सपा जिला सचिव हत्याकांड : हत्यारोपियों की पुलिस के साथ मुठभेड़, हिस्ट्रीशीटर लल्ला यादव समेत दो को लगी गोली
हंडिया में सपा नेता पवन यादव की हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी हिस्ट्रीशीटर लल्ला यादव समेत दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पुलिस की गोली से घायल हैं। उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
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हंडिया में सपा के गंगापार जिला सचिव व पूर्व प्रधान पवन कुमार यादव की हत्या चुनावी रंजिश में पांच लाख रुपये की सुपारी देकर कराई गई थी। पुलिस ने बुधवार को हत्याकांड का खुलासा करते हुए प्रधानपति विनोद यादव समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें से दो आरोपियों की निशानदेही पर अन्य आरोपियों को पकड़ने पहुंची पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़ हो गई।
जवाबी फायरिंग में हिस्ट्रीशीटर जितेंद्र यादव उर्फ लल्ला और निहाल अहमद पैर में गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो तमंचे, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद की है। उधर, आक्रोशित परिजनों ने सड़क पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया।
बुधवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता के दौरान डीसीपी गंगापार कुलदीप सिंह यादव ने बताया कि हंडिया के मुगरांव निवासी पवन कुमार यादव को मंगलवार को कस्बे में पिलर नंबर 52 के पास बाइक सवार बदमाशों ने गोली मार दी थी। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बड़े भाई अशोक कुमार यादव की तहरीर पर हत्या की एफआईआर दर्ज कर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई थी।
पंचायत चुनाव को लेकर चल रही थी रंजिश
जांच में मुगरांव निवासी विनोद कुमार यादव और बगहा निवासी बृजेश यादव का नाम सामने आया। दोनों को बुधवार दोपहर करीब 1:15 बजे सरायकस्तूरी बाग के पास गिरफ्तार किया गया। डीसीपी ने बताया कि आरोपी विनोद ने पूछताछ में बताया कि पवन की हत्या के पीछे पंचायत चुनाव को लेकर दोनों के बीच रंजिश थी। उसकी पत्नी ग्राम प्रधान है और उसे गांव में ईसीसीई एजुकेटर के पद पर संविदा पर लगाए जाने का पवन ने विरोध किया था। बाद में पवन की आपत्ति पर उसे पद से हटा दिया गया था। इस बात से भी दोनों के बीच कई बार विवाद हुआ था।
2022 के हत्याकांड में मुखबिरी का भी था शक
हिस्ट्रीशीटर जितेंद्र उर्फ लल्ला यादव की भी पवन से पुरानी रंजिश थी। लल्ला को शक था कि 2022 में हुए शशांक हत्याकांड में पवन ने उसकी मुखबिरी की थी और उसे जेल भिजवाने में भूमिका निभाई थी। इसी वजह से वह पवन से बदला लेना चाहता था। करीब डेढ़ माह पहले विनोद और लल्ला की मुलाकात हुई। पांच लाख रुपये सुपारी देकर पवन की हत्या कराने की योजना बनाई। इसके लिए विनोद ने लल्ला को 25 हजार रुपये दिए, जिससे उसने तमंचा और कारतूस खरीदा।
डेढ़ माह पहले ज्ञानपुर जेल में बनाई गई हत्या की योजना
पुलिस जांच में सामने आया कि पवन की हत्या की योजना में लल्ला ने अपने साथी बृजेश और ज्ञानपुर बाजार निवासी निहाल अहमद को शामिल किया। लल्ला और निहाल की मुलाकात पहले ज्ञानपुर जेल में हुई थी। लल्ला ने निहाल को हत्या की योजना बताकर गाड़ी चलाने के लिए तैयार किया। इसके बदले उसे 50 हजार रुपये देने का लालच दिया गया।
व्हाट्सएप पर भेजता था रेकी के वीडियो
डीसीपी ने बताया कि आरोपी वारदात से पहले लगातार पवन की रेकी कर रहे थे। निहाल ने अपने मोबाइल फोन से रेकी के कई वीडियो बनाए और उन्हें व्हाट्सएप के जरिये विनोद को भेजे। पुलिस जांच में आरोपी के मोबाइल पर पवन के कई वीडियो मिले हैं यह भी पता चला कि लल्ला फोन का इस्तेमाल नहीं करता था। इसलिए विनोद ने निहाल की यूपीआई आईडी के जरिये कई बार लल्ला को रुपये भेजे। इन लेनदेन के स्क्रीनशॉट भी निहाल के मोबाइल पर मिले हैं।
बाग में छिपे थे दोनों, पुलिस को देखकर की फायरिंग
विनोद और बृजेश की निशानदेही पर टीम औरा पुलिया से जसवा की तरफ नहर रोड स्थित बाग में पहुंची। वहां पुलिस को देखकर बाइक सवार दो संदिग्ध भागने लगे। पीछा करने पर दोनों ने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी। घायल दोनों आरोपियों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।