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चाकू से गोदकर छोटे भाई को मार डाला
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 18 Nov 2017 01:20 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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उपरदहा स्थित बैंक ऑफ इंडिया के ग्राहक सेवा केंद्र के भीतर शुक्रवार सुबह संचालक आलोक मिश्रा उर्फ गुड्डू (26) की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। मानसिक रोगी बड़े भाई ने ही उसे चाकू से गोद डाला और घर जाकर मां से कहा कि बदमाशों ने भाई का कत्ल कर दिया है। मां समेत परिजन केंद्र पहुंचे और हंडिया थाने की पुलिस को भी बुलाया। जांच में बड़े भाई के बैग में चाकू मिलने पर पूछताछ की गई तो उसने गुनाह कुबूल कर लिया।
भदोही जनपद के कोइरौना इलाके में भरद्वार सूर्यभानपुर गांव निवासी राजकुमार मिश्रा हंडिया थाने के निकट स्थित कोऑपरेटिव बैंक में कार्यरत हैं। वह परिवार सहित कस्बे के वार्ड संख्या छह में रहने लगे थे। उनके दो बेटों में छोटे आलोक मिश्रा उर्फ गुड्डू (25) ने उपरदहा में जीटी रोड किनारे बैंक ऑफ इंडिया का ग्राहक सेवा केंद्र खोल रखा था। आज सुबह करीब नौ बजे वह घर से बाइक पर करीब पांच किलोमीटर दूर ग्राहक सेवा केंद्र पहुंचा। पीछे से बड़ा भाई जीतेंद्र उर्फ बंटू भी बाइक पर वहां पहुंच गया। उसके हाथ में एक बैग भी था। कुछ देर बाद उसने बाहर निकलकर केंद्र का शटर गिराया और बाइक पर घर चला गया। उसने मां निर्मला से कहा कि आलोक को केंद्र के भीतर चार लोगों ने चाकू मार दिया है। यह सुनते ही बदहवास मां निर्मला उसके साथ बाइक पर केंद्र के लिए रवाना हो गई।
शटर उठाकर वे दोनों केंद्र के अंदर गए तो कमरे में आलोक फर्श पर खून से लथपथ पड़ा मिला। उसे उठाकर निजी अस्पताल ले जाया। वहां से रेफर किए जाने पर उपरदहा मेें स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि उसकी मौत हो चुकी है। इसी बीच खबर पाकर पिता राजकुमार मिश्रा के अलावा बरौत चौकी प्रभारी निखिलेश तिवारी के साथ हंडिया पुलिस भी मौके पर पहुंची। मां निर्मला ने पुलिस को चार अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने आसपास के लोगों से बात की तो बड़े भाई जीतेंद्र पर शक गया। लोगों ने बताया कि वही बैग लेकर केंद्र के भीतर गया था। फिर वही बैग लेकर निकला और शटर गिराकर बाइक पर चला गया था। इस बीच किसी और को भागते नहीं देखा गया था। पुलिस ने केंद्र के सामने पेट्रोल पंप में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी तो साफ हो गया कि जीतेंद्र ही कातिल है। उसे हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने घर जाकर तलाशी ली तो बेड के नीचे छिपाया बैग मिला। उसके अंदर खून सना चाकू बरामद हो गया।
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पुलिस ने जीतेंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने कुछ देर टालमटोल के बाद हत्या का गुनाह कुबूल लिया। उसने कहा कि छोटे भाई आलोक ने उसे बुधवार को डंडे से मारा था तभी उसने ठान लिया कि वह उसका कत्ल कर दिया। उसने शाम को ही बाजार से चाकू खरीदकर बैग में रख लिया। सुबह आलोक के निकलने के बाद वह भी पीछे से केंद्र में पहुंचा और उसके पास कुर्सी में बैठ गया। आलोक को काम में जुटा देख जीतेंद्र ने बैग से चाकू निकाल उसके गले पर वार कर दिया। आलोक कुर्सी समेत फर्श पर गिरा तो उसके सीने, पेट, कमर पर नौ प्रहार किए, फिर चाकू को बैग में रख शटर गिराकर वह घर चला गया।
