एसआरएन अस्पताल में बुधवार सुबह महिला अधिवक्ताओं और जूनियर डॉक्टरों के बीच जमकर हंगामा हुआ। अधिवक्ताओं का आरोप है कि इलाज में लापरवाही बरतने का विरोध करने पर जूनियर डॉक्टरों ने कमरे में बंद कर पीटा। गाड़ी की चाभी, चेन और अन्य सामान छीन लिया, सर्जिकल ब्लेड से हमला कर हाथ की नस काटने का प्रयास कर कपड़े फाड़े।
घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच तनातनी हुई, जिसमें कई अधिवक्ता घायल हो गए। डॉक्टरों की गिरफ्तारी की मांग कर अधिवक्ता धरने पर बैठ गए। करीब 11 घंटे बाद पुलिस ने अज्ञात डॉक्टरों के हत्या का प्रयास समेत अन्य धारा में एफआईआर दर्ज की है। महिला अधिवक्ता व उनके साथी अधिवक्ता ने कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि महिला अधिवक्ता बुधवार को अन्य महिला अधिवक्ताओं के साथ हाईकोर्ट ग्राउंड में क्रिकेट अभ्यास कर रही थीं। सुबह करीब 5:30 एक साथी अधिवक्ता के सड़क हादसे में घायल होने की जानकारी मिली।
जिसके बाद सभी लोग उसे उपचार के लिए एसआरएन अस्पताल लेकर पहुंचे। आरोप है कि इमरजेंसी में मौजूद एक जूनियर डॉक्टर सो रहा था। इलाज के लिए जगाने पर वह भड़क गया और महिला अधिवक्ताओं से अभद्रता व गालीगलौज करने लगा। इसके कुछ ही देर में कई जूनियर डॉक्टर एकत्र हो गए और महिला अधिवक्ताओं सहित अन्य अधिवक्ताओं को कमरे में बंद कर बुरी तरह पीटा।
आरोप है कि इस दौरान स्कूटी और कार की चाभी, सोने की चेन और अन्य सामान छीन लिया। वहीं एक अन्य महिला अधिवक्ता पर सर्जिकल ब्लेड से हमला कर हाथ की नस काटने का प्रयास किया गया, जबकि एक अधिवक्ता के कान पर कैंची से वार किया गया, जिससे उनका कान गंभीर रूप से जख्मी हो गया।