फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   इविवि में छात्रों से छेड़खानी, दो छात्र निष्कासित

इविवि में छात्रों से छेड़खानी, दो छात्र निष्कासित

Fri, 24 Nov 2017 11:06 PM IST
Updated Fri, 24 Nov 2017 11:06 PM IST
विज्ञापन
इविवि में छात्रों से छेड़खानी, दो छात्र निष्कासित
इविवि में छात्रा से छेड़खानी, दो छात्र निष्कासित
विज्ञापन

छेड़खानी का विरोध करने पर छात्रा को धमकाया, जूनियर छात्र को पीटा
विश्वविद्यालय से नामांकन निरस्त, दोनों अभिभावक संग किए गए तलब
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में एक छात्रा से छेड़खानी का मामला फिर सामने आया है। छेड़खानी कर रहे दो छात्रों ने विरोध करने पर छात्रा को धमकाया और छेड़खानी का विरोध कर रहे अपने जूनियर छात्र को जमकर मारापीटा। मामले में दोनों छात्रों को इविवि से निष्कासित कर दिया गया है और उनका नामांकन निरस्त किया गया है। दोनों को अभिभावकों के साथ उपस्थित होकर कारण बताने को कहा गया है कि आखिर उन्होंने यह जघन्य कृत्य क्यों किया। दोनों छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए थाने में तहरीर भी दे दी गई है।
बीए तृतीय वर्ष के छात्र अनिल कुमार और चंद्रेश सिंह केपीयूपी हॉस्टल में रहते हैं। दोनों कई दिनों से एक छात्रा का पीछा कर रहे थे और अक्सर उस पर छींटाकशी करते थे। 22 नवंबर को भी दोनों ने मध्यकालीन इतिहास विभाग से छात्रसंघ भवन तक छात्रा का पीछा किया। उन्होंने छींटाकशी तो छात्रा ने विरोध कर दिया। इस पर दोनों छात्रा को धमकाने लगे। इस बीच वहां मौजूद बीए प्रथम वर्ष के छात्र ऋषभ द्विवेदी ने दोनों को ऐसा करने से मना किया तो उन्होंने ऋषम की जमकर पिटाई कर दी।
विज्ञापन

मामला चीफ प्रॉक्टर कार्यालय तक पहुंच गया। चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे ने छेड़खानी के आरोपी दोनों छात्रों को दफ्तर बुलाया तो छात्रा ने उन्हें पहचान लिया। चीफ प्रॉक्टर से शुक्रवार को छेड़खानी के आरोपी दोनों छात्रों को अनुशासनहीन और आपराधिक आचरण में लिप्त मानते हुए तत्काल प्रभाव से विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया और उनका नामांकन भी निरस्त कर दिया। साथ ही दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए कहा है कि वे पांच दिसंबर को शाम चार से पांच बजे के बीच अपने पिता या संरक्षक के साथ चीफ प्रॉक्टर कार्यालय में उपस्थित होकर बताएं कि उन्होंने ऐसा क्यों किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed