Mahakumbh : बीटेक की पढ़ाई छोड़कर भरत ने अपनाया वैराग्य, सपना था साॅफ्टवेयर इंजीनियर बनने का
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 14 Jan 2025 12:14 PM IST
सार
प्रथम वर्ष के दौरान मन में सवाल आया कि इस जीवन का ध्येय क्या है, क्या करेंगे इंजीनियर बन के। इसका उत्तर जानने के लिए हरे कृष्णा मूवमेंट से जुड़े। इसके बाद जीवन का लक्ष्य परमात्मा के करीब पहुंचना हो गया। वह माता-पिता के इकलौते बेटे है।
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भरतर्षभा दास।
- फोटो : अमर उजाला।