जांच में पुलिस को पता चला कि जीतेंद्र की मानसिक हालत कई महीने से ठीक नहीं है। वह पत्नी सुनीता और दो बच्चों के साथ पूना में नौकरी करता था। वहीं सिर पर चोट लगी तो वह परिवार सहित घर चला आया। यहां डॉ. कार्तिकेय शर्मा से उसका इलाज कराया जा रहा था मगर उसकी दिमागी स्थिति खराब होती गई। वह उग्र हरकतें करने लगा। उसने कई बार मां का गला दबाने की कोशिश की। करीब दो महीन पहले पत्नी का भी गला दबाया तो वह औराई में अपने मायके चली गई थी। बृहस्पतिवार को भी उसने घर में मारपीट की तभी छोटे भाई आलोक ने उस पर डंडे से प्रहार किया था, मगर इतनी सी बात पर जीतेंद्र ने उसका कत्ल कर दिया।
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भदोही जनपद के कोइरौना इलाके में भरद्वार सूर्यभानपुर गांव निवासी राजकुमार मिश्रा हंडिया थाने के निकट स्थित कोऑपरेटिव बैंक में कार्यरत हैं। वह परिवार सहित कस्बे के वार्ड संख्या छह में रहने लगे थे। उनके दो बेटों में छोटे आलोक मिश्रा उर्फ गुड्डू (25) ने उपरदहा में जीटी रोड किनारे बैंक ऑफ इंडिया का ग्राहक सेवा केंद्र खोल रखा था। आज सुबह करीब नौ बजे वह घर से बाइक पर करीब पांच किलोमीटर दूर ग्राहक सेवा केंद्र पहुंचा। पीछे से बड़ा भाई जीतेंद्र उर्फ बंटू भी बाइक पर वहां पहुंच गया। उसके हाथ में एक बैग भी था। कुछ देर बाद उसने बाहर निकलकर केंद्र का शटर गिराया और बाइक पर घर चला गया। उसने मां निर्मला से कहा कि आलोक को केंद्र के भीतर चार लोगों ने चाकू मार दिया है। यह सुनते ही बदहवास मां निर्मला उसके साथ बाइक पर केंद्र के लिए रवाना हो गई।
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शटर उठाकर वे दोनों केंद्र के अंदर गए तो कमरे में आलोक फर्श पर खून से लथपथ पड़ा मिला। उसे उठाकर निजी अस्पताल ले जाया। वहां से रेफर किए जाने पर उपरदहा मेें स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि उसकी मौत हो चुकी है। इसी बीच खबर पाकर पिता राजकुमार मिश्रा के अलावा बरौत चौकी प्रभारी निखिलेश तिवारी के साथ हंडिया पुलिस भी मौके पर पहुंची। मां निर्मला ने पुलिस को चार अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने आसपास के लोगों से बात की तो बड़े भाई जीतेंद्र पर शक गया। लोगों ने बताया कि वही बैग लेकर केंद्र के भीतर गया था। फिर वही बैग लेकर निकला और शटर गिराकर बाइक पर चला गया था। इस बीच किसी और को भागते नहीं देखा गया था। पुलिस ने केंद्र के सामने पेट्रोल पंप में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी तो साफ हो गया कि जीतेंद्र ही कातिल है। उसे हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने घर जाकर तलाशी ली तो बेड के नीचे छिपाया बैग मिला। उसके अंदर खून सना चाकू बरामद हो गया।
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पुलिस ने जीतेंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने कुछ देर टालमटोल के बाद हत्या का गुनाह कुबूल लिया। उसने कहा कि छोटे भाई आलोक ने उसे बुधवार को डंडे से मारा था तभी उसने ठान लिया कि वह उसका कत्ल कर दिया। उसने शाम को ही बाजार से चाकू खरीदकर बैग में रख लिया। सुबह आलोक के निकलने के बाद वह भी पीछे से केंद्र में पहुंचा और उसके पास कुर्सी में बैठ गया। आलोक को काम में जुटा देख जीतेंद्र ने बैग से चाकू निकाल उसके गले पर वार कर दिया। आलोक कुर्सी समेत फर्श पर गिरा तो उसके सीने, पेट, कमर पर नौ प्रहार किए, फिर चाकू को बैग में रख शटर गिराकर वह घर चला गया।
जांच में पुलिस को पता चला कि जीतेंद्र की मानसिक हालत कई महीने से ठीक नहीं है। वह पत्नी सुनीता और दो बच्चों के साथ पूना में नौकरी करता था। वहीं सिर पर चोट लगी तो वह परिवार सहित घर चला आया। यहां डॉ. कार्तिकेय शर्मा से उसका इलाज कराया जा रहा था मगर उसकी दिमागी स्थिति खराब होती गई। वह उग्र हरकतें करने लगा। उसने कई बार मां का गला दबाने की कोशिश की। करीब दो महीन पहले पत्नी का भी गला दबाया तो वह औराई में अपने मायके चली गई थी। बृहस्पतिवार को भी उसने घर में मारपीट की तभी छोटे भाई आलोक ने उस पर डंडे से प्रहार किया था, मगर इतनी सी बात पर जीतेंद्र ने उसका कत्ल कर दिया।