Prayagraj : किसान का क्षत-विक्षत मिला शव, बाहर से बंद था मकान का दरवाजा
कोषड़ा कला गांव में बृहस्पतिवार दोपहर खेत के बीच स्थित डेरा वाले मकान में बलिराम यादव (45) पुत्र स्व. अछैबर यादव का क्षत-विक्षत शव मिलने से सनसनी फैल गई। शव बक्से और चारपाई के बीच पड़ा था।
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कोषड़ा कला गांव में बृहस्पतिवार दोपहर खेत के बीच स्थित डेरा वाले मकान में बलिराम यादव (45) पुत्र स्व. अछैबर यादव का क्षत-विक्षत शव मिलने से सनसनी फैल गई। शव बक्से और चारपाई के बीच पड़ा था। सिर से सीने तक फफोले पड़े थे। दांत टूटे थे और कान व मुंह से रक्तस्राव के निशान थे। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जांच कर साक्ष्य जुटाए। शव पोस्टमार्टम के लिए शहर भेज दिया गया।
थाना प्रभारी कुलदीप शर्मा ने बताया कि शव के पास हीटर और पंखा मिला है। प्रथम दृष्टया करंट लगने से मौत की आशंका है। हालांकि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा। लिखित तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर खेत में बलिराम का टीन वाला डेरा मकान था। सुनसान जगह होने के कारण वहां लोगों की आवाजाही कम थी। परिवार के मवेशी इसी डेरा में बांधे जाते थे और सिंचाई के लिए नलकूप भी लगा था। बलिराम अविवाहित थे और अकेले रहते थे। तीन गायों के दूध से होने वाली आमदनी से उनका गुजारा चलता था। वह अपना खाना भी खुद बनाते थे।
प्रथम दृष्टया करंट लगने से मौत की आशंका
बुधवार दोपहर उन्हें गांव की चक्की से पशुओं के लिए चुनी-दरब लेकर डेरा की ओर जाते देखा गया था। इसके बाद बुधवार शाम वह दूध पहुंचाने नहीं गए। बृहस्पतिवार सुबह भी जिन घरों में दूध देते थे, वहां दूध नहीं पहुंचा। इस पर गांव के बबलू ने करीब 11 बजे बलिराम के बारे में जानकारी की। बलिराम के छोटे भाई की पत्नी लक्ष्मीना ने अपनी बेटियों आंचल और अर्चना को बड़े पिता को देखने डेरा भेजा। दोपहर करीब 12 बजे दोनों वहां पहुंचीं तो दरवाजा बंद था। आसपास देखने पर बलिराम नहीं दिखे। अर्चना ने मां को फोन कर बताया कि बड़े पिता नहीं हैं, केवल दरवाजे पर कुंडी लगी है और मवेशी भी बंधे हैं, उन्हें चराने नहीं ले जाया गया है।
लक्ष्मीना ने कहा कि संभव है बलिराम कहीं गए हों और लौट आएं। उन्होंने अंदर की ताला लेकर दरवाजा बंद करने को कहा। अर्चना ने दरवाजा खोला तो कमरे में बक्से और चारपाई के बीच बलिराम का शव पड़ा था। चीख सुनकर आंचल भी अंदर पहुंची। दोनों चीखते हुए बाहर भागीं। शोर सुनकर रिश्तेदार और ग्रामीण जुट गए। परिजनों ने डायल 112 पर सूचना दी। पुलिस के अनुसार शव सड़ना शुरू हो गया था। इससे मौत करीब 24 घंटे या उससे पहले होने का अनुमान है।
पुरानी मारपीट से गहराया हत्या का शक
बलिराम की भयाहू लक्ष्मीना और भतीजियों काजल, आंचल व अर्चना ने बताया कि 28 अप्रैल को रास्ते के विवाद में पड़ोसियों ने बलिराम के साथ मारपीट की थी। मामले में तहरीर भी दी गई थी। बाद में ग्रामीणों के समझाने पर दोनों पक्षों में समझौता हो गया था। बलिराम तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके दो छोटे भाई ननकऊ और लुख्खुर यादव हैं। लुख्खुर अविवाहित हैं और ननकऊ के साथ रहते हैं। बलिराम की मौत के बाद परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों के अनुसार बलिराम के चेहरे और गुप्तांग पर सूजन व चोट के निशान भी थे।
इलाज के दौरान युवक की गई जान, तोड़फोड़
सरायइनायत थाना क्षेत्र के हबूसामोड़ स्थित एक अस्पताल में हर्निया का ऑपरेशन के बाद इलाज के दौरान एक युवक की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर अस्पताल में तोड़फोड़ कर जीटी रोड पर चक्काजाम कर दिया। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर जबरन शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा तो ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया और रोडवेज बस सहित कई वाहनों के शीशे टूट गए।
क्षेत्र के डोडापुर गांव निवासी रमाशंकर भारतीय उर्फ पप्पू (35) मजदूरी करता था। बीते 29 अगस्त को पेट दर्द की शिकायत पर हबूसामोड़ स्थित तेजस हॉस्पिटल एवं अल्ट्रासाउंड में भर्ती हुआ था। परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने हर्निया होना बताया और दो दिन पहले ऑपरेशन किया गया था। बृहस्पतिवार को करीब तीन बजे इलाज के दौरान रामशंकर की मौत हो गई तो परिजन आक्रोशित हो गए। एसीपी थरवई अजेंद्र यादव का कहना है कि परिजनों की ओर से तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।