Mock Drill : संगम क्षेत्र में घुसे दो आतंकी, एटीएस ने मिनटों में किया काबू, घुसपैठ की कोशिशों को किया नाकाम
संगम वीआईपी घाट के पास। समय: दोपहर 1:30 बजे। घाट से चलकर आने वाली सड़क पर अचानक आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की टीम हरकत में आती है। अत्याधुनिक हथियारों से एक दर्जन जवान वहां खड़ी एक बस को घेर लेते हैं। काेई
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स्थान: संगम वीआईपी घाट के पास। समय: दोपहर 1:30 बजे। घाट से चलकर आने वाली सड़क पर अचानक आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की टीम हरकत में आती है। अत्याधुनिक हथियारों से एक दर्जन जवान वहां खड़ी एक बस को घेर लेते हैं। काेई कुछ समझ पाता, इससे पहले ही दो जवान बस के भीतर घुसते हैं और अगले ही पल इसमें छिपे दो संदिग्धों को गन प्वाइंट पर नीचे उतार लाते हैं। अगले ही पल में अन्य जवानों ने दोनों संदिग्धों को जमीन पर बैठाते हैं और इसके बाद हाथ बांधकर उन्हें काबू में कर लिया जाता है।
शनिवार को संगम स्नान के लिए पहुंचे लोग यह दृश्य देखकर एक मिनट को तो स्तब्ध रह गए। हालांकि जैसे ही आल ओके कहते हुए एटीएस के जवान विश्राम की मुद्रा में आए, सभी समझ गए यह एक मॉक ड्रिल थी। इसका आयोजन एटीएस की ओर से डीजीपी प्रशांत कुमार के समक्ष किया गया। मेले में आतंकवादी घटना के दौरान किस तरह से आतंकियों को काबू किया जाएगा, इसी की एक झलक इस मॉक ड्रिल में दिखाई गई। डीजीपी एटीएस की तैयारियों से संतुष्ट नजर आए और उनकी त्वरित प्रतिक्रिया की सराहना भी की। साथ ही उन्हें हर वक्त अलर्ट रहने का दिशा-निर्देश भी दिए।
जल में परखी सुरक्षा, बोट से पहुंचे संगम नोज
इससे पहले डीजीपी जल में सुरक्षा के लिए किए गए इंतजामों को परखने के लिए स्पीड बोट से संगम नोज पहुंचे। वहां से लौटकर उन्हाेंने वीआईपी घाट की जेट्टी पर स्नान के दौरान किसी आपात स्थिति में बचाव कार्य के लिए जल पुलिस की ओर से की गई तैयारियों को भी देखा। इस दौरान एडीजी जोन भानु भाष्कर, पुलिस आयुक्त तरुण गाबा, एसएसपी कुंभ राजेश कुमार द्विवेदी के अलावा एडीजी पीएसी सुजीत पांडेय, प्रभारी आईजी पीएसी राजीव नयन मिश्रा समेत अन्य अफसर भी मौजूद रहे।
हनुमान मंदिर पहुंचे, अक्षयवाट थाने में जवानों संग खाना खाया
संगम नोज से लौटने के बाद डीजीपी ने बंधवा हनुमान मंदिर पहुंचकर माथा टेका और मेले के सकुशल आयोजन की कामना की। इसके बाद वह अक्षयवट थाने पहुंचे जहां हौसला आफजाई के लिए ड्यूटी पर तैनात दरोगा-सिपाहियाें के साथ खाना भी खाया। यहां से निकलकर उन्होंने त्रिवेणी मार्ग पर बने मेला एसएसपी के अस्थायी कार्यालय का उद्घाटन भी किया और इसके बाद मेला पुलिस लाइन पहुंचे। यहां संकल्प सभागार में सुरक्षा, ट्रैफिक, मेले में साइबर अपराध रोकने के लिए की गई तैयारियों के संबंध में कमिश्नरेट व मेला पुलिस का प्रेजेंटेशन देखा। साथ ही अफसरों-जवानों को दिशा-निर्देश भी दिए। इसके बाद वह लखनऊ लौट गए।