{"_id":"6a99c30fe595fa92c70646c8","slug":"326-ntt-certificates-found-to-be-fake-in-educator-recruitment-candidates-out-of-the-race-auraiya-news-c-211-1-aur1006-150913-2026-09-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: एजुकेटर भर्ती में 326 एनटीटी प्रमाणपत्र फर्जी मिले, अभ्यर्थी दौड़ से बाहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: एजुकेटर भर्ती में 326 एनटीटी प्रमाणपत्र फर्जी मिले, अभ्यर्थी दौड़ से बाहर
Fri, 04 Sep 2026 12:27 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Fri, 04 Sep 2026 12:27 AM IST
विज्ञापन
बीएसए कार्यालय। संवाद
औरैया। जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 180 एजुकेटरों की भर्ती प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। पिछले डेढ़ साल से चल रही इस भर्ती में सत्यापन और साक्षात्कार के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। कुल 326 अभ्यर्थियों के एनटीटी (नर्सरी टीचर ट्रेनिंग) प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए हैं। इन अभ्यर्थियों को एजुकेटर बनने की दौड़ से बाहर कर दिया गया है।
यह मामला बिना मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों से पढ़ाई करने के कारण सामने आया है। भर्ती प्रक्रिया में होमसाइंस, डीपीएससी (डिप्लोमा इन प्री-स्कूल एजुकेशन) और एनटीटी के दस्तावेज की जांच की गई। होमसाइंस के लिए यूनिवर्सिटी और डीपीएससी व एनटीटी के लिए एनसीईटी (राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद) से प्रत्येक अभ्यर्थी के कागजात का सत्यापन हुआ। 180 पदों के लिए कुल 2200 आवेदन प्राप्त हुए थे।
मानकों के पुख्ता आवेदन होने पर 824 अभ्यर्थियों को सत्यापन के लिए विकास भवन बुलाया गया। इनमें होमसाइंस और डीपीएससी के प्रमाणपत्र सही पाए गए, लेकिन 326 अभ्यर्थियों के एनटीटी प्रमाणपत्र एनसीईटी की वेबसाइट पर दर्ज नहीं मिले। सीडीओ की अध्यक्षता वाली भर्ती समिति ने इन्हें फर्जी मानते हुए बाहर कर दिया। विभागीय जानकारों के अनुसार, ये शिक्षण संस्थान एनसीईटी की वेबसाइट पर सूचीबद्ध नहीं हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि जल्द ही भर्ती की अंतिम स्थिति सामने आएगी।
विज्ञापन
-- -- --
सीडीओ की अध्यक्षता में समिति ने लिए साक्षात्कार
विकास भवन में एजुकेटर भर्ती को लेकर 18 अगस्त से दो सितंबर तक साक्षात्कार हुए हैं। इसमें 824 अभ्यर्थियों को बारी-बारी बुलाते हुए पारदर्शी ढंग से साक्षात्कार लिया गया है। साक्षात्कार लेने वाली टीम में सीडीओ, डायट प्राचार्य, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट शामिल रहे हैं।
-- -- --
सिर्फ चार अभ्यर्थियों का एनटीटी प्रमाणपत्र मिला ठीक
ऐसा नहीं है कि जिले में एजुकेटर पद की भर्ती में हिस्सा लेने आए सभी युवाओं की एनटीटी का प्रमाणपत्र फर्जी रहा। चार आवेदकों के एनटीटी प्रमाणपत्र सही पाए गए हैं। इनके कागजों की पुष्टि एनसीईटी से हुई है। इन अभ्यर्थियों को साक्षात्कार का मौका भी दिया गया है।
-- -- -
जिले में 180 एजुकेटरों की भर्ती को लेकर 2200 आवेदन आए थे। 824 अभ्यर्थियों को सत्यापन के लिए बुलाया गया था। इसमें से भी 326 अभ्यर्थियों के एनटीटी प्रमाणपत्र एनसीईटी की ओर से सत्यापित नहीं मिले हैं। ऐसे में उन्हें साक्षात्कार से बाहर किया गया है।
-संजीव कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
विज्ञापन
यह मामला बिना मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों से पढ़ाई करने के कारण सामने आया है। भर्ती प्रक्रिया में होमसाइंस, डीपीएससी (डिप्लोमा इन प्री-स्कूल एजुकेशन) और एनटीटी के दस्तावेज की जांच की गई। होमसाइंस के लिए यूनिवर्सिटी और डीपीएससी व एनटीटी के लिए एनसीईटी (राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद) से प्रत्येक अभ्यर्थी के कागजात का सत्यापन हुआ। 180 पदों के लिए कुल 2200 आवेदन प्राप्त हुए थे।
विज्ञापन
मानकों के पुख्ता आवेदन होने पर 824 अभ्यर्थियों को सत्यापन के लिए विकास भवन बुलाया गया। इनमें होमसाइंस और डीपीएससी के प्रमाणपत्र सही पाए गए, लेकिन 326 अभ्यर्थियों के एनटीटी प्रमाणपत्र एनसीईटी की वेबसाइट पर दर्ज नहीं मिले। सीडीओ की अध्यक्षता वाली भर्ती समिति ने इन्हें फर्जी मानते हुए बाहर कर दिया। विभागीय जानकारों के अनुसार, ये शिक्षण संस्थान एनसीईटी की वेबसाइट पर सूचीबद्ध नहीं हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि जल्द ही भर्ती की अंतिम स्थिति सामने आएगी।
विज्ञापन
सीडीओ की अध्यक्षता में समिति ने लिए साक्षात्कार
विकास भवन में एजुकेटर भर्ती को लेकर 18 अगस्त से दो सितंबर तक साक्षात्कार हुए हैं। इसमें 824 अभ्यर्थियों को बारी-बारी बुलाते हुए पारदर्शी ढंग से साक्षात्कार लिया गया है। साक्षात्कार लेने वाली टीम में सीडीओ, डायट प्राचार्य, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट शामिल रहे हैं।
सिर्फ चार अभ्यर्थियों का एनटीटी प्रमाणपत्र मिला ठीक
ऐसा नहीं है कि जिले में एजुकेटर पद की भर्ती में हिस्सा लेने आए सभी युवाओं की एनटीटी का प्रमाणपत्र फर्जी रहा। चार आवेदकों के एनटीटी प्रमाणपत्र सही पाए गए हैं। इनके कागजों की पुष्टि एनसीईटी से हुई है। इन अभ्यर्थियों को साक्षात्कार का मौका भी दिया गया है।
जिले में 180 एजुकेटरों की भर्ती को लेकर 2200 आवेदन आए थे। 824 अभ्यर्थियों को सत्यापन के लिए बुलाया गया था। इसमें से भी 326 अभ्यर्थियों के एनटीटी प्रमाणपत्र एनसीईटी की ओर से सत्यापित नहीं मिले हैं। ऐसे में उन्हें साक्षात्कार से बाहर किया गया है।
-संजीव कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी