{"_id":"62f292a75b3b276c907340f3","slug":"amroha-cultural-jpnagar-news-mbd437351374","type":"story","status":"publish","title_hn":"अजाखानों में चला मजलिसों का दौर, मातम कर लहूलुहान हुए अजादार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अजाखानों में चला मजलिसों का दौर, मातम कर लहूलुहान हुए अजादार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नौगांवा सादात। क्षेत्र में ताजिया निकालने का सिलसिला शुरू हुआ तो सबसे पहले बुध बाजार से ताजिएदार ताजिया लेकर गूला तालाब पहुंचे। जहां पर पहले से मौजूद ताजियों को लेकर ये अजादार हफ्ता बाजार पहुंचे। यहां से छोटे-बड़े तकरीबन 15 ताजियों का जुलूस बरामद हुआ। अजादारों ने जंजीर का मातम कर खुद को लहूलुहान कर लिया।
एक तरफ जहां शबे आशूर में बस्ती के सभी इमाम बारगाहों में मजलिसे, मातम का सिलसिला चलता रहा। वहीं, कर्बला में पूरी रात इमाम हुसैन को पुर्सा देने वालों की लंबी कतारें लगी रहीं। सुबह नमाज-ए-फजर के बाद इमाम बारगाह मजहर-ए-कर्बला से बाद मजालीस अलविदायी अलम बरामद किया गया। जो बस्ती के तय रास्तों से होता हुआ मजहर-ए-कर्बला में इकतेदाम पजीर हुआ। इस जुलूस के फौरन बाद अजाखान ए सैयद हुसैन से अंजुमन-ए-आब्दिया ने अपना जुलूस बरामद किया। जुलूस में मौजूद जायरीनों ने शिया जामा मस्जिद, शाह फरीद के वसी मैदान पर पहुंच कर जंजीर का मातम करके अपने खुद को लहूलुहान किया।
उसके बाद शिया जामा मस्जिद मे नमाज-ए-जौहर पढ़ाई गयी। सभी ताजिए अपने तय शुदा रास्तों से होते हुए अपने-अपने मुकाम पर पहुंचे। जिस के बाद इमाम बारगाह पुख्ता बंगला से अंजुमन हैदरी ने अपना जुलूस बरामद किया। इसके ठीक पीछे अंजुमन-ए-सोगवार ए हुसैनी अजाखान ए दौलत शहीद से व अंजुमन-ए-यादगार-ए-हुसैनी मजहर ए कर्बला से जुलूस की शक्ल में नंगे पैर सीनाजनी करती हुई चल रही थी। जुलूस में शीराज आब्दी, शजर अब्बास, नूर अब्बास, शिबाल हैदर, वक्कार हैदर, मौहम्मद अख्तर, जफर मुजतबा, विधायक समरपाल सिंह, समाज सेवी हाजी असलम अंसारी, अली मंजर, फजल इमाम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
एक तरफ जहां शबे आशूर में बस्ती के सभी इमाम बारगाहों में मजलिसे, मातम का सिलसिला चलता रहा। वहीं, कर्बला में पूरी रात इमाम हुसैन को पुर्सा देने वालों की लंबी कतारें लगी रहीं। सुबह नमाज-ए-फजर के बाद इमाम बारगाह मजहर-ए-कर्बला से बाद मजालीस अलविदायी अलम बरामद किया गया। जो बस्ती के तय रास्तों से होता हुआ मजहर-ए-कर्बला में इकतेदाम पजीर हुआ। इस जुलूस के फौरन बाद अजाखान ए सैयद हुसैन से अंजुमन-ए-आब्दिया ने अपना जुलूस बरामद किया। जुलूस में मौजूद जायरीनों ने शिया जामा मस्जिद, शाह फरीद के वसी मैदान पर पहुंच कर जंजीर का मातम करके अपने खुद को लहूलुहान किया।
विज्ञापन
उसके बाद शिया जामा मस्जिद मे नमाज-ए-जौहर पढ़ाई गयी। सभी ताजिए अपने तय शुदा रास्तों से होते हुए अपने-अपने मुकाम पर पहुंचे। जिस के बाद इमाम बारगाह पुख्ता बंगला से अंजुमन हैदरी ने अपना जुलूस बरामद किया। इसके ठीक पीछे अंजुमन-ए-सोगवार ए हुसैनी अजाखान ए दौलत शहीद से व अंजुमन-ए-यादगार-ए-हुसैनी मजहर ए कर्बला से जुलूस की शक्ल में नंगे पैर सीनाजनी करती हुई चल रही थी। जुलूस में शीराज आब्दी, शजर अब्बास, नूर अब्बास, शिबाल हैदर, वक्कार हैदर, मौहम्मद अख्तर, जफर मुजतबा, विधायक समरपाल सिंह, समाज सेवी हाजी असलम अंसारी, अली मंजर, फजल इमाम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन