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किसान चिंतित: गेहूं के बचपन पर गर्मी का ग्रहण, छोटा रह गया पौधा, दाना भी होगा कमजोर
Fri, 14 Feb 2025 02:28 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Fri, 14 Feb 2025 02:28 PM IST
सार
जनवरी के बाद गेहूं की फसल में बाली आने लगती है व होली के बाद पकने लगती है। मगर 15 जनवरी के बाद से बढ़े तापमान से इस बार जल्दी गर्मी आ गई है। जिससे गेहूं के पौधे की बढ़वार थम गई है।
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गेहूं की फसल से चिंता में किसान
- फोटो : संवाद
विस्तार
मौसम में जल्द आई गर्माहट ने गेहूं की फसल को बुरी तरह से प्रभावित किया है। गेहूं के पौधे की तो बढ़वार ही थम गई है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि गेहूं का दाना भी कमजोर रह जाएगा। पैदावार में भी पंद्रह से बीस फीसदी की गिरावट आने का अंदेशा जताया जा रहा है। हालांकि अगेती बुवाई करने वाले किसानों को ज्यादा नुकसान नहीं माना जा रहा है।
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अलीगढ़ जनपद में 3.20 लाख किसानों ने 2.05 लाख हेक्टेयर भूमि पर गेंहू की फसल की बुवाई की है। नियत समय या थोड़ा विलंब से बोई गई फसल बाली देने वाली अवधि में अब तक आधी ऊंचाई तक ही पहुंची है। अब अगर बारिश या ओस नहीं मिली तो गेहूं का दाना पतला होगा व उपज में गिरावट होगी। जिले में सबसे अधिक गेहूं की फसल अतरौली, खैर, टप्पल और सबसे कम इगलास व गोंडा में होती है।
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गेहूं की बुवाई की बात करें तो नवंबर मध्य ही सही समय है। कुछ किसान खेत खाली होने पर 15 नवंबर से पहले भी बुवाई करते हैं। जनवरी के बाद फसल में बाली आने लगती है व होली के बाद पकने लगती है। मगर 15 जनवरी के बाद से बढ़े तापमान से इस बार जल्दी गर्मी आ गई है। जिससे गेहूं के पौधे की बढ़वार थम गई है।
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तापमान बढ़ने से गेहूं की पैदावार में कमी आ सकती है। अबकी बार समय से पहले गर्मी पड़ने से फसल पर सीधा प्रभाव पड़ा है।-धीरेंद्र सिंह, जिला कृषि अधिकारी