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बसों की कमी से भटकते रहे यात्री
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अंबेडकरनगर के रोडवेज पर बस की प्रतीक्षा करते यात्री। -संवाद
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। अकबरपुर बस स्टेशन मेें बसों की संख्या कम होने का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। बसों की कमी होने के चलते रविवार को गंतव्य तक जाने के लिए घंटों यात्री इधर-उधर भटकते रहे। लंबे इंतजार के बाद भी बस न मिलने से मैजिक व निजी बस से गंतव्य तक जाने के लिए यात्री मजबूर हुए। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि एक तरफ जहां कड़ाके की ठंड ने उन्हें परेशान कर रखा है, तो वहीं बस की कमी ने उनकी मुश्किलेें और भी बढ़ा दी हैं।
विधानसभा चुनाव के पहले चार चरणों में होने वाले चुनाव को सकुशल निपटाने के लिए बीते दिनों ही जिले की फोर्स परिवहन निगम की बसों से कासगंज, हरदोई, गाजियाबाद के लिए रवाना हुई थी। इन्हें गंतव्य तक पहुंचाने के लिए 15 बसों को लगाया गया था। इससे पहले 10 बसें जिले में पहुंचे अर्धसैनिक बल के साथ लगी हुई हैं। अकबरपुर बस स्टेशन में 52 बसों का बेड़ा है। ऐसे में 25 बसों के चुनाव ड्यूटी में लग जाने से मात्र 27 बसें ही शेष रह गई हैं। पहले से ही कम बस होने का खामियाजा भुगत रहे अकबरपुर बस स्टेशन में मौजूदा समय में बड़ी संख्या में बसें कम होने से यात्रियाें की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गंतव्य तक जाने के लिए यात्रियों को घंटों इधर-उधर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है।
रविवार को बड़ी संख्या में यात्री गंतव्य तक जाने के लिए अकबरपुर बस स्टेशन, पुराने तहसील तिराहे व फव्वारा तिराहे पर पहुंचे। घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें बस नहीं मिल सकी। नतीजा यह रहा कि टैक्सी से उन्हें गंतव्य तक जाने को मजबूर होना पड़ा। अकबरपुर पुराने तहसील तिराहे पर लखनऊ जाने के लिए बस के इंतजार में खड़े गोपाल व रामजी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि परिवहन निगम की बस तो दूर, निजी बसों का भी संचालन कम हो गया है। इससे लखनऊ तक जाने में भी मुश्किलें हो रही हैं। लगभग दो घंटे से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक बस नहीं मिल सकी है।
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जौनपुर जाने के लिए फव्वारा तिराहे पर परिवार के साथ बस का इंतजार कर रहे पवन कुमार ने कहा कि तीन घंटे के इंतजार के बाद भी बस नहीं मिली। अब एक टैक्सी मिली है, जो शाहगंज तक जाएगी। वहां से जौनपुर किसी दूसरे वाहन से जाना पड़ेगा। नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यात्रियों के हित को देखते हुए जिम्मेदारों को वैकल्पिक व्यवस्था की करनी चाहिए। उधर, एआरएम एसएन चौधरी ने बताया कि चुनाव में बसों के चले जाने से कुछ समस्या जरूर हो रही है। हालांकि जो बसें हैं, उनका संचालन सुुचारु रूप से किया जा रहा है।
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विधानसभा चुनाव के पहले चार चरणों में होने वाले चुनाव को सकुशल निपटाने के लिए बीते दिनों ही जिले की फोर्स परिवहन निगम की बसों से कासगंज, हरदोई, गाजियाबाद के लिए रवाना हुई थी। इन्हें गंतव्य तक पहुंचाने के लिए 15 बसों को लगाया गया था। इससे पहले 10 बसें जिले में पहुंचे अर्धसैनिक बल के साथ लगी हुई हैं। अकबरपुर बस स्टेशन में 52 बसों का बेड़ा है। ऐसे में 25 बसों के चुनाव ड्यूटी में लग जाने से मात्र 27 बसें ही शेष रह गई हैं। पहले से ही कम बस होने का खामियाजा भुगत रहे अकबरपुर बस स्टेशन में मौजूदा समय में बड़ी संख्या में बसें कम होने से यात्रियाें की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गंतव्य तक जाने के लिए यात्रियों को घंटों इधर-उधर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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रविवार को बड़ी संख्या में यात्री गंतव्य तक जाने के लिए अकबरपुर बस स्टेशन, पुराने तहसील तिराहे व फव्वारा तिराहे पर पहुंचे। घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें बस नहीं मिल सकी। नतीजा यह रहा कि टैक्सी से उन्हें गंतव्य तक जाने को मजबूर होना पड़ा। अकबरपुर पुराने तहसील तिराहे पर लखनऊ जाने के लिए बस के इंतजार में खड़े गोपाल व रामजी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि परिवहन निगम की बस तो दूर, निजी बसों का भी संचालन कम हो गया है। इससे लखनऊ तक जाने में भी मुश्किलें हो रही हैं। लगभग दो घंटे से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक बस नहीं मिल सकी है।
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जौनपुर जाने के लिए फव्वारा तिराहे पर परिवार के साथ बस का इंतजार कर रहे पवन कुमार ने कहा कि तीन घंटे के इंतजार के बाद भी बस नहीं मिली। अब एक टैक्सी मिली है, जो शाहगंज तक जाएगी। वहां से जौनपुर किसी दूसरे वाहन से जाना पड़ेगा। नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यात्रियों के हित को देखते हुए जिम्मेदारों को वैकल्पिक व्यवस्था की करनी चाहिए। उधर, एआरएम एसएन चौधरी ने बताया कि चुनाव में बसों के चले जाने से कुछ समस्या जरूर हो रही है। हालांकि जो बसें हैं, उनका संचालन सुुचारु रूप से किया जा रहा है।