई नोकझोंक
-कमिश्नर, डीआईजी और एसपी व डीएम ने किया बूथों का निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो