{"_id":"6a19c6ad470f4a4ccc0c6bb7","slug":"saved-life-by-taking-out-the-toothbrush-stuck-in-the-innocents-throat-ambedkar-nagar-news-c-91-1-brp1007-157455-2026-05-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: मासूम के गले में फंसे टूथब्रश निकालकर बचाई जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: मासूम के गले में फंसे टूथब्रश निकालकर बचाई जान
विज्ञापन
राजकीय मेडिकल कॉलेज में मासूम की सर्जरी के दौरान मौजूद चिकित्सकों की टीम। स्त्रोत- मेडिकल कॉलेज
सद्दरपुर। महामाया राजकीय मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग के चिकित्सकों ने जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा कर 16 माह के मासूम बच्चे की जान बचा ली। बच्चे के नासोफैरिंक्स यानी नाक और गले के बीच के हिस्से में पिछले करीब 20 दिनों से टूथब्रश फंसा हुआ था, जिससे उसकी हालत लगातार गंभीर बनी हुई थी।
फूलपुर के गोविंद कुमार के 16 माह के पुत्र आयु कुमार ने खेल-खेल में टूथब्रश का अगला हिस्सा निगल लिया था। इसके कारण बच्चा काफी रो रहा था और ठीक से कुछ खा-पी भी नहीं पा रहा था। परिवार के लोगों को इसकी जानकारी नहीं हो सकी। परेशानी बढ़ने पर परिजनों ने आसपास चिकित्सकों को दिखाया। डॉक्टर गले में सूजन बताकर इलाज करते रहे। इसके बाद भी सुधार न होने पर परिजन बच्चे को बृहस्पतिवार को महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर लेकर पहुंचे।
यहां ओपीडी में ईएनटी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. प्रमोद यादव ने बच्चे को देखा और हालत नाजुक देखते हुए तत्काल सीटी स्कैन कराया। जांच में टूथब्रश का अगला हिस्सा फंसा दिखा। डॉ. प्रमोद के अनुसार लंबे समय तक टूथब्रश फंसे रहने के कारण उसके चारों ओर ग्रैनुलेशन यानी मांस की परत बन गई थी। इससे ऑपरेशन और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉ. प्रमोद यादव के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन की तैयारी की। शुक्रवार को एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. संदीप यादव, डॉ. मिनाली और डॉ. सुदीप के संयुक्त प्रयास से एंडोस्कोपी के जरिये सफलतापूर्वक बच्चे के नासोफैरिंक्स में फंसे टूथब्रश को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
विज्ञापन
फिलहाल बच्चे की हालत स्थिर और डॉक्टर लगातार निगरानी कर रहे हैं। सफल ऑपरेशन के बाद मेडिकल कॉलेज में खुशी का माहौल रहा। प्राचार्य डॉ. मुकेश यादव ने पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की मेहनत, समर्पण और बेहतर समन्वय के चलते बच्चे को सुरक्षित बचाया जा सका।
विज्ञापन
फूलपुर के गोविंद कुमार के 16 माह के पुत्र आयु कुमार ने खेल-खेल में टूथब्रश का अगला हिस्सा निगल लिया था। इसके कारण बच्चा काफी रो रहा था और ठीक से कुछ खा-पी भी नहीं पा रहा था। परिवार के लोगों को इसकी जानकारी नहीं हो सकी। परेशानी बढ़ने पर परिजनों ने आसपास चिकित्सकों को दिखाया। डॉक्टर गले में सूजन बताकर इलाज करते रहे। इसके बाद भी सुधार न होने पर परिजन बच्चे को बृहस्पतिवार को महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर लेकर पहुंचे।
विज्ञापन
यहां ओपीडी में ईएनटी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. प्रमोद यादव ने बच्चे को देखा और हालत नाजुक देखते हुए तत्काल सीटी स्कैन कराया। जांच में टूथब्रश का अगला हिस्सा फंसा दिखा। डॉ. प्रमोद के अनुसार लंबे समय तक टूथब्रश फंसे रहने के कारण उसके चारों ओर ग्रैनुलेशन यानी मांस की परत बन गई थी। इससे ऑपरेशन और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉ. प्रमोद यादव के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन की तैयारी की। शुक्रवार को एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. संदीप यादव, डॉ. मिनाली और डॉ. सुदीप के संयुक्त प्रयास से एंडोस्कोपी के जरिये सफलतापूर्वक बच्चे के नासोफैरिंक्स में फंसे टूथब्रश को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
विज्ञापन
फिलहाल बच्चे की हालत स्थिर और डॉक्टर लगातार निगरानी कर रहे हैं। सफल ऑपरेशन के बाद मेडिकल कॉलेज में खुशी का माहौल रहा। प्राचार्य डॉ. मुकेश यादव ने पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की मेहनत, समर्पण और बेहतर समन्वय के चलते बच्चे को सुरक्षित बचाया जा सका।