स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल में डॉक्टरों और वकीलों के बीच मारपीट के बाद जहां अस्पताल में डॉक्टर हड़ताल पर हैं वहीं वकीलों ने शहर में चक्काजाम कर दिया गया है। इससेे पूरे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। चौफटका, सुलेमसराय, धूमनगंज से लेकर एकलव्य चौराहा, सिविल लाइंस, मेडिकल कॉलेज हर तरफ जाम की स्थिति बनी हुई है। चिलचिलाती धूप में घंटों जाम में फंसने के कारण लोगों का हाल बेहाल हो गया है। भीषण जाम के आगे ट्रैफिक पुलिस भी बेबस नजर आ रही है। दो पहिया और चार पहिया वाहन से लेकर बडे़ वाहन रेंग रहे हैं। एकलव्य चौराहे पर बैरिकेडिंग कर आवागमन रोक दिया गया है।
Prayagraj : जाम से मचा हाहाकार, पूरे शहर में रेंगते रहे वाहन, चिलचिलाती धूप ने किया बेहाल
स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल में डॉक्टरों और वकीलों के बीच मारपीट के बाद जहां अस्पताल में डॉक्टर हड़ताल पर हैं वहीं वकीलों ने शहर में चक्काजाम कर दिया गया है।
एसआरएन अस्पताल में हुई घटना के बाद दूसरे दिन बृहस्पतिवार को पूरे शहर की यातायात व्यवस्था पटरी से उतर गई। एकलव्य चौराहे पर प्रदर्शन और जगह-जगह पुलिस की बैरिकेडिंग के कारण सुबह 11 बजे से हाईकोर्ट पानी टंकी, सुभाष चौराहा, सुलेमसराय, नवाब यूसुफ रोड समेत अन्य स्थानों पर वाहन रेंगते रहे। महज 10 मिनट का रास्ता तय करने में लोगों को एक घंटे से अधिक का समय लग गया।
एकलव्य चौराहे पर विरोध प्रदर्शन जारी रहा। इस कारण ऑटो सेल्स चौराहा, पत्थर गिरजाघर, पानी टंकी चौराहा, हाईकोर्ट फ्लाई ओवर, नवाब यूसुफ रोड समेत अन्य मार्गों पर भीषण जाम लग गया। हालात ऐसे हो गए कि कई इलाकों में लोग घंटों जाम में फंसे रहे। कई एंबुलेंस भी फंसी रहीं।
यहां भी दिनभर रेंगते रहे
एकलव्य चौराहे पर विरोध प्रदर्शन की वजह से सुबह से ही हाईकोर्ट पानी टंकी, सुभाष चौराहा, सुलेमसराय, धूमनगंज, विवेकानंद चौराहा, हनुमान मंदिर चौराहा, मेडिकल चौराहा, धोबीघाट, फायर ब्रिगेड चौराहा पर वाहन रेंगने लगे। वहीं, लीडर रोड, जानसेनगंज, हीवेट रोड और रामबाग पुल समेत कई प्रमुख स्थानों पर दिनभर जाम लगा रहा।
पैदल निकलना भी हुआ मुश्किल
नवाब यूसुफ रोड और मेडिकल कॉलेज क्षेत्र में स्थिति सबसे अधिक खराब रही। यहां कई एंबुलेंस भी जाम में फंसी रहीं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कुछ एंबुलेंस चालकों ने सायरन बजाकर रास्ता बनाने की कोशिश की, लेकिन सड़क पर वाहनों की लंबी कतार के कारण उन्हें भी काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों के तीमारदार परेशान दिखे। साथ ही पैदल चलने वाले लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
गलियों से रास्ता तलाशते रहे वाहन चालक
मुख्य मार्गों पर जाम बढ़ने के बाद लोग वैकल्पिक रास्तों और गलियों की ओर मुड़ने लगे, इससे छोटी गलियों में भी भारी भीड़ हो गई। ई-रिक्शा, ऑटो, बाइक और कारों के दबाव से मोहल्लों के अंदर की सड़कें भी जाम हो गईं। कई जगहों पर स्थानीय लोगों और वाहन चालकों के बीच कहासुनी की स्थिति भी बनी। गर्मी के कारण राहगीरों और वाहन चालकों का हाल बेहाल रहा। सड़क किनारे खड़े लोग पानी और छांव तलाशते नजर आए।