फोटोग्राफर की हत्या का खुलासा : बेरोजगार कहकर उड़ाता था मजाक, दोस्त ने ही उतार दिया मौत के घाट
धूमनगंज क्षेत्र के हरवारा स्थित अंबर अपार्टमेंट में रहने वाले फोटोग्राफर आलोक गुप्ता की हत्या का खुलासा पुलिस ने बृहस्पतिवार को कर दिया। पुलिस ने हत्या के आरोप में उसके दोस्त समेत तीन युवकों को गिरफ्तार किया है।
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धूमनगंज क्षेत्र के हरवारा स्थित अंबर अपार्टमेंट में रहने वाले फोटोग्राफर आलोक गुप्ता की हत्या का खुलासा पुलिस ने बृहस्पतिवार को कर दिया। पुलिस ने हत्या के आरोप में उसके दोस्त समेत तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मृतक से उधार लिए रुपये और उसके बेरोजगार कहकर मजाक उड़ाने से नाराज दोस्त ने दो लोगों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी।
पूछताछ में मुख्य आरोपी शुभम तिवारी ने पुलिस को बताया कि आलोक उसका दोस्त था। शादियों में फोटोग्राफी करके अच्छी कमाई करता था। शुभम ने उससे काफी रुपये उधार ले रखे थे। उसने पुलिस को बताया कि आलोक उसे बेरोजगार और अपना नौकर कहकर मजाक उड़ाता था। इसी खुन्नस में शुभम तिवारी ने अपने साथी शुभम यादव और अंकुश यादव के साथ मिलकर आलोक की हत्या की योजना बनाई।
पुलिस के अनुसार, 11 अगस्त को आलोक के फ्लैट में ही उसे पहले गोली मारी गई। चिल्लाने पर आरोपियों ने उसका मुंह और गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को नीले बैग में भरकर कार से रीवा ले जाकर फेंक दिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त .32 बोर की अवैध पिस्टल, खोखा कारतूस, चार मोबाइल फोन, ब्लूटूथ और वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट कार बरामद की है। गिरफ्तारी टीम को अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था की ओर से 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया है।
11 अगस्त को नीले बैग में शव लेकर निकले थे तीनों
प्रतापगढ़ के कुंडा थाना क्षेत्र के पांडेय का पुरवा निवासी अनुराग गुप्ता ने धूमनगंज पुलिस को बताया था कि उनका भाई आलोक गुप्ता (27) हरवारा के अंबर अपार्टमेंट में किराये के कमरे में रहता था। वह 11 अगस्त को लापता हो गया। उसकी मां रेखा देवी ने 12 अगस्त को धूमनगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 14 अगस्त को पुलिस को मध्य प्रदेश के रीवा जिले के सोहागी थाना क्षेत्र में सेल्फी प्वाइंट के पास नीले रंग के बैग में अज्ञात शव मिलने की जानकारी मिली। 17 अगस्त को आलोक के भाई अनुराग ने रीवा पहुंचकर कपड़े, बैग और फोटो के आधार पर शव की पहचान अपने भाई आलोक के रूप में की।
सीसीटीवी फुटेज ने खोला हत्या का राज
पुलिस ने अंबर अपार्टमेंट के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तो 11 अगस्त को तीन युवक एक भारी नीले रंग का बैग उठाकर स्विफ्ट कार में रखते दिखाई दिए। वादी ने इनमें से एक की पहचान शुभम तिवारी के रूप में की। जांच और साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस ने शुभम यादव और अंकुश यादव की भी पहचान कर ली।
तीनों आरोपियों पर बढ़ाई गई धाराएं
धूमनगंज पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी शुभम तिवारी निवासी बिसानी उर्फ हरिसेनगंज मऊआइमा, शुभम यादव, निवासी पटेलनगर चौराहा लाल का पुरा होलागढ़ और अंकुश यादव निवासी कुमहीं दोस्तपुर जनपद सुल्तानपुर हाल निवासी म्योराबाद पर एफआईआर दर्ज की गई है।